Begin typing your search...

ड्रग ओवरडोज से नहीं रूक रहीं मौतें, 'उड़ता पंजाब' दूसरे नंबर पर आया, टॉप पर काबिज इस राज्य ने चौंकाया

NCRB ADSI Report 2024 के अनुसार पंजाब में ड्रग ओवरडोज से 106 मौतें दर्ज हुईं, जबकि नशा तस्करी के मामलों में राज्य देश में सबसे ऊपर रहा. रिपोर्ट में सड़क हादसों, आत्महत्या, स्नैचिंग और महिलाओं-बच्चों के खिलाफ अपराधों के बढ़ते मामलों ने भी चिंता बढ़ा दी है.

ड्रग ओवरडोज से नहीं रूक रहीं मौतें, उड़ता पंजाब दूसरे नंबर पर आया, टॉप पर काबिज इस राज्य ने चौंकाया
X
( Image Source:  AI Created )

पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या एक बार फिर से सुर्खियों में है. बुधवार रात को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने अपनी नई रिपोर्ट जारी की, जिसमें साल 2024 के आंकड़े दिए गए हैं. इस रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब अभी भी पूरे देश में नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में सबसे आगे वाले राज्यों में शामिल है. ड्रग ओवरडोज यानी नशीले पदार्थों की ज्यादा मात्रा लेने से होने वाली मौतों में पंजाब पिछले तीन साल तक नंबर 1 पर था. लेकिन अब साल 2024 में वह दूसरे स्थान पर आ गया है. इस जानकारी को भारत में आकस्मिक मौतों और आत्महत्याओं (ADSI) की रिपोर्ट में दिया गया है.

पंजाब में 2024 में कुल 106 लोग ड्रग ओवरडोज से मारे गए. सबसे ज्यादा मौतें तमिलनाडु राज्य में हुईं, जहां 313 मौतें दर्ज की गईं. पंजाब में ये संख्या 2023 में 89 थी, जो 2024 में बढ़कर 106 हो गई. हालांकि 2022 में यह 117 थी, इसलिए थोड़ी कमी जरूर आई है. पूरे देश में भी ये समस्या बढ़ रही है. साल 2022 में ओवरडोज से 681 मौतें हुईं, 2023 में 654, लेकिन 2024 में ये तेजी से बढ़कर 978 हो गईं.

नशीले पदार्थों के मामले

पंजाब नशीले पदार्थों का इस्तेमाल करने वाले मामलों में केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों से पीछे है. लेकिन नशीले पदार्थों की तस्करी और कब्जे के मामलों में पंजाब पूरे देश में सबसे ऊपर है. हालांकि 2024 में पंजाब की स्थिति देखे तो नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़े 8,973 मामले दर्ज हुए है. तस्करी और कब्जे से जुड़े 6,060 मामले दर्ज हुए, जो पूरे भारत में सबसे ज्यादा हैं. एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों की दर भी बहुत ऊंची है. यहां प्रति लाख लोगों पर 29 मामले दर्ज किए गए, जिससे राज्य दूसरे नंबर पर आता है.

क्या है आसपास के राज्यों की स्थिति?

हिमाचल प्रदेश में 31 मौतें (पिछले साल से बढ़ी)

हरियाणा में 3 मौतें

चंडीगढ़ में 7 मौतें

जम्मू-कश्मीर में 4 मौतें

नशे के अलावा राज्यों में आत्महत्या के मामले

इन सभी राज्यों पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर को मिलाकर कुल ओवरडोज मौतों का 15.3 प्रतिशत हिस्सा आता है. अन्य गंभीर समस्याओं पर नजर डाले तो, पंजाब में नकली शराब पीने से 33 लोगों की मौत हो गई, जेल से कैदियों के भागने की 48 घटनाएं हुईं, पूरे राज्य में 1,079 हत्या के मामले दर्ज किए गए. वहीं आत्महत्या के मामले में 90 किसानों ने आत्महत्या की इनमें 73 जमीन के मालिक, 11 पट्टे पर खेती करने वाले और 6 मजदूर थे. इसके अलावा बेरोजगार युवाओं द्वारा 182 आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए. वहीं महिलाओं द्वारा 301 आत्महत्याएं के मामले है.

सड़क दुर्घटनाएं, स्नैचिंग और बलात्कार के मामले

सड़क सुरक्षा की स्थिति भी बहुत खराब है. साल 2024 में पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं से 4,759 लोगों की जान गई. इसका मतलब है कि रोजाना औसतन 13 लोग सड़कों पर दुर्घटना में मारे गए. पंजाब पूरे देश में स्नैचिंग की घटनाओं में भी सबसे आगे है. यहां अपराध दर 4.4 रही और पूरे साल 1,356 ऐसे मामले दर्ज किए गए. महिलाओं और बच्चों पर अपराध:बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के तहत POCSO एक्ट के 2,430 मामले दर्ज हुए. महिलाओं के खिलाफ बलात्कार के 558 मामले सामने आए.

अगला लेख