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राघव चड्ढा नहीं इस नेता के जाने से लगा केजरीवाल को तगड़ा झटका, AAP के चाणक्य कहे जाने वाले संदीप को कितना जानते हैं आप?

AAP के ‘चाणक्य’ संदीप पाठक ने राघव चड्ढा के साथ BJP जॉइन करना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. माना जा रहा है कि संदीप काफी वक्त से नाराज चल रहे थे.

राघव चड्ढा नहीं इस नेता के जाने से लगा केजरीवाल को तगड़ा झटका, AAP के चाणक्य कहे जाने वाले संदीप को कितना जानते हैं आप?
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( Image Source:  X-@ANI )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी4 Mins Read

Updated on: 25 April 2026 10:36 AM IST

Sandeep Pathak: शुक्रवार को आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका तब लगा, जब उसके सात राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी का दामन थाम लिया. इस राजनीतिक बदलाव में राघव चड्ढा के साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी शामिल रहे. जैसे ही संदीप पाठक के बीजेपी में शामिल होने की खबर सामने आई, उनके गृह क्षेत्र में जश्न का माहौल बन गया.

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र के बटहा गांव के निवासी संदीप पाठक के बीजेपी में जाने की खबर मिलते ही स्थानीय स्तर पर उत्साह देखने को मिला. बीजेपी के स्थानीय नेता उनके घर पहुंचे और वहां आतिशबाजी कर मिठाइयां बांटी गईं. लोरमी और मुंगेली इलाके में भी लोगों ने खुशी जाहिर की. ऐसा कहा जा रहा है कि राघव चड्ढा के जाने से आप को इतना नुकसान नहीं हुआ है, बल्कि संदीप पाठक हैं, जिनकी वजह से आप को बड़ा झटका लगा है.

कौन हैं संदीप पाठक?

संदीप पाठक की पहचान सिर्फ एक राजनेता के रूप में ही नहीं, बल्कि एक शिक्षाविद और शोधकर्ता के रूप में भी रही है. उन्होंने शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से की, जिसके बाद वे बिलासपुर चले गए. हायर एजुकेशन के लिए विदेश का रुख किया और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से पीएचडी हासिल की. उन्होंने ऑक्सफोर्ड और एमआईटी जैसे संस्थानों में भी शोध कार्य किया. राजनीति में आने से पहले वे आईआईटी दिल्ली में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे.

कैसे आम आदमी से जुड़े?

अरविंद केजरीवाल से प्रभावित होकर संदीप पाठक आम आदमी पार्टी से जुड़े थे. उन्होंने संगठन के भीतर रहकर रणनीतिक रूप से पार्टी को मजबूत किया. साल 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आप की जीत में उनकी रणनीति को अहम माना जाता है. इसके बाद केजरीवाल ने उन्हें अपना राजनीतिक सलाहकार बनाया और पंजाब कोटे से राज्यसभा भेजा, साथ ही राष्ट्रीय संगठन महासचिव की जिम्मेदारी भी दी.

क्या पिता संघ से जुड़े हैं?

संदीप पाठक का बीजेपी में जाना कई लोग उनके लिए एक तरह की ‘घर वापसी’ मान रहे हैं. उनके पिता शिवकुमार पाठक लंबे समय से बीजेपी और उससे पहले जनसंघ से जुड़े रहे हैं. वे पार्टी में मंडल अध्यक्ष से लेकर जिला उपाध्यक्ष तक की जिम्मेदारी निभा चुके हैं. बेटे के इस फैसले पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि संदीप हमेशा मेहनती रहे हैं और उनके बीजेपी में आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी. वहीं उनकी मां प्रभा पाठक ने भी इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि परिवार और क्षेत्र के लोग चाहते थे कि वह बीजेपी में शामिल हों.

आप के लिए क्यों हैं अहम?

संदीप पाठक को एक कुशल चुनावी रणनीतिकार माना जाता है और बीजेपी में उन्हें नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है. छत्तीसगढ़ से उनके गहरे जुड़ाव के चलते यह भी माना जा रहा है कि आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में उनकी भूमिका अहम हो सकती है. उनके साथ अन्य सांसदों के बीजेपी में शामिल होने से जहां बीजेपी को मजबूती मिली है, वहीं आम आदमी पार्टी के लिए यह बड़ा नुकसान माना जा रहा है.

संदीप की क्या है आप से नाराजगी?

एक रिपोर्ट के मुताबिक, संदीप पाठक ने कुछ दिन पहले अरविंद केजरीवाल से उनके घर पर मुलाकात की थी. इस बैठक के बारे में आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसमें पंजाब को लेकर चर्चा हुई थी. बताया जाता है कि इस दौरान संदीप पाठक ने केजरीवाल से शिकायत की थी कि पंजाब में अब उन्हें संगठन में पहले जैसा महत्व नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि जिस राज्य में पार्टी को खड़ा करने के लिए उन्होंने शुरुआत में काफी मेहनत की, वहीं अब उनकी भूमिका कम कर दी गई है, जिससे वे नाराज थे.

वहीं, आम आदमी पार्टी के सूत्रों का कहना है कि उन्हें पहले से ही इस तरह के घटनाक्रम का अंदेशा था. पिछले कुछ दिनों में राघव चड्ढा और स्वाति मालीवाल के बीच मुलाकातें हुई थीं और दोनों नेताओं की बीजेपी नेताओं से भी मुलाकात की खबरें सामने आई थीं.

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