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Explainer: बांकीपुर उपचुनाव में BJP ने क्यों बदला उम्मीदवार? जानिए कौन हैं नीरज कुमार सिन्हा और क्या है सीट का चुनावी समीकरण

पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने आखिरी समय पर बड़ा बदलाव करते हुए अभिषेक कुमार सिन्हा 'बंटी' की जगह नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है. अब इस सीट पर बीजेपी, जन सुराज और आरजेडी के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना है.

abhishek sinha resigns neeraj kumar sinha
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अभिषेक बंटी के इस्तीफा देने के बाद नीरज कुमार सिन्हा बने बीजेपी उम्मीदवार

( Image Source:  X/@HardikArya2576 · )

बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव अब और दिलचस्प हो गया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आखिरी समय में बड़ा फैसला लेते हुए पहले घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा 'बंटी' की जगह नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया प्रत्याशी बना दिया है.

यह फैसला अभिषेक बंटी द्वारा व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए नामांकन वापस लेने के बाद लिया गया. अब इस सीट पर मुकाबला बीजेपी, जन सुराज और आरजेडी के बीच त्रिकोणीय होता नजर आ रहा है.



क्यों बदला बीजेपी ने उम्मीदवार?

बीजेपी ने पहले युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार सिन्हा 'बंटी' को टिकट दिया था. उन्होंने नामांकन भी दाखिल कर दिया था, लेकिन बाद में निजी और पारिवारिक कारणों का हवाला देकर चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया. इसके बाद बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने तुरंत बैठक कर नीरज कुमार सिन्हा को नया उम्मीदवार घोषित कर दिया.


कौन हैं नीरज कुमार सिन्हा?

नीरज कुमार सिन्हा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं. उनका जन्म 1 जुलाई 1994 को पटना में हुआ. उनके पिता का नाम ध्रुव कुमार और माता का नाम सरोज देवी था. दोनों ही अब इस दुनिया में नहीं हैं. नीरज की पढ़ाई ग्रेजुएशन तक हुई है. उन्होंने बीए किया हुआ है. वे 2006 में बीजेपी के प्राथमिक सदस्य बने.. इसके बाद वे नरेंद्र भारती मंडल के बूथ अध्यक्ष, मंडल महामंत्री और फिर भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष बने. वे दो बार मंडल अध्यक्ष बने.



नीरज कुमार सिन्हा के चाचा का नाम नरेंद्र भारती था. जो जनसंघ के कार्यकर्ता थे. उनका निधन 1984 में हुआ. उनके नाम पर मंडल का नाम नरेंद्र भारती रखा गया. बीजेपी ने नीरज को ऐसे समय में मैदान में उतारा है, जब बांकीपुर सीट पर राजनीतिक मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है. बीजेपी को उम्मीद है कि नीरज सिन्हा पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत बनाए रखेंगे.

बांकीपुर में उपचुनाव क्यों हो रहा है?

बांकीपुर सीट बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है. नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और राज्यसभा पहुंचने के बाद निर्वाचन आयोग ने यहां उपचुनाव घोषित किया.

बांकीपुर में किस-किसके बीच है चुनावी मुकाबला?

  • बीजेपी: नीरज कुमार सिन्हा
  • जन सुराज पार्टी: प्रशांत किशोर
  • आरजेडी: रेखा गुप्ता
  • जनशक्ति जनता दल: वीना मानवी


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने से चुनाव पहले के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी हो गया है.

उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम

  • नामांकन की अंतिम तिथि: 13 जुलाई 2026
  • नामांकन की जांच: 14 जुलाई 2026
  • नाम वापस लेने की अंतिम तिथि: 16 जुलाई 2026
  • मतदान: 30 जुलाई 2026
  • मतगणना: 3 अगस्त 2026

बांकीपुर सीट क्यों है खास?

पटना शहर की बांकीपुर विधानसभा सीट बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती है. 2008 में परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई. इसके बाद हुए हर विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने जीत दर्ज की है. 2010 से लेकर 2025 तक नितिन नवीन लगातार इस सीट से विधायक रहे और हर बार विपक्षी उम्मीदवारों को बड़े अंतर से हराया.

जातीय समीकरण क्या कहते हैं?

राजनीतिक जानकारों के अनुसार बांकीपुर विधानसभा में कायस्थ मतदाताओं की संख्या निर्णायक मानी जाती है. इसके अलावा शहरी मध्यम वर्ग और व्यापारिक समुदाय भी चुनाव परिणाम पर बड़ा असर डालते हैं.

पिछले चुनावों का रिकॉर्ड

  • 2010: नितिन नवीन (BJP)
  • 2015: नितिन नवीन (BJP)
  • 2020: नितिन नवीन (BJP)
  • 2025: नितिन नवीन (BJP)

लगातार चार चुनाव जीतने के कारण यह सीट बीजेपी का सबसे सुरक्षित गढ़ मानी जाती है. हालांकि इस बार प्रशांत किशोर की एंट्री से मुकाबला पहले की तुलना में ज्यादा दिलचस्प हो गया है.

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