दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP (Cockroach Janta Party) के आंदोलन के बाद चर्चा में आए अभिजीत दीपके अब एक नए विवाद के केंद्र में हैं. इस बार सवाल उनके आंदोलन या राजनीति पर नहीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी और शैक्षणिक पृष्ठभूमि पर उठ रहे हैं. सोशल मीडिया पर उनकी बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई और उसके खर्च को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं. इसी बीच गुजरात के सूरत के एक RTI कार्यकर्ता ने उनके और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति की जांच की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में सवाल उठाया गया है कि एक सरकारी कर्मचारी के बेटे की विदेश में महंगी पढ़ाई का खर्च आखिर कैसे उठा. वहीं अभिजीत दीपके ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनकी पढ़ाई स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन के जरिए हुई है. उन्होंने दावा किया कि जरूरत पड़ने पर वह इससे जुड़े सभी आधिकारिक दस्तावेज भी दिखाने के लिए तैयार हैं. अब यह मामला सोशल मीडिया से निकलकर सार्वजनिक बहस का विषय बन गया है.