दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: टेकऑफ से पहले SWISS फ्लाइट के इंजन में लगी आग, 232 यात्रियों की बची जान
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर SWISS फ्लाइट के इंजन में आग लगने से बड़ा हादसा टल गया. पायलट ने समय रहते टेकऑफ रोककर 232 यात्रियों की जान बचा ली, जबकि 6 लोग मामूली घायल हुए.
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार, 26 अप्रैल 2026 को एक बड़ा विमान हादसा बाल-बाल बच गया. स्विस इंटरनेशनल एयरलाइंस (SWISS) की फ्लाइट LX147 दिल्ली से ज्यूरिख (स्विट्जरलैंड) जाने वाली थी. टेकऑफ की प्रक्रिया चल रही थी, तभी विमान के एक इंजन में अचानक खराबी आ गई और उसमें आग लग गई। पायलट ने अपनी तुरंत सूझबूझ और सही फैसले से टेकऑफ रोक दिया. अगर टेकऑफ हो जाता तो बहुत बड़ा हादसा हो सकता था. समय रहते टेकऑफ रद्द करने की वजह से सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई.
क्या हुआ था घटना में?
विमान रनवे पर तेज गति से आगे बढ़ रहा था. सुबह करीब 1:08 बजे इंजन में समस्या शुरू हुई और उसमें आग की लपटें दिखने लगीं. पायलट ने तुरंत ब्रेक लगाए और विमान को रोकने का फैसला लिया. इसके बाद विमान में आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी गई. विमान में कुल 228 यात्री और 4 छोटे बच्चे सवार थे। कुल मिलाकर 232 से ज्यादा लोग इस फ्लाइट में थे.
यात्रियों की स्थिति
घटना के दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया. क्रू सदस्यों ने बड़ी शांति और साहस से स्थिति को संभाला. सभी यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड (बड़ी inflatable स्लाइड) के जरिए जल्दी से जल्दी विमान से बाहर निकाला गया. कुछ बुजुर्ग यात्री या वे यात्री जो स्लाइड पर नहीं उतर पा रहे थे, उन्हें सीढ़ियों की मदद से सुरक्षित बाहर लाया गया. इस घटना में 6 यात्री घायल हो गए. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. बाकी सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं.
SWISS एयरलाइंस का बयान
SWISS एयरलाइंस ने इस घटना पर आधिकारिक बयान जारी किया. कंपनी ने बताया कि यह एक Airbus A330 विमान था. उड़ान भरने की तैयारी के दौरान इंजन में तकनीकी समस्या आ गई. पायलट ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उड़ान रोक दी और विमान को खाली कराने का फैसला लिया.
एयरलाइंस ने कहा कि:
सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है
घायल यात्रियों को तुरंत मेडिकल मदद दी गई
बाकी यात्रियों के लिए नई फ्लाइट की व्यवस्था या होटल में ठहरने की सुविधा दी जा रही है
यात्रियों से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है और उन्हें आगे की यात्रा के विकल्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं
घटना की पूरी जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है. तकनीकी विशेषज्ञ दिल्ली पहुंचकर विमान की गहन जांच करेंगे
राहत की बात
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि पायलट की सतर्कता और सही निर्णय की वजह से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. अगर टेकऑफ पूरा हो जाता तो इंजन में लगी आग बहुत खतरनाक साबित हो सकती थी. यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि विमानन उद्योग में पायलटों और क्रू की सतर्कता कितनी महत्वपूर्ण होती है. SWISS एयरलाइंस ने भी कहा है कि सुरक्षा हमेशा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इस मामले की गहराई से जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।यात्रियों को होटल में ठहराने और नई फ्लाइट की व्यवस्था करने का काम तेजी से चल रहा है. उम्मीद है कि सभी यात्री जल्द ही अपनी मंजिल तक सुरक्षित पहुंच जाएंगे.




