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नोएडा के मेदांता अस्पताल ने मरीज को बताए खर्च से दोगुना वसूला बिल, CMO ने भेजा नोटिस; डॉक्टर्स-स्टाफ के पंजीकरण पर भी उठाए सवाल

नोएडा के सेक्टर-50 स्थित मेदांता हॉस्पिटल को एक मरीज से कथित तौर पर तय रकम से कहीं ज्यादा बिल वसूलने के आरोप में गौतमबुद्धनगर के CMO ने नोटिस जारी किया है. नोटिस में अस्पताल की बिलिंग प्रक्रिया के साथ-साथ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के पंजीकरण पर भी सवाल उठाए गए हैं।

Noida Medanta Hospital Served CMO Notice Over Alleged Overbilling
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नोएडा के मेदांता हॉस्पिटल पर ज्यादा बिल वसूलने का आरोप (प्रतीकात्मक तस्वीर)

( Image Source:  File Photo )
मोहम्मद रज़ा
By: मोहम्मद रज़ा3 Mins Read

Updated on: 2 July 2026 9:23 PM IST

नोएडा के सेक्टर-50 स्थित मेदांता हॉस्पिटल को गौतमबुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने नोटिस जारी किया है. दरअसल, एक मरीज द्वारा अस्पताल पर ज्यादा पैसे वसूलने के आरोप लगाये गए थे. जानकारी के मुताबिक, CMO द्वारा ये नोटिस जारी ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा निवासी प्रशांत कुमार की शिकायत के बाद की गई है. शिकायतकर्ता ने 12 जून 2026 को आईजीआरएस के माध्यम से अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अस्पताल में भर्ती के दौरान इलाज का खर्च प्रतिदिन 50 से 60 हजार रुपये बताया गया था, लेकिन इलाज पूरा होने के बाद भुगतान के समय अस्पताल ने बताई गई राशि से लगभग दोगुना बिल वसूल लिया. शिकायतकर्ता का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के अतिरिक्त शुल्क लिया गया, जो पूरी तरह अनुचित है.

नोटिस में CMO ने क्या कहा?

  • CMO ने 30 जून 2026 को जारी नोटिस में कहा है कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि अस्पताल मरीजों को इलाज के खर्च को लेकर भ्रमित कर रहा है. अस्पताल प्रबंधन से पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा गया है.
  • नोटिस में सिर्फ बिलिंग ही नहीं, बल्कि अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के पंजीकरण पर भी सवाल उठाए गए हैं.
  • CMO ने कहा है कि अस्पताल ने पंजीकरण के समय जिन डॉक्टरों और स्टाफ का विवरण दिया था, उसके बाद नियुक्त किए गए कर्मचारियों की जानकारी अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है.
  • CMO के अनुसार, Clinical Establishment (Registration and Regulation) Act, 2010 के तहत अस्पताल में कार्यरत सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ का उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण होना अनिवार्य है... जबकि संज्ञान में आया है कि अस्पताल में कुछ डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ केवल दिल्ली मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत होने के बावजूद कार्य कर रहे हैं.

CMO ने अस्पताल को निर्देश दिया है कि उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल में अपंजीकृत सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ का तत्काल पंजीकरण कराकर उसका पूरा विवरण उपलब्ध कराया जाए. ऐसा नहीं करने पर Clinical Establishment (Registration and Regulation) Act, 2010 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

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