‘जो चरित्रवान नहीं, वो क्या समझेगा’ स्वरा भास्कर के जौहर वाले बयान पर भड़के अनिरुद्धाचार्य, बोले- पद्मावती जैसी नारियां पवित्र थीं
एक्ट्रेस स्वरा भास्कर के फिल्म पद्मावत में दिखाए गए जौहर के सीन पर दिए बयान को लेकर विवाद बढ़ गया है. उनके बयान पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जौहर और चरित्र की रक्षा से जुड़ी बातों को समझने के लिए उस भावना को समझना जरूरी है.
फिल्म ‘पद्मावत’ के जौहर वाले सीन को लेकर एक्ट्रेस स्वरा भास्कर की टिप्पणी के बाद विवाद बढ़ गया है. स्वरा के बयान पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने प्रतिक्रिया देते हुए रानी पद्मावती के जौहर और चरित्र को लेकर अपनी बात रखी. वहीं, बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने भी स्वरा के बयान की आलोचना की है. हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद स्वरा अपनी बात पर सफाई दे चुकी हैं. उनका कहना है कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया.
IANS से बातचीत में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने स्वरा भास्कर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रानी पद्मावती जैसी महिलाओं को पवित्र बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने चरित्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया. उन्होंने कहा कि हमें ऐसी ऐतिहासिक और धार्मिक कथाओं से यह सीखना चाहिए कि अगर जीवन से भी ज्यादा मूल्यवान कोई चीज है, तो वह व्यक्ति का चरित्र है. इसलिए भले ही जान चली जाए, लेकिन चरित्र नहीं खोना चाहिए.
अनिरुद्धाचार्य ने आगे कहा कि भारतीय परंपरा में चरित्र को काफी महत्व दिया गया है. उन्होंने रामचरित से जुड़ी पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की बातों की गहराई वही व्यक्ति समझ सकता है, जो खुद चरित्र के महत्व को समझता हो. इसी दौरान उन्होंने स्वरा भास्कर पर निशाना साधते हुए कहा कि जो चरित्रवान नहीं है, वह इन बातों को समझेगा भी कैसे? चरित्रवान ही चरित्रवान का सम्मान करेगा. उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई. स्वरा भास्कर की जौहर को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर चल रहा विवाद और बढ़ गया.
क्या कहा था स्वरा भास्कर ने?
दरअसल, एक इवेंट के दौरान स्वरा भास्कर ने फिल्म ‘पद्मावत’ में दिखाए गए जौहर के सीन पर सवाल उठाए थे. उन्होंने जौहर की प्रथा को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी. इसके बाद उनके बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं.
कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि स्वरा ने रानी पद्मावती के सम्मान और बलिदान का अपमान किया है. वहीं, कुछ लोगों ने उनके बयान को जौहर जैसी प्रथा की आलोचना के तौर पर देखा. विवाद में सबसे ज्यादा चर्चा उस तुलना को लेकर हुई, जिसमें स्वरा के बयान को रेप सर्वाइवर के संदर्भ और रानी पद्मावती के जौहर से जोड़कर देखा गया. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसी बात को लेकर नाराजगी जाहिर की.
मैथिली ठाकुर ने भी किया विरोध
विवाद में बीजेपी विधायक और गायिका मैथिली ठाकुर का नाम भी सामने आया. उन्होंने स्वरा भास्कर की टिप्पणी की आलोचना करते हुए इसे बेहद आपत्तिजनक बताया. मीडिया से बातचीत में मैथिली ठाकुर ने कहा कि जिस आत्मविश्वास के साथ स्वरा ने यह बात कही, वह उन्हें बहुत गलत लगी. उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को किसी विषय की पूरी जानकारी नहीं है तो उसे उस पर बोलने से पहले उसके बारे में पूरी तरह पढ़ना चाहिए.
मैथिली ठाकुर ने कहा कि अगर स्वरा को इन विषयों की पूरी समझ नहीं है, तो उन्हें पहले इतिहास और उससे जुड़े तथ्यों का अध्ययन करना चाहिए और उसके बाद अपनी बात रखनी चाहिए.
स्वरा ने दी सफाई, बोलीं- बयान को गलत तरीके से पेश किया गया
वहीं, बढ़ते विवाद के बीच स्वरा भास्कर अपनी सफाई भी दे चुकी हैं. उनका कहना है कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया और उनकी बात का मतलब रानी पद्मावती का अपमान करना नहीं था. स्वरा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने रानी पद्मावती का अपमान नहीं किया है. उनका बयान जौहर की प्रथा को लेकर था और इसे उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए.
इस तरह एक इवेंट में कही गई स्वरा भास्कर की टिप्पणी अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गई है. एक तरफ अनिरुद्धाचार्य और मैथिली ठाकुर जैसे लोग उनके बयान की आलोचना कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ स्वरा अपनी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किए जाने की बात कह रही हैं.
विवाद का केंद्र क्या है?
पूरे विवाद में मूल सवाल जौहर की ऐतिहासिक परंपरा, महिलाओं की स्थिति और आधुनिक समय में उस प्रथा को देखने के नजरिए को लेकर है. स्वरा जहां जौहर के सीन और उसकी प्रस्तुति पर सवाल उठाती नजर आईं, वहीं अनिरुद्धाचार्य ने इसे चरित्र और सम्मान की रक्षा से जोड़ते हुए अपनी बात रखी.
फिलहाल इस बयानबाजी ने सोशल मीडिया पर बहस को और तेज कर दिया है. दोनों पक्षों की अपनी-अपनी व्याख्या है और विवाद का केंद्र यही है कि ऐतिहासिक घटनाओं और उनसे जुड़े पात्रों को आज के नजरिए से किस तरह देखा जाए.




