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दतिया में बेटे ने पिता को कुल्हाड़ी से काटा, 6 महीने तक बक्से में छिपाया शव-फिर कंकाल को नदी में फेंका; 10 पॉइंट्स में जानें मामला
दतिया जिले में रिश्तों को कलंकित करने का मामला सामने आया है. यहां एक बेटे ने 40 हजार रुपये को लेकर हुए विवाद में अपने पिता को मौत के घाट उतार दिया.
नदी से शव के अवशेष बरामद करती पुलिस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
( Image Source:
Google Gemini )
Datia Crime News: मध्य प्रदेश के दतिया जिले से रिश्तों को कलंकित करने का मामला सामने आया है. यहां एक बेटे को उसके पिता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. बताया जाता है कि 40 हजार रुपये के विवाद को लेकर बेटे ने पिता को मौत के घाट उतार दिया. फिर उसके शव को छह महीने तक लोहे के बक्से में छिपाकर रखा और बाद में कंकाल बन जाने पर नदी में फेंक दिया.
बेटा 11 महीनों तक अपने पिता की मौत की बात लोगों से छुपाता रहा. उससे जब कोई पिता के बारे में पूछता तो वह यही कहता कि वे काम के सिलसिले में मुंबई गए हैं. एसपी मयूर खंडेलवाल ने 1 जुलाई को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले का पर्दाफाश किया.
क्या है पूरा मामला?
- यह मामला बडोनी थाना क्षेत्र के छाता गांव का है. 28 जून को शिवराज सिंह बुंदेला ने अपने छोटे भाई 45 वर्षीय उदयभान सिंह बुंदेला के 11 महीने से लापता होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई. उदयभान सिंह बुंदेला ने संदेह जताया कि उसके भाई शिवराज सिंह के गायब होने के पीछे उसके भतीजे नितिन का हाथ है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
- पुलिस ने जब नितिन बुंदेला से उसके पिता के बारे में सवाल पूछा तो उसने मनगढ़ंत हादसे की कहानी बनानी शुरू कर दी. नितिन ने कहा कि उसके पिता की मौत पिछले साल अगस्त में हो गई थी, जब वे ट्रैक्टर के कल्टीवेटर का ब्लेड बदल रहे थे. उसने कहा कि डर के कारण उसने शव को लोहे के बक्से में छिपा दिया था, जिसे बाद में चाचा की मदद से सामली नदी में फेंक दिया.
- नितिन बुंदेला के इस बयान के बाद फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम मौके पर पहुंची और जांच की, जिसमें पता चला कि ऐसी कोई घटना नहीं हुईं. जांच में दुर्घटना की बात सामने न आने के बाद आखिरकार नितिन ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया.
- उदयभान बुंदेला ने अपने बेटे को ट्रैक्टर लोन की EMI भरने और खेती का खर्च उठाने के लिए 40 हजार रुपये दिए थे, लेकिन इस पैसों को नितिन ने शराब और जुए में खर्च कर डाला. जब भी उदयभान अपने बेटे नितिन से 40 हजार रुपये वापस मांगते तो उनके बीच गरमागरम बहस होने लगती.
- पिछले साल अगस्त में जब उदयभान घर के बाहर सो रहे थे उसी समय नितिन ने कुल्हाड़ी से उनके सिर पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया. इसके बाद उसने कंबल में शव को लपेटकर 6 महीने तक लोहे के बक्से में छिपाए रखा. उसने खून से सनी खाट को भी गायब कर दिया.
- पिता की हत्या करने के बाद नितिन कुछ समय तक घर से गायब रिश्तेदारों के यहां रहा और फिर गांव लौट आया. यह जब उससे पिता के बारे में पूछा जाता तो यही कहता कि उसके पिता काम के सिलसिले में मुंबई गए हैं.
- करीब छह महीने बाद, जब लाश सड़-गलकर कंकाल बन गई तो नितिन ने अपने चाचा अस्पेंद्र बुंदेला उर्फ कल्ली को इस अपराध के बारे में बताया, जिसके बाद दोनों ने मिलकर कंकाल को रात के समय सामली नदी में फेंक दिया.
- बताया जाता है कि इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब नितिन और उसके चाचा के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया. चाचा ने परिजनों को बताया कि नितिन ने ही अपने पिता की हत्या की है. यह जानकारी सामने आने के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामले की गहराई से जांच शुरू हुई.
- नितिन के पिता की हत्या की बात कबूल करने के बाद पुलिस ने सामली नदी से इंसानी हड्डियों, मृतक उदयभान के कपड़े और लाश लपेटने में इस्तेमाल किया गया कंबल व अन्य अवशेष बरामद किए, जिसे देखकर परिजनों ने मृतक की पहचान की. पुलिस ने वह लोहे का बक्सा भी ज़ब्त कर लिया है, जिसमें कई महीनों तक शव को छिपाया गया था.
- पुलिस ने नितिन बुंदेला और कल्ली उर्फ़ अस्पेंद्र बुंदेला को हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है. दोनों को कोर्ट में भी पेश किया गया.




