‘जीना मुश्किल हो गया था’- दिल्ली के जज अमन शर्मा की मौत से सनसनी, पिता को आखिरी कॉल में बयां किया दर्द, परिवार के गंभीर आरोप
दिल्ली के जज अमन कुमार शर्मा की कथित आत्महत्या के बाद परिवार ने मानसिक तनाव और घरेलू विवाद के आरोप लगाए हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल जारी है.
दिल्ली के निचली अदालत के जज अमन कुमार शर्मा की शनिवार को कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हो गई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उन्होंने सफदरजंग इलाके में फांसी लगाकर अपनी जान दी. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.
घटना के बाद परिवार के लोगों ने आरोप लगाया है कि अमन कुमार शर्मा पिछले कुछ महीनों से मानसिक तनाव में थे और घर में परेशानियों का सामना कर रहे थे. अमन ने अपने मन की बात उनके पिता को भी बताई थी और कहा था कि उसका जीना मुश्किल हो गया है.
जज के परिवार ने क्या कहा?
जज की बहन के ससुर ने बताया, "मैंने अपने बेटे से फोन पर बात की, उसने बताया कि अमन को सफदरजंग अस्पताल ले जाया जा रहा है. जब तक मैं अस्पताल पहुंचा, डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. उनके पिता के पुलिस को दिए बयान के मुताबिक, रात करीब 10 बजे अमन ने उन्हें फोन कर कहा था कि वह बहुत परेशान हैं और उनके लिए जीना मुश्किल हो गया है. इसके बाद उनके पिता अलवर से तुरंत रवाना हुए और रात करीब 12 बजे यहां पहुंचे."
किस वजह से परेशान थे अमन?
रिश्तेदार ने आगे दावा किया कि अमन घरेलू समस्याओं से जूझ रहे थे. उन्होंने बताया कि अमन की पत्नी की बहन घर के मामलों में दखल दे रही थी. उन्होंने कहा, "यहां आने पर उनके पिता को पता चला कि अमन और उनकी पत्नी के बीच विवाद चल रहा था. अमन ने अपने पिता से कहा था कि वह पिछले दो महीनों से परेशान किए जा रहे हैं."
कौन हैं अमन की पत्नी?
उनकी पत्नी स्वाति न्यायिक अधिकारी हैं और उनकी साली निधि मलिक एक आईएएस अधिकारी हैं, जो फिलहाल जम्मू में तैनात हैं. अमन के अनुसार, निधि मलिक उनकी निजी जिंदगी में दखल दे रही थीं और घर के मामलों को नियंत्रित कर रही थीं.
अमन की बहन के ससुर ने बताया कि अमन के पिता ने दिल्ली आकर उन्हें समझाया, इस दौरान उनकी बहू ने उनसे कहा कि अगर आप यहां से नहीं गए तो वह पुलिस बुला लेंगी. अगले दिन जब अमन के पिता ने बहू के माता-पिता से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने उनका नंबर ब्लॉक कर दिया. इसके बाद घर में बहस शुरू हो गई."
रिश्तेदार के मुताबिक, बाद में अमन काफी देर तक नहीं मिले. "जब उनके पिता ने फोन किया तो मोबाइल की घंटी बाथरूम के अंदर से आ रही थी. दरवाजा बंद था. एक गार्ड ने खिड़की तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां अमन फांसी पर लटके हुए मिले,".
किस कोर्ट में जिम्मेदारी संभाल रहे थे अमन?
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, अमन कुमार शर्मा ने 19 जून 2021 को दिल्ली न्यायिक सेवा जॉइन की थी. उन्होंने 2018 में पुणे के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से बीए एलएलबी की पढ़ाई पूरी की थी. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई आपराधिक और सिविल मामलों की सुनवाई की और अलग-अलग जगहों पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास और सिविल जज के रूप में सेवाएं दीं. 18 अक्टूबर 2025 से वह कड़कड़डूमा कोर्ट, दिल्ली के नॉर्थ-ईस्ट जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में फुल-टाइम सेक्रेटरी के रूप में कार्यभार संभाल रहे थे.
अधिकारियों ने कहा है कि अब तक किसी तरह की साजिश या आपराधिक पहलू सामने नहीं आया है, लेकिन मामले की जांच जारी है ताकि घटना के सभी कारणों का पता लगाया जा सके.




