3 तो झांकी हैं 30 अभी बाकी हैं, 'नाराज फूफा' बिगाड़ देंगे AAP का खेल, पंजाब में BJP का निवेश देने लगा रिटर्न, एक्सपर्ट ने साफ कर दी पिक्चर
पंजाब चुनाव से पहले AAP में नाराजगी और दल-बदल का सिलसिला शुरु हो चुका है तो वहीं भगवंत मान के फूफा हरमीत सिंह पठानमाजरा समेत दो विधायक भाजपा में शामिल हो गए है इसी को लेकर पंजाब की राजनीति में क्या चल रहा है सीनियर पत्रकार वंदना शर्मा ने क्या कुछ कहा आइए जानते हैं...
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है. पार्टी ने शनिवार को 40 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है, वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने धूरी सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा की है. लेकिन उम्मीदवारों की पहली सूची सामने आते ही पार्टी के भीतर नाराजगी और दल-बदल का सिलसिला भी शुरू हो गया है. पंजाब सरकार में शामिल रहे आम आदमी पार्टी के तीन विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या टिकट बंटवारे ने पार्टी के भीतर असंतोष को बढ़ा दिया है या फिर इसके पीछे कोई बड़ी सियासी रणनीति काम कर रही है?
चुनाव से पहले नेताओं का पाला बदलना कोई नई बात नहीं है, लेकिन पंजाब में आम आदमी पार्टी के भीतर हो रही इस उठापटक ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर पार्टी के विधायक क्यों साथ छोड़ रहे हैं? क्या 40 उम्मीदवारों की पहली सूची ने अंदरूनी नाराजगी को खुलकर सामने ला दिया है? और इसका पंजाब की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
इन्हीं तमाम सवालों पर पंजाब की राजनीति को करीब से समझने वाली वरिष्ठ पत्रकार वंदना शर्मा ने स्टेट मिरर हिंदी से खास बातचीत की. आइए जानते हैं, उन्होंने इस सियासी घटनाक्रम को लेकर क्या कुछ बताया.
- वरिष्ठ पत्रकार वंदना शर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के कई विधायक पहले से ही पार्टी छोड़ने का मन बना चुके थे. कुछ विधायक अब भी पार्टी से अलग होने की तैयारी में हैं.
- वंदना शर्मा ने कहा कि बीजेपी ने अब मुख्यमंत्री भगवंत मान के परिवार में ही सेंध लगा दी है. भगवंत मान के फूफा हरमीत सिंह पठानमाजरा बीजेपी में शामिल हो गए हैं. भगवंत मान की पत्नी कि रिस्ते से फूफा लगते हैं. वंदना शर्मा ने आगे कहा कि जब फूफा नाराज हो जाए तो पूरी शादी का माहौल बिगड़ जाता है. तो थोड़ा ये नाराज चल रहे थे ऐसे सुरजीत रखड़ा को जिम्मेदारी दे दी गई तो ये भाजपा में शामिल हो गए.
- वंदना शर्मा के मुताबिक उनके साथ कुछ और लोग भी हैं, जो आने वाले एक-दो दिनों में बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. आम आदमी पार्टी की पूरी बरात निकलने वाली है.
- आगे कहा कि पंजाब के लोग कभी नहीं चाहते कि दिल्ली से आकर कोई उनकी राजनीति चलाए. वे खुद कहते हैं कि बाहरी लोग पंजाब को नहीं चला सकते. वंदना ने आगे कहा कि भाजपा सूत्रों का कहना है कि 25 से 30 विधायक आप के उनके संपर्क में हैं. इसी के साथ आगे बताया जा रहा है कि आप ने जिन 40 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा उनसे से कुछ भाजपा में जा सकते हैं.
- वंदना शर्मा ने कहा कि जनता भी अब पंजाब में डबल इंजन की सरकार चाहती है. वंदना शर्मा के मुताबिक, संदीप पाठक और राघव चड्ढा पंजाब में कई नेताओं को आम आदमी पार्टी से तोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब से लगातार इंडस्ट्री बाहर जा रही है और राज्य में माफिया का दबदबा बढ़ता जा रहा है.
- आगे उन्होंने कहा कि बीजेपी काफी आक्रामक हो रही है पंजाब में राहुल गांधी की रैली 4 नवंबर को है तो बीजेपी ने उस दिन को 1984 के जख्म का नाम दिया है. आगे कहा कि 84 का नाम ही काफी है पंजाबियों के लिए.
- स्टेट मिरर हिंदी से वंदना शर्मा ने कहा कि, अकाली दल को आगे चलकर बीजेपी की बैसाखी का सहारा लेना ही पड़ेगा. वंदना शर्मा ने कहा कि बीजेपी अच्छी तरह जानती है कि अकाली दल के साथ कब गठबंधन करना है.
- एक्सपर्ट वंदना के मुताबिक आम आदमी पार्टी के भीतर महज पांच साल के कार्यकाल में ही एंटी-इनकंबेंसी पैदा हो गई है. भगवंत मान के करीबी नेता एक-एक करके पार्टी छोड़ रहे हैं और बीजेपी में शामिल हो रहे हैं.
- आगे कहा कि वारिस पंजाब दे पार्टी भी लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत कर रही है. उन्होंने कहा कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि रेडिकल युवा उसके साथ जुड़ें और पार्टी 8 से 10 सीटें तक जीत जाए.
- वंदना शर्मा ने आगे कहा कि जो लोग आप छोड़कर जा रहे हैं वे इसलिए जा रहे हैं कि उन्हें भाजपा में भविष्य नजर आ रहा है साथ ही आगे कहा कि कांग्रेस के अंदर इतनी लड़ाई है कि बागी नेता उन पर भरोसा ना करके भाजपा के पाले में जा रहे हैं.
- आखिर में वंदना शर्मा ने कहा कि उनके समर्थक चाहते हैं कि इस बार पंजाब में डबल इंजन की सरकार बने. ऐसा नहीं है कि पार्टी छोड़कर जाने वाले बागी नेताओं को अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई संशय नहीं है, लेकिन उन्हें जनता का समर्थन मिलने का भरोसा है.




