ट्रेड डील से लेकर एपस्टीन तक, यूथ कार्यकर्ताओं को बताया 'बब्बर शेर', किसान महापंचायत के दौरान राहुल ने मोदी को दी 8 वार्निंग
राहुल गांधी ने भोपाल किसान महापंचायत में पीएम मोदी पर लगाया अमेरिका-ट्रेड डील, एपस्टीन फाइल, अडाणी और किसानों के हितों की अनदेखी के आरोप लगाए.
भोपाल में आयोजित कांग्रेस किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर निशाना साधा. उन्होंने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप टैरिफ पर फैसला आने के बाद मोदी को अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील को रद्द करने की चुनौती दी. राहुल ने आरोप लगाया कि मोदी दबाव में हैं. उन्होंने कहा कि वह भारत को बेचने वाले समझौते में शामिल हैं, जिसमें किसानों और आम जनता के हितों की अनदेखी हुई. वह ट्रंप और अडाणी के दबाव में काम कर रहे हैं. राहुल गांधी ने उन्हें "समझौता" किया हुआ पीएम बताया. जानिए, उन्होंने भोपाल महापंचायत में और क्या कहा?
1. ट्रेड डील को लेकर राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने बताया कि अमेरिका के साथ ट्रेड एग्रीमेंट चार महीने तक रुका रहा क्योंकि इसमें कृषि और किसानों के प्रोडक्ट शामिल थे. उन्होंने कहा कि भारत सरकार नहीं चाहती थी कि अमेरिकी कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स भारत में बेचें, लेकिन मोदी ने बिना कैबिनेट की सलाह लिए समझौता कर लिया. उन्होंने चुनौती दी कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मोदी डील को रद्द करें.
2. मोदी क्यों हैं कंप्रोमाइज्ड पीएम?
राहुल गांधी ने दावा किया कि पीएम मोदी ने अमेरिकी दबाव में भारत के डेटा और हितों को अमेरिका को सौंप दिया. उन्होंने कहा कि मोदी ने अपनी राजनीतिक इमेज और भविष्य बचाने के लिए समझौता किया. राहुल ने इसे “कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम” की निशानी बताया.
3. किसानों के मसले पर मोदी क्यों पीछे हटे?
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भारत ने US इंडस्ट्रियल सामानों और कृषि उत्पादों के टैरिफ कम कर दिए. इसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन, लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं. राहुल गांधी ने इसे किसानों के हितों के खिलाफ बताया.
4. लोकसभा में क्यों नहीं बोलने दिया गया?
राहुल गांधी ने याद दिलाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को पहली बार बोलने नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की किताब से चीन सीमा टकराव का मामला उठाया, तो उन्हें रोक दिया गया.
5. नरवणे ने फैसला लेने को कहा, पीएम गायब क्यों?
राहुल गांधी ने कहा कि चीन के साथ 2020 में सीमा विवाद के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्णय लेने से परहेज किया. नरवणे ने राजनाथ सिंह और NSA अजीत डोभाल को फोन किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने सेना को अकेला छोड़ दिया.
6. एपस्टीन फाइल और अडाणी के दबाव का क्या है मामला?
राहुल गांधी ने कहा कि मोदी पर एपस्टीन फाइल और अडाणी के केस का दबाव है. इस वजह से उन्होंने भारत के डेटा और ट्रेड समझौते अमेरिका को सौंपे. उन्होंने अडाणी को मोदी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर बताया और कहा कि अमेरिका में अडाणी पर केस का लक्ष्य मोदी हैं.
7. मोदी ट्रंप डील के दो कारण
राहुल ने बताया कि मोदी ने दबाव और धमकी में डील की. उन्होंने कहा कि अगर दबाव नहीं होता तो ऐसा नहीं किया जाता. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने किसानों और भारत के हितों को नजरअंदाज किया. दूसरा कारण यह है कि जहां भी देखो उनके साथ अडाणी ही दिखाई देतो है. ये जो अडाणी है मामूली कंपनी नहीं है. ये बीजेपी का नरेंद्र मोदी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर है. दूसरी धमकी है कि अमरीका में अडाणी पर क्रिमनल केस है.
8. कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को क्यों कहा बब्बर शेर?
राहुल गांधी ने मंगलवार को इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के "बब्बर शेर साथियों" की तारीफ की, जिन्हें भारत मंडपम में AI समिट के दौरान विरोध करने पर हिरासत में लिया गया था. उन्होंने बिना डरे अपनी आवाज उठाने के लिए यूथ विंग की तारीफ करते हुए कहा, "शांतिपूर्ण विरोध हमारा अधिकार है."उनकी यह टिप्पणी दिल्ली पुलिस द्वारा IYC के नेशनल प्रेसिडेंट उदय भानु चिब को 20 फरवरी को AI समिट के दौरान भारत मंडपम में किए गए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में गिरफ्तार करने के बाद आई है.




