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90 मिनट में कानपुर से अयोध्या! यूपी की सबसे बड़ी RRTS परियोजना से बदल जाएगी राजधानी क्षेत्र की तस्वीर

उत्तर प्रदेश सरकार और NCRTC मिलकर कानपुर से अयोध्या तक हाई-स्पीड RRTS कॉरिडोर विकसित करने जा रहे हैं. 187KM लंबे इस प्रोजेक्ट से यात्रा समय घटेगा, रोजगार बढ़ेगा और लखनऊ कैपिटल रीजन को नई पहचान मिलेगी.

90 मिनट में कानपुर से अयोध्या! यूपी की सबसे बड़ी RRTS परियोजना से बदल जाएगी राजधानी क्षेत्र की तस्वीर
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( Image Source:  ANI )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय4 Mins Read

Published on: 16 May 2026 9:21 AM

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को केंद्र में रखकर बनाए जा रहे कैपिटल रीजन का सपना अब धीरे-धीरे हकीकत का रूप ले रहा है. लखनऊ, उन्नाव, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई और रायबरेली जैसे शहरों को आपस में जोड़ने वाले इस बड़े क्षेत्र में आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित की जा रही है. इसके तहत कानपुर, उन्नाव, लखनऊ और अयोध्या को जोड़ने वाली हाई-स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया गया है. 14 मई को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में इस प्रस्ताव पर डिटेल दी गई. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाली है.

कानपुर-अयोध्या सिर्फ 90 मिनट में

यह हाई-स्पीड रैपिड रेल कॉरिडोर कुल 187 किलोमीटर लंबा होगा. यह कानपुर के नयागंज से शुरू होकर उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली होते हुए अयोध्या तक जाएगा. यात्रा का समय बेहद कम होगा कानपुर से अयोध्या पहुंचने में सिर्फ 90 मिनट लगेंगे. इस पूरे रूट पर कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे. इन 12 स्टेशनों के नाम हैं: नयागंज, उन्नाव, बशीरतगंज, नवाबगंज, बंथरा, अमौसी, सुशांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बरेल, सफदरगंज, भिटारिया और अयोध्या.

दो चरणों में होगा विकास

परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा.

पहला चरण: नयागंज से अमौसी तक लगभग 67 किलोमीटर लंबा हिस्सा नमो भारत ट्रेनों से विकसित होगा

दूसरा चरण: अमौसी से आगे अयोध्या तक का बाकी हिस्सा जोड़ा जाएगा

32 हजार करोड़ रुपये का बड़ा निवेश

इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 32 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसे एनसीआरटीसी (NCRTC) और उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर लागू करेंगे.

सिर्फ तेज यात्रा नहीं, आर्थिक विकास का नया इंजन

यह परियोजना केवल लोगों को तेजी से एक शहर से दूसरे शहर ले जाने तक सीमित नहीं है. इसका मुख्य उद्देश्य पूरे कैपिटल रीजन में इंडस्ट्रियल, इकोनॉमिक और टूरिज्म एक्टिविटीज को नई रफ्तार देना है. रोजाना लाखों लोग जो लखनऊ, कानपुर, अयोध्या और आसपास के इलाकों में काम, व्यापार, पढ़ाई या पर्यटन के लिए आते-जाते हैं, उन्हें बहुत बड़ी राहत मिलेगी.

स्टेशनों के आसपास विशेष विकास की योजना:

जुग्गौर – इंस्टीट्यूशनल डिस्ट्रिक्ट

सुशांत गोल्फ सिटी – प्रीमियम नेबरहुड

नयागंज और बंथरा – लॉजिस्टिक डिस्ट्रिक्ट (माल ढुलाई केंद्र)

अमौसी – एयरो-हब डिस्ट्रिक्ट

नवाबगंज और अयोध्या – पर्यटन हब

सफदरगंज – कृषि आधारित औद्योगिक क्षेत्र

लखनऊ बनेगा सबसे बड़ा इंटरचेंज

इस पूरे सिस्टम में लखनऊ को सबसे बड़ी रीजनल इंटरचेंज के रूप में विकसित किया जाएगा. यहां से कानपुर, बाराबंकी और अयोध्या की कनेक्टिविटी बहुत तेज और आसान हो जाएगी. जॉब, बिजनेस, एजुकेशन और धार्मिक पर्यटन के लिए आने-जाने वाले लोगों को बहुत फायदा होगा. 14 मई को हुई बैठक में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की अध्यक्षता में एईकॉम कंपनी ने विस्तृत जानकारी दी. उपाध्यक्ष ने मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी (यानी बस, मेट्रो, रेल आदि को आपस में जोड़ने) और स्टेशनों के आसपास के इलाकों को बेहतर तरीके से विकसित करने पर अतिरिक्त सुझाव भी दिए.

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