Begin typing your search...

घर पहुंची अर्चना तिवारी! ट्रेन से हुई लापता, जंगल में मोबाइल फेंका… फिर पहुंची नेपाल, शादी से बचने के लिए ऐसी रची थी साजिश

लापता अर्चना तिवारी का पता लग चुका है. वह सही-सलामत हैं और अब पुलिस ने उन्हें घरवालों को सौंप दिया है. अर्चना ने खुद ही यह सारी प्लानिंग की थी, ताकि वह शादी से बच सके. उसके परिवार वालों ने रिश्ता भी तय कर दिया था.

घर पहुंची अर्चना तिवारी! ट्रेन से हुई लापता, जंगल में मोबाइल फेंका… फिर पहुंची नेपाल, शादी से बचने के लिए ऐसी रची थी साजिश
X
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत5 Mins Read

Updated on: 21 Aug 2025 1:14 PM IST

29 साल की अर्चना तिवारी जो एक वकील रह चुकी हैं और अब जज बनने की तैयारी कर रही थीं, अचानक लापता हो जाती हैं. एक शिक्षित, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वास से भरी लड़की की इस गायब हो जाने की खबर पुलिस के साथ-साथ पूरे शहर को चौंका देती है. लेकिन किसी को क्या पता था कि ये गुमशुदगी असली नहीं, बल्कि पूरी तरह से स्क्रिप्टेड ड्रामा था, जिसे अर्चना ने खुद ही लिखा और डायरेक्ट किया था.

शादी से बचने के लिए अर्चना ने कानून की समझ का उपयोग करके एक ऐसा फुलप्रूफ प्लान तैयार किया, जिसे सुनकर शायद कोई फिल्म डायरेक्टर भी हैरान रह जाए. उसे लगा कि जीआरपी स्तर की जांच उसकी बारीकियों को नहीं पकड़ पाएगी, लेकिन असली ज़िंदगी की कहानी फिल्मों से कहीं ज़्यादा सख़्त निकली. अब पुलिस ने अर्चना को सही सलामत उसके परिवार वालों को सौंप दिया है.

ट्रेन से गायब और जंगल में फेंका मोबाइल

अर्चना की साजिश की शुरुआत ट्रेन से हुई. वह जानबूझकर उस ट्रेन में चढ़ी, जहां से उसका गायब होने का नाटक शुरू हुआ. प्लान के मुताबिक उसने ट्रेन में कपड़े बदले, आउटर रूट से स्टेशन के मेन गेट से बचते हुए बाहर निकली, और मोबाइल को मिडघाट के घने जंगल में फेंक दिया. सीसीटीवी से बचने के लिए उसने गाड़ी में सीट पर लेटकर सफर किया ताकि कोई उसका चेहरा न देख सके. इस पूरे सीन को अंजाम देने में उसका ड्राइवर तेजेंद्र भी शामिल था, जिसने कपड़े और मोबाइल जंगल में फेंककर पूरी कहानी को और विश्वसनीय बना दिया. योजना की अगली कड़ी थी नेपाल पहुंचना, और वहां से सबके संपर्क से बाहर रहना.

मोबाइल कॉल्स और सीसीटीवी ने खोली परतें

हालांकि अर्चना ने सतर्कता बरती, लेकिन तकनीक से वह मात खा गई. गुमशुदगी से कुछ दिन पहले उसकी मोबाइल एक्टिविटी अचानक कम हो गई थी, जो एक चंचल और सोशल लड़की के व्यवहार से मेल नहीं खाती थी. पुलिस को यहीं से पहला शक हुआ कि यह लापता होना सामान्य नहीं है. फिर जब कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) खंगाले गए, तो एक नंबर बार-बार सामने आया, जो सारांश शखस का था. यही वह नाम था जो जांच की दिशा बदलने वाला साबित हुआ.

कार, रूट और फुटेज: सुरागों की जंजीर

पुलिस ने भोपाल से इटारसी और उसके आगे तक 500 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले. भले ही अर्चना गाड़ी में लेटी रहीं, पर कार की मूवमेंट, टोल से बचने की कोशिशें और घूम-घूमकर किया गया सफर शक के घेरे में आ गया. साथ ही, पता चला कि अर्चना ने शुजालपुर में किराए पर कमरा ले रखा था, जो यह संकेत था कि वो पहले एमपी में ही छिपने वाली थीं, लेकिन मामला हाईप्रोफाइल बनते ही उन्होंने अपनी योजना बदल दी और बाहर निकल गईं.

ड्राइवर, दोस्त और नेपाल की ओर सफर

तेजेंद्र नाम का वही ड्राइवर, जो अक्सर अर्चना को ले जाया करता था. ट्रेन में इटारसी गया और सारे झूठे सुराग छोड़कर लौट आया. बाद में वह दिल्ली पुलिस के एक मामले में पकड़ा गया, जहां GRP की टीम ने पूछताछ की और धीरे-धीरे कहानी की परतें खुलती चली गईं. वहीं, सारांश की मोबाइल लोकेशन ने दूसरा बड़ा सुराग दिया. उसके मूवमेंट में हैदराबाद, बुरहानपुर, जोधपुर और दिल्ली जैसी जगहों की यात्रा दर्ज थी, और जब इन कड़ियों को जोड़ा गया, तो सामने आया कि 14 अगस्त को वह और अर्चना नेपाल तक पहुंच चुके थे.

साजिश का पर्दाफाश और वापसी की राह

जब पुलिस ने सारांश को हिरासत में लिया और पूछताछ की, तो सारा सच सामने आ गया. अब अर्चना के पास कोई चारा नहीं बचा था. उसने नेपाल बॉर्डर से अपने परिवार से कॉन्टैक्ट किया, और फिर दिल्ली होते हुए भोपाल वापस लाई गईं. रेल एसपी राहुल कुमार लोधा के अनुसार, अर्चना ने सोचा था कि वह कानून की बारीकियों से पुलिस को चकमा दे देगी. लेकिन 70 लोगों की पुलिस टीम ने दिन-रात मेहनत कर हर उस सुराग को पकड़ लिया, जिसे अर्चना ने पीछे छोड़ा था.

वजह सिर्फ शादी न करना

इस पूरे हाई-ड्रामा की सबसे चौंकाने वाली बात ये थी कि अर्चना ने यह सब कुछ सिर्फ शादी से बचने के लिए किया था. अब तक अर्चना के पास पांच रिश्ते आए, जिसके लिए वह मना कर चुकी थी. वहीं, उसके घरवालों ने पटवारी के साथ शादी की बात पक्की कर ली थी. दो हफ्तों तक वह गायब रहकर पुलिस और परिवार को परेशान करती रहीं, लेकिन एक के बाद एक गिरते नकाब ने अंत में उसे वापस लौटने पर मजबूर कर दिया.

MP news
अगला लेख