Epstein Files में भारत के कौन-कौन बड़े नाम? राहुल गांधी के आरोपों से सियासत गरम, मोदी-अंबानी समेत ये चेहरे चर्चा में
राहुल गांधी के ताजा आरोपों के बाद एपस्टीन फाइल्स में भारतीय नामों को लेकर विवाद तेज हो गया है. मोदी, अंबानी और पुरी समेत कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अब भी स्पष्ट नहीं.
दुनिया के कुख्यात फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइल्स एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार भारत में यह मुद्दा सियासी रंग ले चुका है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद में इन फाइल्स का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा, जिसके बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई. राहुल गांधी के आरोपों में उद्योगपति अनिल अंबानी और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी जैसे नाम भी चर्चा में आ गए हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि आखिर एपस्टीन फाइल्स में भारत से जुड़े कौन-कौन बड़े नाम सामने आए हैं. साथ ही इन दावों की सच्चाई क्या है.
एपस्टीन फाइल्स : किन-किन भारतीयों के नाम?
1. नरेंद्र मोदी
एपस्टीन फाइल्स में नरेंद्र मोदी का नाम सीधे तौर पर किसी आपराधिक संदर्भ में नहीं आता, बल्कि कुछ ईमेल में उनका अप्रत्यक्ष जिक्र बताया गया है. यह जिक्र कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय मुलाकातों और राजनीतिक संदर्भों से जुड़ा बताया गया. खासकर इज़राइल दौरे के संदर्भ में. भारत सरकार और विदेश मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि यह “एक सजायाफ्ता अपराधी की बेबुनियाद बातें” हैं. अब तक किसी भी आधिकारिक जांच, कोर्ट दस्तावेज या एजेंसी ने मोदी और एपस्टीन के बीच सीधे संपर्क या किसी तरह की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है.
2. अनिल अंबानी
अनिल अंबानी का नाम एपस्टीन फाइल्स में कथित ईमेल संवाद और वित्तीय चर्चाओं के संदर्भ में सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों के बीच संभावित मुलाकात और फाइनेंशियल सलाह को लेकर बातचीत हुई थी, जिसमें एसेट मैनेजमेंट और फंडिंग जैसे मुद्दे शामिल थे. हालांकि, इन संवादों में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या आपराधिक आरोप का स्पष्ट जिक्र नहीं मिलता. यह भी कहा गया कि अंबानी ने कुछ मामलों में सलाह मांगी थी, लेकिन इसे लेकर कोई कानूनी कार्रवाई या जांच में दोष सिद्ध नहीं हुआ है.
3. हरदीप सिंह पुरी
हरदीप सिंह पुरी का नाम एपस्टीन से जुड़े ईमेल संपर्कों में सामने आया है, जो मुख्य रूप से 2014 से 2017 के बीच के बताए जाते हैं. इन संपर्कों को लेकर पुरी ने स्पष्ट किया कि यह सामान्य कूटनीतिक और बिजनेस नेटवर्किंग का हिस्सा था. उन्होंने यह भी कहा कि एपस्टीन से उनकी मुलाकातें भारत की आर्थिक संभावनाओं और निवेश जैसे विषयों पर केंद्रित थीं. किसी भी जांच में अब तक उनके खिलाफ कोई आपराधिक गतिविधि या गलत काम का आरोप सिद्ध नहीं हुआ है, और उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है.
4. नंदिता दास
नंदिता दास का नाम एपस्टीन फाइल्स में एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के संदर्भ में सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, उन्हें एक साहित्यिक और सामाजिक इवेंट में स्पीकर के तौर पर आमंत्रित किया गया था, जहां एपस्टीन भी मौजूद था या आमंत्रित था. इस वजह से उनका नाम फाइल्स में जुड़ा हुआ दिखता है. यह पूरी तरह एक सार्वजनिक और पेशेवर मंच था, जिसमें कई अन्य अंतरराष्ट्रीय हस्तियां भी शामिल थीं. अब तक ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है जो उनके और एपस्टीन के बीच किसी अनुचित संबंध की पुष्टि करता हो.
5. अनुराग कश्यप
अनुराग कश्यप का नाम एपस्टीन फाइल्स में एक ईमेल थ्रेड के जरिए सामने आया है, जिसमें उन्हें “एक मशहूर बॉलीवुड डायरेक्टर” के रूप में उल्लेखित किया गया. यह जिक्र एक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस या इवेंट के संदर्भ में था, जहां कई वैश्विक प्रतिभागियों के नाम शामिल थे. इस उल्लेख का संबंध केवल संभावित उपस्थिति या नेटवर्किंग से जुड़ा बताया जाता है. किसी भी दस्तावेज में अनुराग कश्यप के खिलाफ कोई आरोप या गलत गतिविधि का संकेत नहीं मिला है.
6. रवि मंथा
वेंचर कैपिटलिस्ट रवि मंथा का नाम एपस्टीन फाइल्स में एलीट बिजनेस और पावर सर्कल से जुड़ी चर्चाओं के संदर्भ में सामने आया है. ईमेल और कैलेंडर एंट्रीज में यह संकेत मिलता है कि एपस्टीन वैश्विक निवेशकों और प्रभावशाली लोगों से संपर्क बनाने की कोशिश कर रहा था, जिसमें भारतीय नाम भी शामिल थे. मंथा का जिक्र इसी नेटवर्किंग और बातचीत के स्तर पर सामने आता है. अब तक किसी भी आधिकारिक दस्तावेज़ या जांच में उनके खिलाफ कोई आपराधिक गतिविधि या आरोप सिद्ध नहीं हुआ है.
7. अभिषेक बच्चन
एपस्टीन फाइल्स को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की सूचियां और दावे वायरल हो रहे हैं, जिनमें अभिषेक बच्चन का नाम भी कुछ जगहों पर जोड़ा गया है. हालांकि, अब तक उपलब्ध आधिकारिक कोर्ट डॉक्यूमेंट्स, ईमेल रिकॉर्ड या अमेरिकी जांच एजेंसियों द्वारा जारी फाइल्स में अभिषेक बच्चन का कोई प्रमाणित उल्लेख सामने नहीं आया है. उनके नाम को लेकर जो भी दावे किए जा रहे हैं, वे ज्यादातर अपुष्ट और गैर-आधिकारिक स्रोतों पर आधारित हैं. इसलिए इसे तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि अफवाह या भ्रामक जानकारी के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.
8. ऐश्वर्या राय बच्चन
ऐश्वर्या राय बच्चन का नाम भी कुछ वायरल पोस्ट और अपुष्ट सूचियों में एपस्टीन फाइल्स से जोड़कर पेश किया गया है, लेकिन आधिकारिक रिकॉर्ड में ऐसा कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है. न तो कोर्ट डॉक्यूमेंट्स और न ही सार्वजनिक जांच रिपोर्ट्स में उनका नाम सामने आया है. इस तरह के दावे अक्सर बिना पुष्टि के सोशल मीडिया पर फैलते हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बनती है. ऐसे में जरूरी है कि केवल प्रमाणित और विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा किया जाए और अफवाहों से बचा जाए.
एपस्टीन फाइल्स में शामिल भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक कौन?
9. मीरा नायर
प्रसिद्ध फिल्ममेकर मीरा नायर का नाम एपस्टीन फाइल्स में एक सामाजिक और पेशेवर संदर्भ में सामने आया है. जानकारी के अनुसार वह एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म इवेंट या गाला में शामिल थीं, जहां जेफ्री एपस्टीन भी मौजूद था. यह एक पब्लिक इवेंट था, जिसमें कई वैश्विक हस्तियां शामिल थीं. ऐसे में उनका नाम केवल एक साझा उपस्थिति के कारण जुड़ा हुआ बताया जाता है. अब तक किसी भी दस्तावेज में यह संकेत नहीं मिला कि मीरा नायर और एपस्टीन के बीच कोई निजी या आपत्तिजनक संबंध था.
10. दीपक चोपड़ा
दीपक चोपड़ा, जो एक इंडियन-अमेरिकन लेखक और वेलनेस गुरु हैं, का नाम एपस्टीन फाइल्स में ईमेल संवादों के संदर्भ में सामने आया है. दस्तावेज़ों के अनुसार, उनका जेफ्री एपस्टीन से कई बार संपर्क रहा, यहां तक कि 2008 में एपस्टीन को सज़ा मिलने के बाद भी बातचीत जारी रही. इन ईमेल्स में कुछ सार्वजनिक हस्तियों और कानूनी मामलों पर चर्चा का जिक्र मिलता है, जिसमें मार्ला मेपल्स से जुड़ा एक सिविल केस भी शामिल बताया गया. एक ईमेल में चोपड़ा ने केस वापस लेने को लेकर सवाल किया, जिस पर एपस्टीन ने “हां” में जवाब दिया और चोपड़ा ने संतोष जताया. हालांकि, इन संवादों में किसी आपराधिक संलिप्तता का संकेत नहीं मिलता.
एपस्टीन फाइल्स में क्या है?
बदनाम दिवंगत फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइलों का एक खजाना है. अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने पांच अलग-अलग मामलों से जुड़े बहुत सारे ईमेल, कोर्ट डॉक्यूमेंट्स, पीड़ितों के बयान, थर्ड-पार्टी की यादें, फोटो और वीडियो जारी किए हैं. एपस्टीन के खिलाफ फ्लोरिडा और न्यूयॉर्क के मामले, मैक्सवेल के खिलाफ न्यूयॉर्क का मामला, एपस्टीन की मौत की जांच करने वाले न्यूयॉर्क के मामले, और एपस्टीन के एक पूर्व बटलर की जांच करने वाला फ्लोरिडा का मामला. यह देखते हुए कि एपस्टीन ताकतवर नेताओं, बिजनेसमैन, बैंकर, मीडिया के बड़े लोगों और सेलिब्रिटी के ग्रुप में काम करता था, फाइल में उसका नाम होने का मतलब यह नहीं है कि उस पर कोई क्रिमिनल काम का आरोप है. कई लोगों ने उससे एक या दो बार बात की थी और कुछ सोशल गैदरिंग के दौरान उसका नाम भी आया था.




