उम्रकैद तक की सजा, 25 लाख जुर्माना और संपत्ति जब्त; जानिए पंजाब सरकार के नए बेअदबी कानून की खास बातें
पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर सख्त कानून लागू हो गया है. अब दोषियों को उम्रकैद और 25 लाख तक जुर्माना हो सकता है. राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधेयक कानून बन गया है.
पंजाब में बेअदबी पर सख्त कानून लागू
Punjab Anti Sacrilege Law, Guru Granth Sahib Law: पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी को लेकर सख्त कानून अब लागू हो गया है. राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद यह विधेयक अब कानून बन गया है.
मुख्मंत्री भगवंत मान ने रविवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह अवसर उनके लिए सेवा का मौका है. उन्होंने वाहेगुरु और संगत का धन्यवाद किया.
बेअदबी पर क्या-क्या सजा हो सकती है?
नए कानून के तहत गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने, साजिश रचने या आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित करने पर सख्त सजा का प्रावधान किया गया है. मुख्य प्रावधानों में है;
- 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा
- ₹5 लाख से ₹25 लाख तक का जुर्माना
- दोषी की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान
- जांच केवल DSP या उससे ऊपर के अधिकारी करेंगे
- आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित करना भी अपराध माना जाएगा
- SGPC को रिकॉर्ड रखना अनिवार्य
नए संशोधन के तहत शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को गुरु ग्रंथ साहिब की छपाई और प्रकाशन से जुड़े रिकॉर्ड डिजिटल और भौतिक दोनों रूपों में रखना अनिवार्य किया गया है. 2008 के कानून के अनुसार गुरु ग्रंथ साहिब को छापने का विशेष अधिकार SGPC के पास है, जिसे अब और सख्ती से लागू किया जाएगा.
विधानसभा में कब पास हुआ विधेयक?
यह विधेयक 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित हुआ था. इसके बाद इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया था. सरकार ने स्पष्ट किया था कि यह राज्य कानून में संशोधन है. इसलिए इसे राष्ट्रपति की मंजूरी की जरूरत नहीं थी और राज्यपाल की स्वीकृति के बाद यह सीधे लागू हो सकता है.
बेअदबी रोकने के लिए तीसरी कोशिश
पंजाब में बेअदबी के मामलों को लेकर सख्त कानून बनाने की यह तीसरी कोशिश है. पिछली सरकारों के विधेयक विधानसभा से पास होने के बावजूद केंद्र स्तर पर अटक गए थे, लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा लाया गया विधेयक सभी चरणों से पार होकर कानून बन गया है. सरकार का कहना है कि इससे बेअदबी की घटनाओं पर रोक लगेगी और धार्मिक भावनाओं की रक्षा होगी.




