जिस वीडियो को लेकर अकाल तख्त ने भगवंत मान को घोषित किया Anti-Guru, उसे AAP ने इन 5 पॉइंट के आधार पर बताया FAKE
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर वायरल हुए एक वीडियो पर सियासी विवाद तेज हो गया है. अकाल तख्त ने वीडियो को लेकर मान को 'एंटी गुरु' घोषित कर दिया है. वहीं, आम आदमी पार्टी ने वीडियो को फेक बताने के 5 कारण गिनाए हैं.
भगवंत मान के वायरल वीडियो को AAP ने बताया फेक
Bhagwant Mann Viral Video Controversy: मुख्यमंत्री भगवंत मान को अकाल तख्त की ओर से 'एंटी गुरु' घोषित करने के बाद पंजाब की सियासत में हलचल मची हुई है. एक तरफ जहां अकाल तख्त ने सीएम मान के वायरल हो रहे वीडियो को सही ठहराया है, वहीं आम आदमी पार्टी का कहना है कि यह वीडियो AI से बनाया गया है. पार्टी ने इसे फेक बताया है.
दरअसल, वायरल वीडियो में एक शख्स हाथ में शराब का गिलास लिए हुए नजर आता है. वह सिख गुरुओं और जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरों पर शराब छिड़कता हुआ दिखाई दे रहा है. अकाल तख्त के मुताबिक, इस वीडियो में दिखने वाला शख्स भगवंत मान है, जबकि मान ने इसका खंडन किया और इसे फेक बताया. उनका कहना है कि यह वीडियो एआई की मदद से तैयार किया गया है.
AAP ने किस आधार पर वीडियो को बताया फेक?
- AAP का कहना है कि जांच के दौरान वीडियो के 1191 फ्रेमों की तकनीकी जांच की गई.
- जांच में चेहरे, कान और शारीरिक बनावट में साफ अंतर पाया गया.
- वीडियो में दिखाई दे रहा शख्स 5 फुट 10 इंच का है, जबकि मान 5 फुट 8 इंच के हैं.
- साइंटिफिक और बैकग्राउंड प्रोफाइलिंग भी सीएम मान से मेल नहीं खाती.
- शरीर की बनावट, कंधे और शारीरिक रूप में भी बड़ा अंतर पाया गया.
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने क्या कहा?
1- पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अकाली दल ने एक फ़र्ज़ी वीडियो के ज़रिए पंजाब के लोकप्रिय मुख्यमंत्री सरदार भगवंत मान जी को बदनाम करने की ओछी साज़िश रची है. उन्होंने कहा कि अकाली दल का ख़ुद एक कलंकित इतिहास रहा है. जब भी उनकी सरकार रही, उन्होंने बेअदबी, सिख-विरोधी और पंथ-विरोधी कार्रवाइयों को अंजाम दिया.
2- हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अकाली दल की सरकार के कार्यकाल में 1986 में नकोदर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की 5 पावन बीड़ों को आग के हवाले कर दिया गया था. इसके बाद इंसाफ़ की मांग को लेकर हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान 4 नौजवानों को गोलियां मारकर शहीद कर दिया गया. इस मामले की जांच के लिए गठित जस्टिस गुरनाम सिंह आयोग की रिपोर्ट भी गायब कर दी गई.
3- हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंथ के नाम पर वोट लेने वालों ने पंथ विरोधी हरकतें ही की हैं. एक अज्ञात व्यक्ति का वीडियो शूट कर उसे CM भगवंत मान बताने की साज़िश रची गई. इस मामले में दो अलग-अलग लैब की जांच रिपोर्टें हैं और दोनों ही पंजाब से बाहर की तथा भारत सरकार से मान्यता प्राप्त हैं.
4- चीमा ने कहा कि फ़र्ज़ी वीडियो की 1,191 पहलुओं से जांच हुई, लेकिन एक भी बात CM मान से मेल नहीं खाती. इस फ़र्ज़ी वीडियो ने अकाली दल (बादल) की घटिया राजनीति और घटिया सोच को बेनकाब कर दिया है.
5- पंजाब के वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि अकाली दल (बादल) और भाजपा के कार्यकाल में बार-बार बेअदबी और गोलीकांड हुई. उन्होंने कहा कि 1986 का नकोदर कांड और 2015 के बरगाड़ी व बहिबल कलां बेअदबी कांड में सब कुछ एक ही तरीके से हुआ, जो अकाली दल (बादल) और भाजपा के माथे पर कलंक है.
6- चीमा का आरोप है कि 2015 से 2017 तक सरकार में रहने के बावजूद कार्रवाई करना तो दूर, सुखबीर बादल जस्टिस ज़ोरा सिंह आयोग की रिपोर्ट लेने से भी भाग गए. इसी तरह कांग्रेस पार्टी ने भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की.




