लापरवाही या सिस्टम फेल? मोबाइल की रोशनी में की गई डिलीवरी, मां और नवजात की मौत; स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
झारखंड के एक अस्पताल में प्रसव के दौरान मां और नवजात की मौत हो गई. आरोप है कि मोबाइल की रोशनी में डिलीवरी कराया गया. फिलहाल, प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. वहीं, बिजली व्यवस्था और लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं.
झारखंड में डिलीवरी के बाद मां-नवजात की मौत
Rajnagar Community Health Centre Case, Seraikela Kharsawan Tragedy: झारखंड से एक ऐसी दुखद खबर सामने आ रही है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया. इसके सात ही, सिस्टम पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. सरायकेला-खरसावां जिले के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान मां और नवजात की मौत हो गई. यह मामला राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां बिजली व्यवस्था पर सवाल खड़े हो हो गए हैं. जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.
सरायकेला खरसावां के डिप्टी कमिश्नर नीतीश कुमार सिंह ने बताया कि तीन सदस्यीय टीम इस घटना की जांच करेगी, जिसमें एसडीएम, सिविल सर्जन और एक वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ शामिल हैं. टीम को बिजली आपूर्ति फेल होने और मौत के कारणों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.
महिला के पति ने क्या आरोप लगाया?
महिला के पति दुर्गा चरण बनरा का आरोप है कि उनकी पत्नी बिनीता बनरा, जो खुद एक सहिया (स्वास्थ्य कार्यकर्ता) थीं, को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. गुरुवार रात प्रसव के दौरान अस्पताल में बिजली चली गई, जिसके बाद मोबाइल फोन की रोशनी में डिलीवरी कराई गई. उनका आरोप है कि डॉक्टरों और नर्सों की लापरवाही के कारण उनकी पत्नी और नवजात बेटे की मौत हो गई.
अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर ने क्या कहा?
अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर श्याम सोरेन का कहना है कि उस समय तेज आंधी-तूफान के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी. सोलर सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई थी, जबकि इनवर्टर और डीजल जनरेटर पहले से ही खराब थे. उन्होंने यह भी बताया कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर के अनुसार प्रसव सामान्य था, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव (पोस्टपार्टम हेमरेज) के कारण मां और बच्चे की मौत हो गई.
घटना पर क्या बोली बीजेपी?
इस घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है. उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद करार दिया. फिलहाल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.




