मंगलसूत्र उतारने को कहा, चूड़ियां भी हाथ में नहीं रहने दी- टोंक में लैब सहायक भर्ती परीक्षा में महिलाओं के साथ ये कैसा व्यवहार?
राजस्थान के टोंक में लैब असिस्टेंट भर्ती परीक्षा के दौरान महिला उम्मीदवारों को एंट्री से पहले मंगलसूत्र, चूड़ियां और गहने उतारने पड़े, जिससे विवाद खड़ा हो गया है. प्रशासन ने इसे नकल रोकने के लिए जरूरी कदम बताया.
Rajasthan Lab Assistant Exam Mangalsutra Removed row Tonk: राजस्थान में लैब असिस्टेंट भर्ती परीक्षा के दौरान शनिवार को ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने कई उम्मीदवारों और उनके परिवारों को असहज कर दिया. परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच महिला अभ्यर्थियों को एंट्री से पहले अपने मंगलसूत्र, चूड़ियां, कान की बालियां और अन्य आभूषण तक उतारने पड़े. यह नजारा टोंक जिले के कई परीक्षा केंद्रों के बाहर देखने को मिला, जहां हजारों अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे थे.
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) की ओर से आयोजित लैब असिस्टेंट सीधी भर्ती परीक्षा के लिए टोंक जिले में कुल 47,457 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. जिले में 29 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां सुरक्षा के बेहद सख्त इंतजाम किए गए थे.
क्यों हो रहा विवाद?
- परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले ही सभी केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए थे. देर से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को सीधे एंट्री देने से मना कर दिया गया.
- प्रशासन का कहना था कि यह कदम परीक्षा को निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए उठाया गया.
- परीक्षा केंद्रों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा. अंदर जाने से पहले उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और फेस रिकग्निशन स्कैन किया गया. साथ ही ड्रेस कोड को लेकर भी बेहद सख्ती दिखाई गई.
- किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, ज्वेलरी, धागे, पिन और चेन को अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी. इसी वजह से कई महिला उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र के बाहर ही अपने मंगलसूत्र, चूड़ियां और इयररिंग्स उतारने पड़े.
- कुछ अभ्यर्थी अपने गहने परिवार वालों को सौंपते नजर आए, जबकि कई महिलाओं ने इन्हें बैग में रखकर केंद्र के बाहर जमा किया. यह नजारा वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया.
- हालांकि, प्रशासन का कहना है कि ये नियम नकल रोकने और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए लागू किए गए थे.
- अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से समय पर शुरू हुई और कहीं से किसी गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली.
- उम्मीदवारों की सुविधा के लिए राजस्थान रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा की व्यवस्था भी की गई थी, ताकि दूर-दराज से आने वाले छात्रों को परेशानी न हो.
अधिकारियों ने क्या बताया?
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट और परीक्षा समन्वयक रामरतन सोकारिया ने बताया कि परीक्षा की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया था. इसके अलावा सात विजिलेंस टीमें, 67 ऑब्जर्वर और पेपर कोऑर्डिनेटर तैनात किए गए थे ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकी जा सके. अधिकारियों ने बताया कि लैब असिस्टेंट भर्ती परीक्षा का आयोजन पहले दिन एक शिफ्ट में हुआ, जबकि 10 मई को दो शिफ्ट में परीक्षा कराई जाएगी. प्रशासन ने साफ किया है कि रविवार को भी इसी तरह की सख्त सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी.




