प्रयागराज में कब से शुरू होगा माघ मेला और कितने दिन तक चलेगा? जानें कब-कब हैं प्रमुख स्नान पर्व
प्रयागराज में आगामी माघ मेला 51 दिनों तक चलेगा, जिसकी प्रमुख स्नान पर्वों की तारीखें घोषित कर दी गई हैं. मकर संक्रांति से शुरू होकर मेला महाशिवरात्रि के स्नान पर्व के साथ संपन्न होगा.
Magh Mela 2027 Prayagraj: प्रयागराज में संगम की रेती पर लगने वाले माघ मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. मेला प्रशासन ने इस बार मेले की अवधि और प्रमुख स्नान पर्वों की तारीखों का ऐलान कर दिया है. प्रशासन के मुताबिक, इस बार माघ मेला 51 दिनों तक चलेगा और इसके लिए अलग-अलग विभागों को समय से अपनी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं.
मेले का पहला प्रमुख स्नान पर्व 15 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ होगा. इसके बाद 29 जनवरी को पौष पूर्णिमा का स्नान पर्व पड़ेगा. वहीं 5 फरवरी को मौनी अमावस्या के मौके पर श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे. इसके बाद 11 फरवरी को बसंत पंचमी का स्नान पर्व होगा. माघ मेले का एक और महत्वपूर्ण स्नान 20 फरवरी को माघी पूर्णिमा पर होगा. वहीं 6 मार्च को महाशिवरात्रि के स्नान पर्व के साथ मेला संपन्न होगा.
तैयारियों में जुटा मेला प्रशासन
स्नान पर्वों की तारीखें तय होने के साथ ही प्रशासन ने मेले की तैयारियों को लेकर संबंधित विभागों को काम तेज करने के निर्देश दिए हैं. एडीएम माघ मेला की ओर से 6 जनवरी तक जल निगम, जलकल, विद्युत विभाग, पुलिस आयुक्त, रेलवे और रोडवेज समेत संबंधित विभागों को अपनी-अपनी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है. इसका मकसद यह है कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और प्रमुख स्नान पर्वों से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रहें.
पानी, बिजली से लेकर सुरक्षा तक पर फोकस
माघ मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद को देखते हुए प्रशासन का फोकस पेयजल, बिजली, साफ-सफाई, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर रहेगा. संबंधित विभागों को अपने हिस्से के काम समय से पूरा करने के लिए कहा गया है. इसके अलावा, मेले में इस्तेमाल होने वाले जरूरी सामान की खरीद प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन चाहता है कि सामान और संसाधनों की व्यवस्था पहले से हो जाए, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी सामने न आए.
51 दिनों तक संगम नगरी में रहेगी मेले की रौनक
माघ मेला प्रयागराज के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है. इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु संगम पहुंचते हैं. ऐसे में प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा, परिवहन और बुनियादी सुविधाओं को व्यवस्थित रखने की बड़ी जिम्मेदारी रहती है.
फिलहाल मेला प्रशासन ने विभागों को अपनी तैयारियों की कार्ययोजना बनाने और जरूरी खरीदारी की प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया है। आने वाले दिनों में मेला क्षेत्र में तैयारियां और तेज होने की उम्मीद है.




