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राम मंदिर के CEO बने ऑपरेशन सिंदूर के योद्धा जितेंद्र मिश्रा, रिटायर्ड अफसर बोले- ईमानदारी और प्रशासनिक अनुभव आएगा काम

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संजीव चौहान
संजीव चौहान

Published on: 4 Sept 2026 10:03 PM

अयोध्या के राम मंदिर में रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनाए जाने को लेकर चर्चा तेज है. भारतीय वायुसेना में लंबा अनुभव रखने वाले जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान की जिम्मेदारी संभाली थी. रिटायर्ड एयर कमोडोर कार्तिकेय काले ने स्टेट मिरर हिंदी के एडिटर क्राइम एंड इनवेस्टीगेशन संजीव चौहान के साथ बातचीत में उन्हें एक कुशल पायलट के साथ-साथ ईमानदार और सक्षम प्रशासनिक अधिकारी बताया. उनके मुताबिक राम मंदिर जैसे बड़े परिसर के लिए सुरक्षा, सफाई, वित्त, भीड़ प्रबंधन और VIP मूवमेंट जैसी जिम्मेदारियां संभालने के लिए मजबूत प्रशासनिक क्षमता जरूरी है. काले ने कहा कि जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर बेदाग रहा है और उनकी मेहनत, नेतृत्व क्षमता तथा प्रशासनिक अनुभव उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त बनाते हैं. राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर पहले सामने आए चंदे और प्रबंधन से जुड़े विवादों के बीच उनकी नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. काले का मानना है कि यह नियुक्ति धार्मिक स्थल के प्रशासन में सैन्य अनुभव और अनुशासन को इस्तेमाल करने का एक महत्वपूर्ण प्रयोग साबित हो सकती है. उन्होंने कहा कि काजल की कोठरी में वही जा सकता है, जिसमें बहुत हिम्मत हो और जिसमें प्रभु की प्रभु की जो भक्ति रोम रोम में बसी हो. ये केवल उनकी उपलब्धि नहीं है. ये एक्चुअली प्रभु का आशीर्वाद है. सैनिकों को इस देश में कभी कोई रिटायरमेंट के बाद ज्यादा बड़ा रोल नहीं देता था. काले ने कहा कि लड़ाई करना ही केवल एक सोल्जर का काम नहीं होता. लड़ाई के अलावा भी प्रशासन देखना बहुत बड़ा काम होता है. राम मंदिर में ट्रस्ट को प्रशासन चाहिए. यदि चोरी हुई है तो इसलिए हुई है क्योंकि प्रशासन सही नहीं था. उनका CEO की पोस्ट के लिए सेलेक्शन हम सब सैनिकों के लिए बहुत गर्व की बात है.