Explainer: कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी कौन हैं, अब क्यों और कैसे आए पुलिस के रडार पर? जानिए इनसाइड स्टोरी
इंदौर में 10.8 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद होने के मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी से पुलिस ने पूछताछ की. हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया. हालांकि, नाना ने सभी आरोपों से इनकार कर दिया है.
इंदौर ड्रग्स केस में नाना पटवारी का नाम आया सामने
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी का नाम इंदौर के चर्चित ड्रग्स मामले में सामने आने के बाद सूबे की सियासत गरमा गई है. पुलिस ने ब्राउन शुगर की खेप के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनसे पूछताछ के आधार पर नाना पटवारी व एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया गया.
हालांकि, शुरुआती जांच और पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया गया. अब पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल और आर्थिक लेन-देन की जांच कर रही है.
क्या है पूरा मामला?
इंदौर के राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर इरफान खान उर्फ गोलू चंदेरी और संजय कौशल उर्फ रॉनी को गिरफ्तार किया. उनके कब्जे से करीब 10.8 ग्राम ब्राउन शुगर और एक SUV बरामद हुई. दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया.
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने दावा किया कि वे ब्राउन शुगर की खेप नाना पटवारी और मानव गंगवानी तक पहुंचाने जा रहे थे. इसी आधार पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. हालांकि, तत्काल कोई ठोस सबूत नहीं मिलने पर दोनों को देर रात छोड़ दिया गया.
पुलिस क्या जांच कर रही है?
पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामला खत्म नहीं हुआ है. जांच में कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्य और बैंकिंग लेन-देन की जांच की जा रही है. जरूरत पड़ने पर नाना पटवारी को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है.
नाना पटवारी ने क्या कहा?
रिहा होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाना पटवारी ने कहा कि उन्होंने करीब तीन साल पहले तक ड्रग्स का सेवन किया था, लेकिन रिहैब सेंटर में इलाज के बाद नशा पूरी तरह छोड़ दिया. उन्होंने कहा कि उनका अपराध सिर्फ इतना है कि वे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई हैं. उनका दावा है कि ड्रग्स मामले में गिरफ्तार लोगों से उनका कोई लेन-देन नहीं है.
नाना के मुताबिक वे अपनी कार की सर्विस कराने गए थे, तभी पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए साथ ले गई. उन्होंने बताया कि पुलिस ने पूरे दिन शहर में घुमाया, लेकिन हिरासत का स्पष्ट कारण नहीं बताया.
संजय कौशल और गोलू से क्या संबंध?
नाना पटवारी ने बताया कि उनकी गाड़ी संजय कौशल उर्फ रॉनी के सर्विस सेंटर पर धुलती है, जहां इरफान उर्फ गोलू भी काम करता है. पुलिस ने इन्हीं दोनों के बारे में उनसे पूछताछ की. उन्होंने कहा कि दोनों कांग्रेस के कार्यकर्ता रहे हैं और चुनाव में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस स्कॉर्पियो वाहन से ब्राउन शुगर बरामद हुई, वह उनकी नहीं बल्कि संजय कौशल की है और उसमें मिले किसी भी सामान से उनका कोई संबंध नहीं है.
'टाइगर इज बैक' का वीडियो वायरल
नाना पटवारी के पुलिस हिरासत से बाहर होने के बाद एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें दोस्त 'टाइगर इज बैक' का नारा लगा रहे हैं. इसमें नाना भी नजर आते हैं.
जीतू पटवारी ने क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया. उनका आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए उनके परिवार को निशाना बना रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे दबाव से डरने वाली नहीं है और कानूनी लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगी.
दूध के धुले नहीं हैं नाना पटवारी
नाना पटवारी दूध के धुले हुए नहीं हैं. पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ हत्या के प्रयास समेत करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें शामिल हैं:
- 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान पुराने हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तारी
- 2025 में इंदौर के तेजाजी नगर थाने में जमीन कब्जाने और धमकी देने के आरोप में एफआईआर
- 2018 में महिला से अभद्रता और घर में घुसने के आरोप में मामला दर्ज
- कई पुराने मामलों में नाम सामने आया. हालांकि सभी मामलों में अंतिम न्यायिक स्थिति अलग-अलग रही है
खुशी सुसाइड केस से क्या कनेक्शन?
2018 में इंदौर की चर्चित खुशी कूलवाल सुसाइड केस की जांच के दौरान नाना पटवारी का नाम सामने आया था. पुलिस ने उनसे पूछताछ की थी, लेकिन उस समय उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. अब 2025-26 में ड्रग नेटवर्क की जांच के दौरान पुलिस पुराने हाई-प्रोफाइल कनेक्शन और पार्टी सर्किट की भी पड़ताल कर रही है. हालांकि, इस मामले में भी अभी तक नाना पटवारी के खिलाफ कोई नया आरोप सिद्ध नहीं हुआ है.
अभी क्या स्थिति है?
फिलहाल दो आरोपी जेल में हैं. नाना पटवारी गिरफ्तार नहीं हैं. उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है. पुलिस जांच जारी है. अभी तक उनके खिलाफ ड्रग्स सप्लाई का आरोप अदालत में साबित नहीं हुआ है.




