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दिल्‍ली में मौत वाला गड्ढा! जल बोर्ड ने Noida की घटना से कुछ नहीं सीखा, बाइक सवार रात में गिरा और तड़पकर मर गया

अफसरों और मठाधीशों की लापरवाही ने एक जान और ले ली. नोएडा के सेक्‍टर 150 में इंजीनियर की पानी से भरे गड्ढे में मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि दिल्‍ली से भी ऐसी ही एक दर्दनाक खबर सामने आई है फर्क इतना थी कि उस गड्डे में पानी नहीं था. दिल्ली के जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर इलाके में लापरवाही की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है

noida biker Dies
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noida biker Dies After Falling Into Unmanned Pothole in Janakpuri

( Image Source:  @Saurabh_MLAgk- X )
सागर द्विवेदी
Edited By: सागर द्विवेदी

Updated on: 6 Feb 2026 1:26 PM IST

अफसरों और मठाधीशों की लापरवाही ने एक जान और ले ली. नोएडा के सेक्‍टर 150 में इंजीनियर की पानी से भरे गड्ढे में मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि दिल्‍ली से भी ऐसी ही एक दर्दनाक खबर सामने आई है. फर्क इतना था कि उस गड्डे में पानी नहीं था. दिल्ली के जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर इलाके में लापरवाही की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है. सड़क पर बने गहरे गड्ढे में एक मासूम बाइक सवार गिर गया और बाहर निकल नहीं सका. पूरी रात वह उसी गड्ढे में फंसा रहा और समय पर मदद न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई.

नोएडा में इतने बड़े हादसे के बाद भी दिल्‍ली में प्रशासन से उससे कोई सबक नहीं सीखा. स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क की हालत लंबे समय से खराब थी और गड्ढे की कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था. अंधेरे में बाइक सवार को गड्ढा नजर नहीं आया और वह सीधे उसमें जा गिरा.

इस घटना ने नोएडा में हुई हालिया सड़क हादसे की याद दिला दी है, लेकिन आरोप है कि उससे भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया. लोगों का कहना है कि सरकार सिर्फ दावे करती है, जमीनी स्तर पर सड़कों की हालत सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं.

दिल्ली मंत्री आशीष सूद ने कहा, 'मुझे इस दुखद घटना की जानकारी लगभग 8:30-9 बजे के बीच मिली, और तब से मैं यहां मौजूद हूं. दिल्ली जल बोर्ड का कार्य यहां चल रहा था, और मैंने जल बोर्ड को जांच करने का निर्देश दिया है. अगर कोई भी जिम्मेदार पाया गया, तो उसे नहीं बख्शा जाएगा… जल बोर्ड ने सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का ऑडिट किया था और सर्कुलर जारी किए थे… पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है.'

क्‍या बोले दिल्‍ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा?

जनकपुरी हादसे पर दिल्‍ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा का बयान भी सामने आया है. मंत्री ने एक्‍स पर पोस्‍ट में लिखा, ''दिल्ली के जनकपुरी लाइन रिहैबिलिटेशन प्रोजेक्ट साइट पर हुए दर्दनाक हादसे को लेकर दिल्ली जल बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है. बोर्ड ने इस घटना की पारदर्शी जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है. समिति को तुरंत दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करने, वहां की सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग, संकेतक (साइनबोर्ड) और ट्रैफिक मैनेजमेंट की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा सभी सुरक्षा मानकों के पालन की जांच की जाएगी और जहां भी लापरवाही पाई जाएगी, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी. जांच समिति को शाम तक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. दिल्ली जल बोर्ड ने साफ किया है कि नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे.

इस हादसे पर Saurabh Bharadwaj ने आगे लिखा कि, बस एक और मासूम कमाऊ जिसने अपनी जान गंवाई. दिल्ली सरकार के PWD अंतर्गत मुख्य सड़क, जिसे दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने खोदा था, स्थानीय RWAs ने कई बार अधिकारियों को इस खतरे के बारे में चेताया, लेकिन किसने सुना? यह त्रासदी बस होने का इंतजार कर रही थी. शिकायतों के बावजूद, इस मौत के जाल को सही तरीके से बैरिकेड नहीं किया गया ताकि जानें बचाई जा सकें. सोचिए उस परिवार और छोटे बच्चों की हालत, जो पूरी रात उनके घर लौटने का इंतजार कर रहे होंगे. अब उन्हें अपने जीवन का इंतजार करना पड़ेगा.

पिछले एक साल में सरकार की लापरवाही के कारण सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. कुछ लोगों की मौत ओवरफ्लो हुए नालों में डूबने से हुई, कुछ की दीवार गिरने से, कुछ छोटे बच्चों की खुले सीवर में गिरने से, कुछ को बिजली का झटका लगा, कुछ यमुना में डूब गए और कुछ आग के हादसे में जान गंवाने पड़े. फिर भी, यह बेईमान BJP सरकार करदाता के पैसे को अपने पार्टी फंड के रूप में इस्तेमाल कर रही है. पार्टी कार्यकर्ताओं के परिवार को प्रत्यक्ष रूप से मुआवजा और नौकरियां दी जा रही हैं, जबकि सैकड़ों अन्य आम लोगों की अनदेखी की जा रही है, जिनकी जानें इसी सरकार की लापरवाही के कारण चली गई.

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