यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास भारतीय क्रू वाले जहाज पर किसने किया मिसाइल अटैक? 9 भारतीयों की मौत, एक की हालत गंभीर
यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास MV Golden Leo पर हुए मिसाइल हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक भारतीय गंभीर रूप से घायल है। भारत ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक चालक दल को निशाना बनाना अस्वीकार्य है।
यूक्रेन में भारतीय क्रू वाले जहाज पर मिसाइल हमला
यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए एक कारोबारी मालवाहक जहाज MV Golden Leo पर हुए मिसाइल हमले में 9 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गया. इस घटना की पुष्टि सोमवार को भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने की.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, जहाज पर कुल 17 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक शामिल थे. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, हमले में चार भारतीयों की जान चली गई, जबकि एक भारतीय का अस्पताल में इलाज चल रहा है.
भारत ने हमले पर क्या कहा? 5 Pointers
- MEA ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायल भारतीय के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है.
- भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वाणिज्यिक जहाजों और निर्दोष नागरिक चालक दल को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है. मंत्रालय ने समुद्री व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.
- यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला मालवाहक जहाज MV Golden Leo मक्का (कॉर्न) की खेप लेकर ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुआ था. बंदरगाह छोड़ने के कुछ ही समय बाद जहाज पर कथित तौर पर तीन रूसी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया.
- हमले के बाद जहाज में आग लग गई और रातभर बचाव अभियान चलाया गया. कई चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि कुछ की मौत हो गई. ओडेसा तट के पास जहाज से उठता धुआं भी देखा गया.
- LSEG के आंकड़ों के मुताबिक, MV Golden Leo का स्वामित्व मुंबई स्थित Ocean Grace Shipping Ltd के पास है. जहाज पर भारतीय और सीरियाई नागरिक चालक दल के सदस्य के रूप में तैनात थे.
ब्लैक सी में बढ़ा तनाव
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब रूस और यूक्रेन के बीच ब्लैक सी क्षेत्र में संघर्ष फिर तेज हो गया है. दोनों देशों के बीच बंदरगाहों, मालवाहक जहाजों और समुद्री ढांचे पर बढ़ते हमलों ने वैश्विक समुद्री व्यापार और अनाज आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं.
रूस-यूक्रेन युद्ध कब से शुरू हुआ?
रूस-यूक्रेन के बीच पूर्ण स्तर का भीषण युद्ध 24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ था, जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ 'स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन' का ऐलान किया था (हालांकि दोनों देशों के बीच संघर्ष की शुरुआत असल में फरवरी 2014 में क्रीमिया विवाद से हुई थी). इस युद्ध को 4 साल से अधिक का समय बीत चुका है
Russia Ukraine War के Top 10 अपडेट्स
- यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को को निशाना बनाते हुए 400 से अधिक ड्रोन दागे हैं. मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन के अनुसार, यह इस युद्ध के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक है, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं.
- रूस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए राजधानी कीव और पूर्वी यूक्रेन पर भीषण हमला किया है. केवल जुलाई के महीने में ही रूस ने अपनी मासिक उत्पादन क्षमता से अधिक 107 बैलिस्टिक मिसाइलें और 20 जिरकॉन (Zirkon) मिसाइलें यूक्रेन पर दाग दी हैं.
- यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह (Odesa Port) के पास गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले एक मर्चेंट शिप पर रूसी मिसाइल गिरने से 10 लोगों की मौत हो गई है. इस हमले से काला सागर (Black Sea) में तनाव चरम पर पहुंच गया है.
- यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की इस समय देश के भीतर एक बड़े राजनीतिक संकट से जूझ रहे हैं. उन्होंने अपने लोकप्रिय रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव को बर्खास्त कर दिया है, जिसके बाद यूक्रेन की सड़कों पर जनता विरोध प्रदर्शन कर रही है.
- रक्षा मंत्री को हटाए जाने के बाद यूक्रेन के सैन्य ढांचे में दरार दिख रही है. लोग सोवियत काल के पुराने जनरल ओलेक्सांद्र सिर्स्की को सेना प्रमुख बनाए रखने का विरोध कर रहे हैं और युवा इनोवेटर्स को कमान सौंपने की मांग कर रहे हैं.
- यूक्रेन के 'Unmanned Systems Forces' ने रूस के तेल और ऊर्जा ढांचे को पंगु बनाने के लिए मिड-स्ट्राइक अभियान तेज कर दिया है. इस रणनीति से रूस के कब्जे वाले क्रीमिया में पेट्रोल की कीमतें मुख्य भूमि से 6 से 7 गुना बढ़ गई हैं.
- 'इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर' (ISW) की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से युद्ध में धीमी प्रगति और आर्थिक मंदी के कारण रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अप्रूवल रेटिंग में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है.
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने युद्ध समाप्त करने के लिए 20 सूत्रीय ड्राफ्ट पीस डील तैयार की है. यूक्रेन ने शर्तों पर चर्चा की है, लेकिन रूस ने साफ किया है कि वह अलास्का समिट में पुतिन और ट्रंप के बीच तय हुए मूल सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगा.
- लिथुआनिया के रक्षा मंत्री रॉबर्टस कौनास ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन में युद्ध के धीमे पड़ने के बाद अब रूस का अगला निशाना पोलैंड और बाल्टिक देश (Baltic Countries) हो सकते हैं, जिससे यूरोप में नया तनाव बढ़ सकता है.
- रूस के पास अभी भी यूक्रेन का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा कब्जे में है. 4 साल के इस विनाशकारी युद्ध में अब तक लगभग 56,000 नागरिक हताहत हुए हैं और 59 लाख से अधिक लोग शरणार्थी बनकर दूसरे देशों में रहने को मजबूर हैं.




