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Auqib Nabi Dar Story: कभी दोस्तों से उधार जूते मांगकर खेलते थे आकिब, अब बुमराह की जगह पहली बार टेस्ट टीम में हुए शामिल

जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी डार को जसप्रीत बुमराह की जगह पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है. रणजी ट्रॉफी में 60 विकेट लेने वाले आकिब का टीम इंडिया तक पहुंचने का सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है.

Auqib Nabi Dar Struggle Story
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Auqib Nabi Dar 

Auqib Nabi Dar Struggle Story: जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी डार के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का दरवाजा पहली बार खुल गया है. जसप्रीत बुमराह के चोटिल होने की वजह से श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर होने के बाद चयन समिति ने आकिब को उनकी जगह टीम में शामिल किया है. यानी जिस खिलाड़ी ने घरेलू क्रिकेट में अपनी गेंदबाजी से लगातार प्रभावित किया, अब उसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका मिलेगा.

आकिब की कहानी सिर्फ एक क्रिकेटर के टीम इंडिया तक पहुंचने की कहानी नहीं है, बल्कि छोटे शहर से बड़े सपने देखने और मुश्किलों के बावजूद उन्हें पूरा करने की कहानी भी है. बारामूला के शीरी गांव से निकलकर ट्रेनिंग के लिए 50-60 किलोमीटर दूर श्रीनगर जाना, शुरुआती दौर में दोस्तों से जूते उधार लेकर खेलना और फिर जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाना, आकिब का सफर काफी खास रहा है.




कौन हैं आकिब नबी डार?

  • आकिब नबी डार जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज हैं. हवा में गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की उनकी क्षमता के कारण उन्हें 'बारामूला एक्सप्रेस' के नाम से भी जाना जाता है.
  • आकिब का जन्म 4 नवंबर 1996 को उत्तरी कश्मीर के बारामूला के शीरी गांव में हुआ था. भारतीय टीम में जगह बनाकर उन्होंने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए भी एक नया अध्याय लिखा है. उनसे पहले परवेज रसूल और उमरान मलिक भारतीय राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन आकिब जम्मू-कश्मीर से भारतीय टेस्ट स्क्वाड में जगह बनाने वाले पहले खिलाड़ी हैं.
  • जसप्रीत बुमराह के बाएं घुटने की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाने के कारण उन्हें श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर रखा गया है. इसके बाद भारतीय पुरुष चयन समिति ने आकिब नबी को उनके स्थान पर टीम में शामिल किया.
  • आकिब को टीम इंडिया तक पहुंचाने में उनके घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन की सबसे बड़ी भूमिका रही है. पिछले दो रणजी ट्रॉफी सीजन में उन्होंने कुल 104 विकेट लिए हैं. इनमें 2025-26 सीजन के 60 विकेट शामिल हैं, जो उन्होंने सिर्फ 10 मैचों की 17 पारियों में 12.65 के औसत से चटकाए. इस तरह वे टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने.
  • आकिब की गेंदबाजी जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी जीत में बेहद अहम रही. यही वजह है कि उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया.
  • जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया और उस ऐतिहासिक अभियान में आकिब की गेंदबाजी सबसे बड़ी ताकतों में से एक रही.
  • आकिब की पहचान सिर्फ रणजी ट्रॉफी के प्रदर्शन तक सीमित नहीं . वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में लगातार चार गेंदों पर चार विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज भी हैं. यानी घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन लगातार एक जैसा नहीं रहा, बल्कि अलग-अलग टूर्नामेंट में उन्होंने अपनी गेंदबाजी की क्षमता दिखाई है.
  • घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन का असर IPL में भी दिखाई दिया. IPL 2026 की नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने आकिब नबी को 8.40 करोड़ रुपये की बड़ी रकम में खरीदा. यह उनके करियर में एक बड़ा मोड़ था. हालांकि अब टीम इंडिया का बुलावा उनके लिए इससे भी बड़ा मौका है.
  • आकिब को सिर्फ गेंदबाज कहना उनकी पूरी क्षमता को नहीं दर्शाता. वह निचले क्रम में बल्लेबाजी भी कर सकते हैं. उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में हैदराबाद के खिलाफ नंबर-8 पर बल्लेबाजी करते हुए 82 गेंदों पर नाबाद 114 रन की शतकीय पारी खेली थी.
  • प्रथम श्रेणी क्रिकेट में आकिब के नाम 43 मैचों में करीब 18.37 के औसत से 162 विकेट हैं. इस दौरान उन्होंने 16 बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा किया है.
  • आकिब की कहानी का सबसे भावुक हिस्सा उनके संघर्ष से जुड़ा है. बारामूला के छोटे से इलाके में क्रिकेट की सुविधाएं पर्याप्त नहीं थीं. ऐसे में वह ट्रेनिंग के लिए करीब 50 से 60 किलोमीटर दूर श्रीनगर जाते थे. उनके पिता गुलाम नबी डार सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं और चाहते थे कि बेटा डॉक्टर बने, लेकिन आकिब का सपना क्रिकेट था.
  • शुरुआती दिनों में हालात ऐसे थे कि उनके पास क्रिकेट खेलने के लिए स्पाइक्स खरीदने तक के पैसे नहीं थे. वह दोस्तों से जूते उधार लेकर क्रिकेट खेलते थे. आज वही खिलाड़ी भारतीय टेस्ट टीम की जर्सी पहनने की दहलीज पर खड़ा है.


अब सामने है सबसे बड़ा टेस्ट

घरेलू क्रिकेट में आकिब ने विकेटों की झड़ी लगाई, जम्मू-कश्मीर को पहली रणजी ट्रॉफी जिताने में अहम योगदान दिया, IPL में करोड़ों की बोली हासिल की और अब उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में पहली बार जगह मिल गई है... लेकिन टीम इंडिया में शामिल होना सफर का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है. श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में अगर उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है तो आकिब के पास यह साबित करने का मौका होगा कि बारामूला से निकली उनकी रफ्तार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उतनी ही असरदार है.



भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 से 19 अगस्त तक गाले में खेला जाना है, जबकि दूसरा टेस्ट 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो में होगा. यह सीरीज मौजूदा World Test Championship (WTC) cycle का हिस्सा है.

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