तुम्हें भी खरीद लेगा.... मेरठ रैली में Shahukh Khan को गद्दार कहे जाने पर बढ़ा विवाद, सुपरस्टार के बचाव में उतरे फैंस
संगीत सोम के ये बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए हैं. इससे खेल, राजनीति और मशहूर हस्तियों के आपसी संबंधों पर बड़ी बहस छिड़ गई है. कई लोग इसे खेल को राजनीति से जोड़ने की कोशिश बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर चिंता जता रहे हैं.
मेरठ शहर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक संगीत सोम ने बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान पर बहुत तीखी और विवादास्पद टिप्पणी की. इससे वे काफी विवादों में घिर गए हैं. कार्यक्रम में बोलते हुए संगीत सोम ने पड़ोसी देश बांग्लादेश में हो रही कुछ घटनाओं को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) क्रिकेट टूर्नामेंट से जोड़ा. इससे राजनीतिक और भावनात्मक मुद्दे जुड़ गए, और सोशल मीडिया पर इसकी जोरदार बहस शुरू हो गई. उनके ये बयान जल्दी ही ऑनलाइन वायरल हो गए, और अलग-अलग राजनीतिक दलों तथा विचारधाराओं के लोग इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे.
अपने भाषण में संगीत सोम ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रही हिंसा और अत्याचारों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. उनका आरोप था कि इन गंभीर हालात के बावजूद कुछ लोग सिर्फ अपने व्यापारिक फायदे और पैसे के लिए सब कुछ भुला देते हैं. इसी बात को जोड़ते हुए उन्होंने आईपीएल का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि शाहरुख खान की को-ओनरशिप राइट वाली टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने हाल ही में हुई आईपीएल नीलामी में बांग्लादेश के एक तेज गेंदबाज क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को बड़ी रकम देकर खरीदा है.
स्टेट मिरर अब WhatsApp पर भी, सब्सक्राइब करने के लिए क्लिक करें
'शाहरुख़ देश का गद्दार'
संगीत सोम ने तर्क दिया कि बांग्लादेश में चल रही मुश्किल स्थितियों को देखते हुए ऐसा करना बहुत असंवेदनशील है और यह देश की भावनाओं के खिलाफ है. उनके बयान में शाहरुख खान के लिए काफी कड़ी और तीखी भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिसकी वजह से यह मामला इतना बड़ा विवाद बन गया. उन्होंने शाहरुख खान को 'देश का गद्दार' तक कह डाला और यह भी कहा कि ऐसे लोग देश में रहने के हकदार नहीं हैं. संगीत सोम ने अपने भाषण में कोई सरकारी आंकड़े या आधिकारिक बयान का हवाला नहीं दिया.
यूजर्स का रिएक्शन
वहीं अब शाहरुख के कुछ फैंस उनके बचाव में उतर गए हैं. एक ने संगीत सोम को टैग करते हुए लिखा, 'अरे नाले, वो उस टेचो को भी खरीद सकता है, नाले, तुम्हारा रेट क्या है?.' दूसरे ने कहा, 'वो किंग था है और हमेशा रहेगा.' एक अन्य ने कहा, 'नेताओं के लिए हमेशा से सॉफ्ट टारगेट रहा है बॉलीवुड और बॉलीवुड के स्टार्स.'
आईपीएल से जुड़ा मामला क्या था?
यह पूरा विवाद हाल ही में दिसंबर 2025 में हुई आईपीएल 2026 सीजन की मिनी नीलामी से जुड़ा है. इसमें शाहरुख खान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपये की बड़ी रकम देकर अपनी टीम में शामिल किया. यह नीलामी लीग की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा थी, जिसमें कई टीमों ने अलग-अलग खिलाड़ियों पर बोली लगाई. मुस्तफिजुर रहमान एक अनुभवी गेंदबाज हैं और पहले भी कई आईपीएल टीमों के लिए खेल चुके हैं.
भाषण के अन्य हिस्से
संगीत सोम ने अपने पूरे भाषण में केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की तारीफ की. उन्होंने कहा कि इन सरकारों के आने के बाद कानून-व्यवस्था में बहुत सुधार हुआ है और संगठित अपराध पर सख्त कार्रवाई हुई है. उदाहरण के तौर पर उन्होंने अमेठी में हुए एक हालिया अपराध मामले का जिक्र किया, जहां एक गंभीर मामले में आरोपी को जल्दी गिरफ्तार कर लिया गया. इससे उन्होंने सरकार की सख्ती को साबित करने की कोशिश की.
विवाद का असर
संगीत सोम के ये बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए हैं. इससे खेल, राजनीति और मशहूर हस्तियों के आपसी संबंधों पर बड़ी बहस छिड़ गई है. कई लोग इसे खेल को राजनीति से जोड़ने की कोशिश बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर चिंता जता रहे हैं. इस खबर के सामने आने तक शाहरुख खान, उनकी टीम केकेआर या आईपीएल अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. यह मामला अभी भी चर्चा में बना हुआ है और आगे देखना होगा कि इससे क्या नतीजे निकलते हैं.





