पिता मनमोहन सरकार में रहे मंत्री, 2 भाई भी राजनीति में- खुद नहीं की शादी; ऐसा है सुवेंदु अधिकारी का परिवार
पश्चिम बंगाल में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी होंगे. बीजेपी विधायक दल की बैठक में उनके नाम का एलान किया गया. ऐसे में आइए जानते हैं कि ममता बनर्जी को दो बार चुनावे में हराने वाले सुवेंदु के परिवार में कौन-कौन हैं...
Bengal CM Suvendu Adhikari Family Tree: पश्चिम बंगाल की सियासत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. ऐसा नेता, जिसने ममता बनर्जी को एक नहीं, दो बार शिकस्त दी, अब मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने जा रहे हैं. यह नेता कोई और नहीं, सुवेंदु अधिकारी हैं. उनके नाम का एलान बीजेपी विधायक दल की बैठक के बाद किया गया. बीजेपी ने इस बार 207 सीटों पर जीत दर्ज कर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता हासिल की है, जबकि टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमट गई.
सुवेंदु के सीएम बनने की खबरों के बीच यह सवाल उठ रहे हैं कि उनके परिवार में कौन-कौन हैं, क्या उन्होंने शादी की है?आइए, इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं...
सुवेंदु अधिकारी के परिवार में कौन-कौन है?
सुवेंदु अधिकारी का परिवार पश्चिम बंगाल, विशेष रूप से पूर्व मेदिनीपुर क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में से एक है. उनकी माता का नाम गायत्री अधिकारी और पिता का नाम सिसिर अधिकारी है, जो एक दिग्गज राजनेता हैं. वे मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली UPA सरकार (2009-2012) में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री रहे हैं. वे कांथी (Contai) लोकसभा सीट से तीन बार सांसद भी चुने गए.
सुवेंदु अधिकारी के दोनों छोटे भाई राजनीति में सक्रिय हैं. दिव्येंदु अधिकारी तामलुक लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे हैं और पूर्व में विधायक भी रह चुके हैं. वहीं, सौमेंदु अधिकारी कांथी नगर पालिका के अध्यक्ष रहे हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव में कांथी सीट से सांसद निर्वाचित हुए हैं. सौमेंदु अधिकारी को अक्सर सुवेंदु का दाहिना हाथ माना जाता है. सौमेंदु ने स्थानीय निकाय चुनावों से अपनी राजनीति शुरू की.
सुवेंदु अधिकारी ने क्या शादी की?
सुवेंदु अधिकारी अविवाहित हैं. उन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक कार्यों और राजनीति के लिए समर्पित कर दिया है. अधिकारी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराया था. हालिया चुनाव में भी उन्होंने भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हराकर एक बड़ी जीत दर्ज की है.
अधिकारी परिवार का 'गढ़' (कांथी और नंदीग्राम)
सुवेंदु अधिकारी और उनके परिवार की मेदिनीपुर के इलाके में पकड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस क्षेत्र में उन्हें 'मेदिनीपुर का बेताज बादशाह' माना जाता है. उनके पिता सिसिर अधिकारी ने इस नींव को रखा था, जिसे सुवेंदु ने नंदीग्राम आंदोलन (2007) के जरिए एक नई ऊंचाई दी.
सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक ग्राफ
- आंदोलनकारी छवि: 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन में सुवेंदु सबसे आगे थे. इसी आंदोलन ने ममता बनर्जी को सत्ता दिलाई थी, लेकिन उस वक्त जमीनी स्तर पर संगठन को सुवेंदु ने ही संभाला था.
- ममता के भरोसेमंद से प्रतिद्वंद्वी: वे टीएमसी के समय में परिवहन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे. हालांकि, 2020 में मतभेदों के चलते उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया और 2021 में ममता बनर्जी को नंदीग्राम में हराकर सबको चौंका दिया.
- 2026 की बड़ी जीत: हालिया 2026 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट पर हराया, जो कि टीएमसी का सबसे मजबूत किला माना जाता था.
सुवेंदु अधिकारी के परिवार ने दशकों तक कांग्रेस और फिर टीएमसी की राजनीति की, लेकिन अब पूरा परिवार भाजपा की विचारधारा के साथ मजबूती से खड़ा है. सुवेंदु अब बंगाल में 'हिंदुत्व' और 'विकास' के एजेंडे को लेकर सबसे प्रखर आवाज माने जाते हैं.




