मध्य प्रदेश में महंगा हुआ बस का सफर, 400 की टिकट 600-700 तक होगी, जानें अब यात्रा पर कितना होगा खर्च
मध्य प्रदेश में बस से सफर करने वालों को बड़ा झटका लगा है. परिवहन विभाग ने बस किराए में 75 पैसे प्रति किलोमीटर तक बढ़ोतरी की है. नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं. अगर आप 100 किमी की यात्रा करते हैं तो आपका किराया करीब ₹125 से बढ़कर ₹200 तक हो सकता है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
मध्य प्रदेश में बस के किराये में हुई बढ़ोतरी
MP Bus Fare Hike 2026: मध्य प्रदेश में बस से सफर करने वालों के लिए बड़ा झटका है. परिवहन विभाग ने बस किराए में 75 पैसे प्रति किलोमीटर तक बढ़ोतरी की है, जिसके बाद ऑपरेटर अधिकतम ₹2 प्रति किलोमीटर तक किराया ले सकेंगे. नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं. इससे बस यात्रियों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है. परिवहन विभाग ने बस किराए में संशोधन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है.
इस किराया बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर लंबी दूरी के यात्रियों पर पड़ने की संभावना है. बस मालिकों के संगठन का कहना है कि लंबी दूरी के रूट पर किराए में 55 से 60 फीसदी तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
400 रुपये की जगह चुकाने होंगे 700 रुपये
मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष वीरेंद्र साहू के मुताबिक, नई दर लागू होने के बाद जिस यात्रा के लिए अभी करीब ₹400 खर्च होते हैं, उसका किराया बढ़कर ₹600 से ₹700 तक पहुंच सकता है. यानी लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले के मुकाबले काफी ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ सकता है.
100 किलोमीटर का सफर भी महंगा
नई व्यवस्था में 100 किलोमीटर की यात्रा, जिसका किराया पहले करीब ₹125 बताया गया है, अब अधिकतम ₹200 तक जा सकता है. इस हिसाब से समान दूरी के सफर पर यात्रियों को करीब ₹75 ज्यादा देने पड़ सकते हैं.
सरकार ने 75 पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ाया किराया
परिवहन विभाग ने बस किराए में 75 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की है. नई व्यवस्था के तहत बस ऑपरेटर यात्रियों से अधिकतम ₹2 प्रति किलोमीटर तक किराया वसूल सकते हैं. सरकार की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी होने के बाद संशोधित किराया तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.
बस मालिकों की हड़ताल की चेतावनी के बाद फैसला
किराया बढ़ाने का फैसला ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन ने 7 अगस्त से प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी थी. सोमवार को परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और विभागीय अधिकारियों ने बस ऑपरेटरों के साथ बैठक की. इसी दौरान सरकार की ओर से किराया बढ़ाने का संकेत दिया गया था. प्रस्ताव को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंजूरी भी मिली.
पांच मांगें रखी थीं, सिर्फ किराए पर फैसला
बस मालिकों का कहना है कि पिछले पांच साल से बस किराए में संशोधन नहीं हुआ था, जबकि डीजल और बस संचालन से जुड़ी लागत लगातार बढ़ रही है. छोटे बस ऑपरेटरों के लिए खर्च निकालना मुश्किल हो रहा था. एसोसिएशन ने सरकार के सामने कुल पांच प्रमुख मांगें रखी थीं. फिलहाल सरकार ने बस किराया बढ़ाने की मांग स्वीकार की है, लेकिन बाकी मांगों पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है.
40 रूट पर निजी बसों को चलाने की मांग
बस ऑपरेटरों की एक प्रमुख मांग मुख्यमंत्री सुगम बस परिवहन सेवा के तहत आरक्षित 40 रूटों को लेकर है. एसोसिएशन चाहता है कि इन रूटों पर निजी बसों को भी संचालन की अनुमति दी जाए. इन रूटों को लेकर 20 फरवरी को जारी अधिसूचना फिलहाल होल्ड पर है. बस मालिक चाहते हैं कि इस अधिसूचना को पूरी तरह वापस लिया जाए. ऑपरेटरों ने संकेत दिया है कि अगर इस मांग पर फैसला नहीं हुआ तो वे आगे आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपना सकते हैं.
बसों की उम्र 15 से बढ़ाकर 20 साल करने की मांग
बस मालिकों ने वाहनों की अधिकतम संचालन अवधि बढ़ाने की मांग भी दोहराई है. उनका कहना है कि वर्तमान में बसों को 15 साल तक चलाने की अनुमति है, जिसे बढ़ाकर 20 साल किया जाना चाहिए. एसोसिएशन का तर्क है कि कई दूसरे राज्यों में बसों के संचालन की अवधि 20 साल तक है. इसलिए मध्य प्रदेश में भी यही व्यवस्था लागू की जानी चाहिए.




