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न मुख्यमंत्री न मंत्री, न सांसद न विधायक, फिर भी केजरीवाल को क्यों मिला सरकारी बंगला?

दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को नया घर मिल गया है. वह न मुख्यमंत्री न मंत्री, न सांसद और न ही विधायक हैं, फिर कैसे उन्हें घर मिल सकता है.

न मुख्यमंत्री न मंत्री, न सांसद न विधायक, फिर भी केजरीवाल को क्यों मिला सरकारी बंगला?
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( Image Source:  X-@ANI )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी3 Mins Read

Updated on: 25 April 2026 8:48 AM IST

Delhi CM New House: दिल्ली में अरविंद केजरीवाल अब नए पते पर रहने लगे हैं. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक को केंद्र सरकार की ओर से नया सरकारी बंगला आवंटित किया गया है, जिसमें वह अपने परिवार के साथ शिफ्ट हो चुके हैं.

मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद उन्होंने अपना पुराना सरकारी आवास खाली कर दिया था, जिसे भाजपा ‘शीशमहल’ कहकर आलोचना करती रही है. इसके बाद से वह कुछ समय तक राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल के आवास में रह रहे थे.

क्या बोले अरविंद केजरीवाल?

इस बदलाव की जानकारी खुद केजरीवाल ने शुक्रवार को एक पोस्ट के जरिए दी. उन्होंने बताया कि यह घर उन्हें अदालत के आदेश के बाद केंद्र सरकार के जरिए दिया गया है. उन्होंने लिखा कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक होने के नाते उन्हें यह आवास आवंटित किया गया और अब वह अपने परिवार के साथ वहां रहने लगे हैं.

कहां है यह बंगला?

उन्हें नई दिल्ली के लोधी स्टेट इलाके में 95 नंबर का बंगला मिला है. यह टाइप-7 श्रेणी का सरकारी आवास है, जो आम तौर पर खास पदों पर बैठे लोगों को दिया जाता है. करीब 5000 वर्ग फीट में फैले इस बंगले में चार बेडरूम, दो लॉन, तीन सर्वेंट क्वॉर्टर, एक गैराज और दफ्तर के लिए अलग जगह की व्यवस्था है.

अरविंद केजरीवाल को क्यों मिला यह बंगला?

केजरीवाल को यह बंगला उनके राष्ट्रीय पार्टी प्रमुख होने के आधार पर मिला है. नियमों के मुताबिक, राष्ट्रीय दलों के अध्यक्षों को दिल्ली में सरकारी आवास दिया जाता है. चूंकि पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर उन्हें आवास नहीं मिल सकता था, इसलिए फ्लैग स्टाफ रोड वाला घर छोड़ने के बाद उनके पास कोई आधिकारिक निवास नहीं था और उन्हें अस्थायी तौर पर मित्तल के घर में रहना पड़ा.

कितनी मुश्किलों से मिला केजरीवाल को बंगला?

आवास आवंटन को लेकर आम आदमी पार्टी ने अदालत का रुख भी किया था. इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की फटकार के बाद केंद्र सरकार की एजेंसियों ने केजरीवाल को बंगला आवंटित किया. पार्टी ने उनके लिए टाइप-8 बंगले की मांग की थी, लेकिन उन्हें टाइप-7 ही दिया गया. यह आवंटन पिछले साल अक्टूबर में ही हो गया था और अब वह अपने परिवार के साथ नए घर में रहने लगे हैं.

इस बीच दिल्ली की राजनीति में उस समय बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया. लंबे समय से अंदरूनी स्तर पर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है और इस फैसले ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है. आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका देते हुए उसके 10 में से 7 राज्यसभा सांसद, जिनमें राघव चड्ढा और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हरभजन सिंह शामिल हैं, शुक्रवार को बीजेपी में शामिल हो गए. यह घटनाक्रम अगले साल पंजाब में होने वाले चुनाव से पहले हुआ है, जहां AAP की सरकार है.

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