राजस्थान में ACB का बड़ा एक्शन, पूर्व मंत्री महेश जोशी गिरफ्तार, किस 900 करोड़ के घोटाले में हुई कार्रवाई?
राजस्थान ACB ने जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार कर बड़ा एक्शन लिया है। जांच में फर्जी दस्तावेज, रिश्वतखोरी और करोड़ों के टेंडर आवंटन में गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं.
राजस्थान के एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जल जीवन मिशन (JJM) में हुए 900 करोड़ रुपये से भी ज्यादा के बड़े घोटाले में गुरुवार को एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है. इस कार्रवाई के तहत कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और अशोक गहलोत की पिछली सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे महेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया गया है. ACB की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने सुबह-सुबह जयपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित 'सन कॉलोनी' में महेश जोशी के घर पर छापा मारा.
वहां पूछताछ करने के बाद सुबह करीब 5 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. इससे पहले अप्रैल 2025 में ED ने भी इसी घोटाले के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महेश जोशी को हिरासत में लिया था. जोशी को सात महीने तक जेल में रहना पड़ा था. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 3 दिसंबर 2025 को उन्हें जमानत दे दी थी. अब ACB ने उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया है.
क्या है पूरा मामला?
जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की एक बड़ी योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य गांव-गांव और हर घर में नल से शुद्ध पानी पहुंचाना है. इस योजना के तहत राजस्थान में बहुत सारे टेंडर जारी किए गए थे. जांच एजेंसियों का आरोप है कि इन टेंडरों में बड़ी गड़बड़ी की गईं. रिश्वत लेकर कुछ चहेती कंपनियों को बिना सही प्रक्रिया के काम दिया गया. मुख्य आरोप यह है कि गणपति ट्यूबवेल और श्याम ट्यूबवेल नाम की दो कंपनियों ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जमा करके टेंडर हासिल कर लिए. इन कंपनियों को IRCON इंटरनेशनल के नाम से फर्जी दस्तावेज बनाकर दिए गए थे.
- गणपति ट्यूबवेल को 859.2 करोड़ रुपये का ठेका
- श्याम ट्यूबवेल को 120.25 करोड़ रुपये का टेंडर
इस तरह कुल 900 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला होने का आरोप है.
कितने लोग आरोपी हैं?
इस घोटाले में कुल 22 लोगों के खिलाफ ACB ने साल 2024 में FIR दर्ज की थी. इनमें पूर्व एडिशनल चीफ सेक्रेटरी सुबोध अग्रवाल भी शामिल हैं, जिन्हें पहले गिरफ्तार किया जा चुका है. अब तक इस मामले में 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. आरोपी सूची में JJM के वित्तीय सलाहकार सुनील शर्मा, चीफ इंजीनियर, सुपरट्रेंडिंग इंजीनियर और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर जैसे कई बड़े अधिकारी शामिल हैं.
अब तक क्या
फिलहाल तीन आरोपी अभी भी फरार हैं. ACB ने उन्हें भगौड़ा घोषित कर दिया है. उनकी संपत्तियों की जानकारी इकट्ठा करके कोर्ट में पेश की गई है. अब उनकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. यह घोटाला राजस्थान में जल जीवन मिशन योजना को लेकर अब तक का सबसे बड़ा मामला माना जा रहा है. ACB की जांच अभी भी जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.




