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आंखों में आंसू, दिलों में खुशी! 28 साल बाद घर वापस लौटा 'मृत' युवक, SIR बनी वापसी की वजह

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खतौली कस्बे में उस समय भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जब लगभग तीन दशकों से मृत माने जा रहे एक बुजुर्ग व्यक्ति अचानक अपने घर लौट आए. मोहल्ला बलकारम निवासी शरीफ की 28 साल बाद हुई इस वापसी ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे इलाके को हैरान और भावुक कर दिया.

आंखों में आंसू, दिलों में खुशी! 28 साल बाद घर वापस लौटा मृत युवक, SIR बनी वापसी की वजह
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( Image Source:  X/ @vishalr25690560 )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर

Updated on: 1 Jan 2026 11:57 AM IST

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खतौली कस्बे में उस समय भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जब लगभग तीन दशकों से मृत माने जा रहे एक बुजुर्ग व्यक्ति अचानक अपने घर लौट आए. मोहल्ला बलकारम निवासी शरीफ की 28 साल बाद हुई इस वापसी ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे इलाके को हैरान और भावुक कर दिया.

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लंबे समय से जिनकी कोई खबर नहीं थी और जिन्हें परिवार ने समय के साथ मृत मान लिया था, उनका यूं अचानक सामने आना किसी चमत्कार से कम नहीं था. यह मिलन उस वक्त संभव हुआ, जब सरकारी प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों की जरूरत के कारण शरीफ अपने पैतृक घर पहुंचे.

1997 में टूटा था पहला रिश्ता, फिर बदल गई जिंदगी

परिवार के अनुसार, शरीफ की पहली पत्नी का साल 1997 में निधन हो गया था. इस गहरे सदमे के बाद उन्होंने दूसरा विवाह किया और अपनी दूसरी पत्नी के साथ पश्चिम बंगाल चले गए. शुरुआती कुछ सालों तक परिजनों से लैंडलाइन फोन के जरिए संपर्क बना रहा, लेकिन समय के साथ बातचीत पूरी तरह खत्म हो गई.

पश्चिम बंगाल में कई साल तक चली तलाश

शरीफ के पश्चिम बंगाल जाने के बाद परिवार ने उनसे संपर्क बनाए रखने की पूरी कोशिश की. जिस पते की जानकारी उन्होंने दी थी, वहां कई बार संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी. धीरे-धीरे साल बीतते गए और परिवार ने यह मान लिया कि शायद अब वे इस दुनिया में नहीं रहे.

SIR प्रक्रिया बनी घर वापसी की वजह

करीब 28 सालों बाद शरीफ दो दिन पहले अचानक खतौली पहुंचे. बताया जा रहा है कि चल रही एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करने के चलते उन्हें अपने पैतृक घर आना पड़ा. यह उनकी लगभग तीन दशकों में पहली घर वापसी थी. उनके पहुंचते ही परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और रिश्तेदारों में खुशी और आश्चर्य का माहौल बन गया. कई लोगों को पहले तो इस खबर पर यकीन ही नहीं हुआ.

15–20 साल तक होती रही खोज

शरीफ के भतीजे मोहम्मद अकलीम ने बताया कि परिवार ने पश्चिम बंगाल के कई इलाकों, जैसे खड़गपुर और आसनसोल, में करीब 15 से 20 सालों तक उनकी तलाश की. हर संभव जगह पूछताछ की गई, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा. जब शरीफ के लौटने की सूचना मिली, तो परिवार को इस पर भरोसा करने में वक्त लगा.

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