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कौन है Ex Muslim यूट्यूबर सलीम वास्तिक, जिसे किया गया अरेस्ट, 26 साल से था फरार, मिली थी उम्र कैद की सजा

दिल्ली पुलिस ने 1995 के अपहरण और हत्या मामले में फरार उम्रकैद दोषी सलीम वास्टिक को लोनी से गिरफ्तार किया. 26 साल तक पहचान बदलकर छिपा आरोपी अब तिहाड़ जेल में.

कौन है Ex Muslim यूट्यूबर सलीम वास्तिक, जिसे किया गया अरेस्ट, 26 साल से था फरार, मिली थी उम्र कैद की सजा
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समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी5 Mins Read

Updated on: 25 April 2026 12:15 PM IST

Ex Muslim Saleem Wastik: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 1995 के एक चर्चित अपहरण और हत्या मामले में फरार चल रहे दोषी सलीम वास्तिक को गिरफ्तार कर लिया है. 54 वर्षीय सलीम वास्तिक, जिसे सलीम अहमद के नाम से भी जाना जाता है, को गाजियाबाद के लोनी इलाके से पकड़ा गया. वह एक 13 वर्षीय बच्चे के अपहरण और हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पा चुका था और लंबे समय से फरार था.

आरोपी खुद को एक्स मुस्लिम बताता है और कहता है कि वह इस्लाम को छोड़ चुका है. वह अक्सर इस्लाम की अलोचना करते हुए यूट्यूब वीडियो भी बनता रहता था और कई पॉडकास्ट में भी शामिल हो चुका था.

क्या है मामला?

पुलिस के मुताबिक, साल 1995 में सलीम वास्तिक ने अपने साथी अनिल के साथ मिलकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक सीमेंट कारोबारी के बेटे संदीप बंसल का अपहरण किया था. आरोपियों ने बच्चे की सुरक्षित रिहाई के बदले 30 हजार रुपये की फिरौती मांगी थी. बाद में बच्चे की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में गोकुलपुरी थाने में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.

जांच के दौरान पुलिस को संदेह सलीम खान पर हुआ, जो उस समय रामजस स्कूल, दरियागंज में मार्शल आर्ट प्रशिक्षक था और मृतक छात्र का परिचित था. पूछताछ में उसने अपराध कबूल किया और पुलिस को मुस्तफाबाद स्थित एक नाले तक ले गया, जहां से बच्चे का शव बरामद हुआ. आगे की जांच में उसके साथी अनिल की भी पहचान हुई, जिसने बाद में अदालत में आत्मसमर्पण किया.

कैसे जेल से बाहर आया सलीम?

मामले की सुनवाई के बाद वर्ष 1997 में अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. हालांकि, सलीम को वर्ष 2000 में दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई, जिसके बाद वह फरार हो गया और दोबारा अदालत में पेश नहीं हुआ. वर्ष 2011 में हाई कोर्ट ने उसकी सजा को बरकरार रखा.

क्या पहचान बदलकर रह रहा था सलीम?

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए सलीम ने खुद को मृत घोषित करा दिया और अपनी पहचान बदलकर सलीम वास्तिक उर्फ सलीम अहमद के नाम से रहने लगा. पिछले 26 वर्षों तक वह हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में छिपता रहा और अंततः गाजियाबाद के लोनी में बस गया, जहां उसने महिलाओं के कपड़ों की दुकान भी खोली.

कैसे क्राइम ब्रांच ने सलीम को पकड़ा?

क्राइम ब्रांच की एआरएससी टीम, इंस्पेक्टर रॉबिन त्यागी के नेतृत्व में, एसीपी संजय कुमार नागपाल की निगरानी में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक चर्चित यूट्यूबर और सामाजिक कार्यकर्ता सलीम वास्तिक ही इस पुराने मामले का फरार आरोपी है. जांच के दौरान फिंगरप्रिंट और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर उसकी पहचान की पुष्टि की गई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

क्या सलीम पर बनने वाली थी फिल्म?

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि हाल ही में एक बॉलीवुड फिल्म निर्माता ने उसकी जिंदगी पर बायोपिक बनाने के लिए उससे संपर्क किया था और उसे 15 लाख रुपये का अग्रिम चेक भी दिया था.

कहां का रहने वाला है सलीम?

पुलिस के अनुसार, सलीम वास्तिक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली का रहने वाला है. वह दिल्ली में काम करने के दौरान अपने सह-आरोपी अनिल के संपर्क में आया था और दोनों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया.

कौन है सलीम वास्तिक?

हाल के सालों में सलीम वास्तिक अपने बयानों और गतिविधियों के कारण चर्चा में रहा है. उसने पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ सार्वजनिक रूप से विरोध जताया था और आतंकवाद के खिलाफ बयान दिए थे. फरवरी 2026 में लोनी में उस पर जानलेवा हमला भी हुआ था, जिसमें उसे गंभीर चोटें आई थीं. इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को मुठभेड़ में मार गिराया था.

सलीम वास्तिक खुद का एक यूट्यूब चैनल चलाता है और वह कई तरह के पॉडकास्ट और टीवी शो में शामिल हो चुका है. वह गाजियाबाद के लोनी में रह रहा था, हालांकि मूलनिवासी उत्तर प्रदेश के शामली का है. सलीम इस्लाम की आलोचनाओं के कारण यूट्यूब पर फेमस हुआ. वह उन चंद एक्स मुस्लिम की लिस्ट में है, जो अकसर इस्लाम के खिलाफ बयान देते हैं और यूट्यूब पर खासा फेमस हैं. उसके यूट्यूब चैनल पर 28 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं.

गिरफ्तारी के बाद सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर सलीम वास्तिक को दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई दर्शाती है कि कानून से भागने वाले अपराधियों को अंततः पकड़ लिया जाता है.

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