Begin typing your search...

जब थे मंत्री तब गंदे गद्दे पर VC को लिटाया, CM मान को माननी पड़ी माफी... किस्सा चेतन सिंह जौरामाजरा का जो BJP में हुए शामिल

चेतन सिंह जौरामाजरा ने AAP छोड़कर BJP का दामन थाम लिया. 2022 में वीसी डॉ. राज बहादुर को गंदे गद्दे पर लिटाने का विवाद भी फिर चर्चा में है.

Chetan Singh Jauramajra Dr Raj Bahadur dirty mattress controversy
X

पंजाब की राजनीति में इन दिनों आम आदमी पार्टी में हर रोज कुछ ऐसा हो रहा है, जो न तो मुख्यमंत्री भगवंत मान और न ही पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल और उनके गुट के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है. ऐसा इसलिए, क्योंकि एक दिन पहले ही आम आदमी पार्टी के तीन विधायक पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए. बताया जा रहा है कि कम से कम 25 विधायक बीजेपी में शामिल होने के लिए तैयार बैठे हैं. इस घटना के बाद पंजाब की राजनीति में बीजेपी का असर पहली बार देखने को मिलने लगा है. कहा जा रहा है कि बीजेपी ने वर्षों से पंजाब में जो सियासी निवेश किया था, अब उसे उसका लाभ मिलने लगा है.

पंजाब की राजनीति में जारी इसी उठापटक को लेकर जब स्टेट मिरर के जीतेंद्र चौहान ने वरिष्ठ पत्रकार वंदना शर्मा से बात की, तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं. उन्हीं के शब्दों में समझिए कि पंजाब की राजनीति तेजी से किस करवट लेने को तैयार है.

क्या दिल्ली के दबदबे से नाराज हैं पंजाब के आप विधायक?

स्टेट मिरर के जीतेंद्र चौहान ने जब पंजाब की वरिष्ठ पत्रकार वंदना शर्मा से पूछा कि क्या आप के विधायक मुख्यमंत्री भगवंत मान का साथ छोड़कर पार्टी से नाराजगी जता रहे हैं? क्या दिल्ली के दबदबे से पार्टी के विधायक परेशान हैं? अगर ऐसा है, तो क्या पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (SAD) वापसी करेगा? क्या ऐसा होने पर अकाली दल को बीजेपी या अकाली दल से अलग हुए गुट के नेता सुरजीत का सहारा लेना पड़ेगा? या फिर अरविंद केजरीवाल की पार्टी प्रचंड बहुमत से सत्ता में आने के बाद अपने वादों और नीतियों से ही भटक गई?

इसके जवाब में वरिष्ठ पत्रकार वंदना शर्मा ने कहा कि पंजाब के सत्ताधारी विधायक भगवंत मान से ज्यादा पार्टी से नाराज चल रहे हैं. आप के विधायकों का कहना है कि वे पिछले साढ़े चार साल के सभी गिले-शिकवों का बदला लेने को तैयार बैठे हैं. यही वजह है कि दो नवंबर को बीजेपी में तीन आप विधायकों के शामिल होने से पहले ही अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने सियासी नजाकत को भांपते हुए चुनाव से काफी पहले 40 विधायकों की सूची जारी कर दी. यह उनकी घबराहट है. ऐसा इसलिए, क्योंकि पार्टी के कर्ताधर्ताओं यानी दिल्ली लॉबी को पता है कि अधिकांश विधायक पार्टी छोड़ने के मूड में हैं. इससे चिंतित आप ने आनन-फानन में 40 विधायकों की सूची जारी कर दी, ताकि कम से कम ये विधायक तो पार्टी के साथ बने रहें. इसके बावजूद इनमें से भी कई विधायक आने वाले दिनों में पार्टी छोड़ सकते हैं.

क्या दिल्ली लॉबी के दबाव का बदला ले रहे हैं विधायक?

वंदना शर्मा ने एक चौंकाने वाली बात यह बताई कि जिस तरह से मंत्रियों और विधायकों को दिल्ली लॉबी ने दबाया, अब वे एक-एक करके उसका बदला उन्हीं से लेंगे.

समाना से विधायक और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह पहली बार उस समय सुर्खियों में आए थे, जब जुलाई 2022 में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) के तत्कालीन कुलपति (VC) डॉ. राज बहादुर के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था और उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया था. जौड़ामाजरा ने डॉ. राज बहादुर को गंदे गद्दे पर लेटने के लिए मजबूर किया था.

दरअसल, 29 जुलाई 2022 को स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे. यह अस्पताल बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आता है. वहां वार्ड में मरीजों के बिस्तरों की खराब स्थिति और गंदे गद्दे देखकर मंत्री भड़क गए. उन्होंने कैमरों और मीडिया के सामने बेहद रूखे व्यवहार के साथ वीसी डॉ. राज बहादुर को उसी फंगस लगे और गंदे गद्दे पर लेटने के लिए मजबूर किया.

गंदे गद्दे पर लेटने को मजबूर किए गए वीसी, अगले दिन दे दिया इस्तीफा

देश के प्रतिष्ठित स्पाइनल सर्जन डॉ. राज बहादुर इस घटना में सबके सामने हुए अपमान से बेहद आहत और भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में कभी ऐसा व्यवहार नहीं झेला था. इस घटना के ठीक अगले दिन यानी 30 जुलाई 2022 को उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उनके साथ-साथ उनके सचिव ओपी चौधरी ने भी इस्तीफा सौंप दिया था.

विवाद बढ़ा तो मुख्यमंत्री भगवंत मान ने क्यों मांगी माफी?

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चौतरफा विवाद खड़ा हो गया. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और अन्य डॉक्टर संगठनों ने मंत्री के इस व्यवहार की कड़ी निंदा की और उनके इस्तीफे की मांग की. विपक्ष ने भी सरकार को जमकर घेरा. विवाद बढ़ता देख मुख्यमंत्री भगवंत मान ने डॉ. राज बहादुर से फोन पर बात कर इस व्यवहार के लिए खेद जताया और माफी मांगी. हालांकि, डॉ. राज बहादुर दोबारा पद पर लौटने के लिए तैयार नहीं हुए और उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया.

अब यह मामला इसलिए चर्चा में है, क्योंकि डॉ. राज बहादुर को अपमानित करने वाले वही चेतन सिंह जौड़ामाजरा आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं.

क्या बीजेपी में शामिल होने के लिए तैयार बैठे हैं 25 विधायक?

वंदना शर्मा ने स्टेट मिरर के इस सवाल के जवाब में कि क्या आप में 'फूफा नाराज' होने जैसी स्थिति है, कहा कि जब शादी में फूफा नाराज होते हैं, तो पूरी शादी खराब कर देते हैं. बीजेपी में आप के 25 विधायक शामिल होने की संभावना है. भाजपा के लोग एक तरह से लॉटरी निकाल रहे हैं. आने वाले दिनों में आप देखिएगा, कभी दो तो कभी तीन विधायक एक-एक करके पार्टी छोड़ते जाएंगे. आप यह समझ लीजिए कि आप की शादी ही नहीं खराब होगी, बल्कि उसके विधायकों की पूरी बारात आने वाले दिनों में निकलने वाली है.

क्या पंजाब में आप सरकार ने जनता का भरोसा खो दिया है?

वंदना शर्मा के मुताबिक, पंजाब में आप सरकार ने लोगों के भरोसे को तोड़ा है. नशे की समस्या पहले से ज्यादा गंभीर हो गई है. इससे आप सरकार की छवि बहुत खराब हुई है. इसके अलावा, पंजाब के लोगों ने कभी बाहरी लोगों को पसंद नहीं किया. यह जानते हुए भी कि दिल्ली में सत्ता जाने के बाद अरविंद केजरीवाल और उनकी टीम यहां न केवल आई, बल्कि जम गई. इस बात से प्रदेश की जनता नाराज है.

ऐसा उस समय हुआ, जब पंजाब की जनता ने दिल्ली के दबदबे को कभी स्वीकार नहीं किया. किसान आंदोलन के दौरान लोगों ने केंद्र सरकार से दो-दो हाथ किए थे. इस लिहाज से देखें तो पंजाब की राजनीति में केजरीवाल और उनके कुनबे का यहां आकर दखल देना उल्टा साबित हुआ है.

प्रदेश की जनता समझ रही है कि भगवंत मान को अपनी सरकार चलाने की पूरी छूट नहीं दी जा रही है. इसलिए लोग नाराज हैं. भगवंत मान पर दबाव डाला गया है. फिर 2022 में आप नेताओं ने लोगों से वादा किया था कि अगर पंजाब में नशे का कारोबार खत्म नहीं हुआ, तो वे दोबारा वोट मांगने नहीं आएंगे. प्रदेश की जनता इस बात को अभी तक भूली नहीं है.

क्या पंजाब में बीजेपी के लिए बढ़ रहा है समर्थन?

अब जनता यह संकेत दे रही है कि डबल इंजन की सरकार बन जाए, तो बेहतर होगा. बीजेपी को कभी मौका नहीं मिला, उसे मौका मिलना चाहिए. अकाली दल, कांग्रेस और आप को मौका देकर देख लिया. प्रदेश के टैक्सी ड्राइवर भी खुलेआम डबल इंजन की सरकार आने का दावा करने लगे हैं. लोगों का मानना है कि डबल इंजन की सरकार आएगी, तो विकास ज्यादा होगा.

इस बात को भांपते हुए बीजेपी ने राघव चड्ढा और संदीप पाठक को पर्दे के पीछे से अपनी मुहिम में लगा रखा है. दोनों इस बार पंजाब चुनाव में बीजेपी के धुरंधर साबित हो सकते हैं. बीजेपी अपने गेम प्लान के तहत काम कर रही है.

पंजाब के लोग और उद्योगपति नशे के कारोबार, वसूली और गैंगस्टरों की ओर से फिरौती की मांग से परेशान हैं. यहां के हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उद्योगपतियों ने 15 हजार करोड़ रुपये का निवेश मध्य प्रदेश में किया है.

क्या बीजेपी ने पंजाब में तेज कर दी है अपनी सियासी तैयारी?

बीजेपी पिछले 15 दिनों से पंजाब में पूरी तरह आक्रामक रुख अपनाए हुए है. बीजेपी की आक्रामकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चार नवंबर को कांग्रेस की रैली के दिन ही भाजपा ने 'जख्म 84' कार्यक्रम करने का ऐलान किया है.

पंजाब में आप के तीन विधायक बीजेपी में शामिल

पंजाब में 2 नवंबर 2026 को सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब उसके तीन प्रमुख विधायक आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए. नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता लेने वाले इन विधायकों में अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह, समाना से विधायक और पूर्व मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा शामिल हैं.

इन नेताओं ने बीजेपी के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया और प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की मौजूदगी में बीजेपी का दामन थामा. इससे राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है.

विधानसभा चुनाव 2027स्टेट मिरर स्पेशल
अगला लेख