'वोट लेने के बाद जनता को मरवाना, राजा के लिए पाप..', भरत तिवारी एनकाउंटर पर भड़के अनिरुद्धाचार्य; सरकार को लताड़ा- 5 पॉइंट्स
वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक बाबा अनिरुद्धाचार्य ने भरत तिवारी एनकाउंटर पर खुलकर अपनी राय रखी है. उन्होंने सरकार, पुलिस व्यवस्था और नेताओं की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कई अहम बातें कही हैं.
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Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का रूप ले लिया है. इस घटना को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और मामले की सीबीआई जांच की मांग भी तेज हो गई है. बिहार पुलिस और राज्य सरकार की भूमिका को लेकर विभिन्न संगठनों और लोगों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
इसी बीच वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक बाबा अनिरुद्धाचार्य ने भरत तिवारी एनकाउंटर पर खुलकर अपनी राय रखी है. उन्होंने सरकार, पुलिस व्यवस्था और नेताओं की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कई अहम बातें कही हैं. दूसरी ओर बिहार मानवाधिकार आयोग ने भी मामले को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है.
5 पॉइंट्स में जानें क्या बोले अनिरुद्धाचार्य?
1. भरत तिवारी एनकाउंटर पर बोलते हुए बाबा अनिरुद्धाचार्य ने कहा "अब सरकार काम तो करती नहीं है. उस लड़के ने काम के लिए अफसरों से कहा. जब नहीं किया तो उसने बंदूक उठा ली. उसने किसी की हत्या करने के लिए बंदूक नहीं उठाई, ना किसी का मर्डर किया, लेकिन पुलिस ने उसे मार डाला. जब नहीं सुनोगे तो किसी को तो खड़ा होना पड़ेगा."
2. एनकाउंटर की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा "आप जनता की हत्या कर रहे हैं, ये राजा के लिए पाप है. ऐसे में जनता राजा को पापी कहेगी. राजा तो बड़ा पापी है, जो निर्दोष जनता को मारे डाल रहा है. शरण में आए हुए लोगों को कभी नहीं मारना चाहिए. कोई बहुत बड़ा अपराधी होता या आतंकवादी होता तो आप मारते कोई मनाही नहीं थी."
3. बाबा अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि अपराधियों और आम नागरिकों के बीच फर्क किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा "आतंकवादी और अपराधी को मार डालिए, जो 10-20 मर्डर किए हैं. जो गलत है, उसका एनकाउंटर कर दीजिए, जो सही है अपने गांव और समाज के लिए आवाज उठा रहा है, उसे ही मार डालोगे. आपका सिस्टम तो बहरा है. ये गलत है. कितनों को मारोगे फिर दूसरा खड़ा होगा."
4. अपने बयान में बाबा अनिरुद्धाचार्य ने नेताओं और पुलिस व्यवस्था को भी कटघरे में खड़ा किया उन्होंने कहा "नेताओं को अपने जनता को प्यार करना चाहिए. वोट लेने के बाद नेता जनता को मरवाना शुरू कर देते हैं. पुलिस आपकी कैसी है. पुलिस को थोड़ा संस्कार भी देना चाहिए. रामचरितमानस का पाठ पढ़ाते कि शरण में आए हुए लोगों को मारना पाप है."
5. मामले ने नया मोड़ तब लिया जब बिहार मानवाधिकार आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लिया. आयोग ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. आयोग ने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और भोजपुर पुलिस अधीक्षक को तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है




