1 दिन की छुट्टी पर… 3 महीने गायब! आखिर कहां हैं राजस्थान के IPS कालूराम रावत?
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के नव-नियुक्त आईजी कालूराम रावत पिछले करीब साढ़े तीन महीने से ड्यूटी से गायब हैं. उनकी अनुपस्थिति की शुरुआत महज एक दिन की छुट्टी के मैसेज से हुई थी.
IPS Kalu Ram Rawat
राजस्थान पुलिस महकमे में इन दिनों एक ऐसा रहस्यमयी मामला सुर्खियों में है, जिसने सभी को चौंका दिया है. आमतौर पर पुलिस अपराधियों की तलाश करती है, लेकिन इस बार खुद एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ही लापता बताए जा रहे हैं. एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के नव-नियुक्त आईजी कालूराम रावत पिछले करीब साढ़े तीन महीने से ड्यूटी से गायब हैं.
हैरानी की बात यह है कि उनकी अनुपस्थिति की शुरुआत महज एक दिन की छुट्टी के मैसेज से हुई थी, जो अब तक खत्म नहीं हुई. इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस विभाग में हलचल मचा दी है और मामला किसी फिल्मी कहानी जैसा प्रतीत हो रहा है.
कब भेजा गया था मैसेज?
जानकारी के अनुसार, जुलाई 2025 में कालूराम रावत डीआईजी (पुलिस हाउसिंग) के पद पर तैनात थे. 12 जनवरी को उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी भूपेंद्र साहू को एक संक्षिप्त संदेश भेजा. मैसेज में उन्होंने लिखा 'बुखार होने के कारण आज कार्यालय नहीं आ सकूंगा.' विभाग को उम्मीद थी कि वह अगले दिन ड्यूटी पर लौट आएंगे, लेकिन इसके बाद से न तो वह कार्यालय पहुंचे और न ही किसी से संपर्क किया.
गैरहाजिरी के बीच कैसे हो गया प्रमोशन?
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि उनकी अनुपस्थिति के दौरान ही प्रमोशन प्रक्रिया पूरी हुई और उन्हें डीआईजी से आईजी पद पर प्रमोट कर दिया गया. 23 फरवरी को सरकार ने उन्हें एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट में आईजी के महत्वपूर्ण पद पर तैनात किया. हालांकि, नियमानुसार उन्हें नए पद का कार्यभार संभालना था, लेकिन अब तक उन्होंने जॉइन नहीं किया है.
क्या होगी कार्रवाई?
जब लंबे समय तक उनकी कोई खबर नहीं मिली, तो लता मनोज ने इस मामले की जानकारी डीजीपी कार्यालय को दी. इसके बाद पुलिस मुख्यालय की कार्मिक शाखा ने रावत को ‘रिकॉल नोटिस’ जारी किया. नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि उन्हें तुरंत ड्यूटी पर उपस्थित होना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
कहां हैं कालूराम रावत?
वर्तमान स्थिति यह है कि आईजी कालूराम रावत का मोबाइल फोन स्विच ऑफ आ रहा है और पुलिस मुख्यालय का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है. इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है. इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं क्या यह सिर्फ अनुपस्थिति का मामला है या इसके पीछे कोई और वजह छिपी है? एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का इस तरह अचानक लापता हो जाना प्रशासनिक तंत्र के लिए भी चिंता का विषय बन गया है. फिलहाल, पुलिस विभाग उनकी तलाश और मामले की जांच में जुटा है.




