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गोलगप्पे में ऐसा क्या था मिला? झारखंड के गिरिडीह में खाने से बच्चे की मौत, कई अस्पताल में भर्ती

गिरिडीह के बजटो गांव में ठेले से खरीदे गए गोलगप्पा-चाट खाने के बाद 20 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए, जिसमें एक 7 साल के बच्चे की मौत हो गई. प्रशासन और पुलिस जांच में जुटी है, बासी खाने और बैक्टीरिया को घटना की वजह माना जा रहा है.

गोलगप्पे खाने से 18 बच्चे बीमार
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गोलगप्पे खाने से 18 बच्चे बीमार
( Image Source:  X: @NalinisKitchen )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय5 Mins Read

Published on: 27 April 2026 3:00 PM

शनिवार शाम को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लेडा बजतो गांव में एक ठेले वाले ने गोलगप्पा और चाट बेची. यह ठेला विक्रेता पालामू जिले का रहने वाला था और वह अक्सर इस गांव में आकर ये चीजें बेचता था. गांव के कई बच्चे और बड़े लोग उसकी गोलगप्पा और चाट खाने के लिए इकट्ठा हुए. उस शाम बहुत सारे लोगों ने इन खाद्य पदार्थों का स्वाद चखा. रात होते-होते जिन लोगों ने ये खाए थे, उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. रविवार की सुबह तक उनमें तेज बुखार, पेट में तेज दर्द, बार-बार उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई. स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि शाम तक 20 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए. इनमें महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे.

दुख की बात यह है कि एक 7 वर्षीय मासूम बच्चे की इस फूड पॉइजनिंग के कारण मौत हो गई. बाकी 18 लोगों को तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. अस्पताल में भर्ती मरीजों की सूची में 9 वर्षीय प्रिंस, 16 वर्षीय सुजीत कुमार, 30 वर्षीया रिंकी देवी, 17 वर्षीया मधु वर्मा, 35 वर्षीय बलराम प्रसाद वर्मा, 12 वर्षीय कुमार बादल, 13 वर्षीया जागृती कुमारी, 2 वर्षीय हितेश कुमार, 6 वर्षीया साक्षी कुमारी, 13 वर्षीया मनिता कुमारी, 13 वर्षीय दिवाकर कुमार वर्मा, 6 वर्षीया संध्या कुमारी, 8 वर्षीया रानी कुमारी, 11 वर्षीया रिया कुमारी, 5 वर्षीय रंजन कुमार और 22 वर्षीया रेखा कुमारी जैसे मरीज शामिल हैं। इनमें कई बच्चे एक ही परिवार के हैं, जिससे पूरे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है.

पाए गए फूड पॉइजनिंग के लक्षण

सिविल सर्जन के अनुसार सभी मरीजों में फूड पॉइजनिंग के लक्षण पाए गए हैं. फिलहाल अन्य मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन एक छोटे बच्चे की मौत ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है. पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और ठेले वाले की तलाश कर रही है. मुफस्सिल थाना क्षेत्र की पुलिस इस घटना की गहराई से जांच कर रही है. जिला प्रशासन भी इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रहा है. गिरिडीह के डीसी रामनिवास यादव खुद पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं. रात में ही उन्होंने कई अधिकारियों के साथ बजटो गांव पहुंचकर पूरी स्थिति का जायजा लिया और अस्पताल में भर्ती मरीजों की देखभाल के बारे में जानकारी ली.

जिला प्रशासन को सख्त निर्देश

गांडेय विधानसभा क्षेत्र से विधायक कल्पना सोरेन ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने कहा कि गिरिडीह में हुई यह फ़ूड पॉइजनिंग की घटना बेहद दुखद है. हम शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े हैं. उन्होंने जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि दोषी लोगों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जाए. साथ ही भोजन की सही जांच (फूड ऑडिट) कराई जाए और अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को बेहतर से बेहतर इलाज और देखभाल मुहैया कराई जाए.

क्या हो सकता है गोलगप्पे में?

अभी तक इस घटना में गोलगप्पे और चाट में क्या ठीक-ठीक जहर या केमिकल मिला था, इसकी कोई पक्की और आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है. पुलिस, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच अभी चल रही है. जिला उपायुक्त (डीसी) रामनिवास यादव ने कहा कि संभावना है कि कई दिनों से रखा हुआ बासी खाना इस्तेमाल किया गया हो. गर्मी के मौसम में ठेले पर बिना फ्रिज या सही तरीके से रखे गए छोले, आलू, पानी या चटनी जल्दी खराब हो जाते हैं. उसमें बैक्टीरिया (जैसे ई.कोलाई, साल्मोनेला आदि) बढ़ जाते हैं, जो फूड पॉइजनिंग का मुख्य कारण बनते हैं. ठेले वाले ने शायद पुराने छोले या आलू का इस्तेमाल किया. इसी वजह से खाने के बाद लोगों को तेज बुखार, पेट दर्द, उल्टी और दस्त शुरू हो गए.

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