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Ghooskhor Pandat पर बैन की मांग, मायावती ने बताया फिल्म को जातिवादी; क्या दी मनोज बाजपेयी ने सफाई

नीरज पांडे और मनोज बाजपेयी की आने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ अपने नाम को लेकर विवादों में घिर गई है. मायावती ने इसे ब्राह्मण समाज के खिलाफ बताते हुए केंद्र सरकार से बैन की मांग की है.

Ghooskhor Pandat पर बैन की मांग, मायावती ने बताया फिल्म को जातिवादी; क्या दी मनोज बाजपेयी ने सफाई
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( Image Source:  Instagram: bajpayee.manoj, ANI )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय

Updated on: 6 Feb 2026 1:17 PM IST

नीरज पांडे और मनोज बाजपेयी की नई फिल्म 'घूसखोर पंडत' (Ghooskhor Pandat) अभी रिलीज से पहले ही बड़े विवाद में घिर गई है. यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर आने वाली है, लेकिन इसके टाइटल की वजह से बहुत सारी आलोचना हो रही है. खासकर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस पर बहुत तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने फिल्म को जातिवादी बताया है और केंद्र सरकार से इस पर तुरंत बैन लगाने की मांग की है. विवाद की वजह क्या है?फिल्म का नाम 'घूसखोर पंडत' है.

यहां 'घूसखोर' का मतलब है रिश्वतखोर या भ्रष्ट व्यक्ति, और 'पंडत' शब्द 'पंडित' का एक रूप है, जो अक्सर ब्राह्मण समुदाय से जुड़ा होता है. बहुत से लोगों को लगता है कि इस नाम से ब्राह्मण समाज की छवि खराब हो रही है. वे कहते हैं कि फिल्म में एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी को 'पंडत' कहकर बुलाया जा रहा है, जिससे पूरे ब्राह्मण समुदाय का अपमान हो रहा है. सोशल मीडिया पर लोग इसे जातिवादी बता रहे हैं और फिल्म का बहिष्कार करने की बात कर रहे हैं. ब्राह्मण समाज के कुछ संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किए हैं, जैसे भोपाल और लखनऊ में. कुछ जगहों पर पुलिस में शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं.

मायावती ने क्या कहा?

मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट लिखा. उन्होंने कहा कि यह बहुत दुख और चिंता की बात है कि अब फिल्मों में भी 'पंडित' को घुसपैठिया या निगेटिव तरीके से दिखाया जा रहा है. इससे पूरे देश में ब्राह्मण समाज का अपमान और अनादर हो रहा है. ब्राह्मण समाज में इस समय बहुत गुस्सा है. बसपा इसकी कड़ी निंदा करती है. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि ऐसी जातिवादी फिल्म पर तुरंत बैन लगा देना चाहिए यह बसपा की मांग है.'

फिल्म टीम ने क्या जवाब दिया?

फिल्म के निर्देशक/निर्माता नीरज पांडे जिन्होंने 'ए वेडनेसडे' और 'बेबी' जैसी हिट फिल्में बनाई हैं और एक्टर मनोज बाजपेयी ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि फिल्म का टाइटल किसी जाति या धर्म को रिप्रेजेंट नहीं करता. यह सिर्फ मुख्य किरदार का उपनाम है. फिल्म एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी की कहानी है, जो अपनी गलतियों से सीखता है और आत्म-सुधार की यात्रा पर निकलता है. इसका मकसद किसी समुदाय पर टिप्पणी करना नहीं है. मनोज बाजपेयी ने कहा कि वे लोगों की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करते हैं. अगर किसी को ठेस पहुंची है, तो वे इसे गंभीरता से लेते हैं. विवाद के बाद फिल्म टीम ने टीजर और प्रमोशनल कंटेंट जैसे पोस्टर-टीजर हटा दिया गया है, ताकि लोगों की भावनाओं का ख्याल रखा जा सके.

फिल्म के बारे में थोड़ा और जानें

यह एक क्राइम थ्रिलर फिल्म है. मनोज बाजपेयी इसमें एक सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर अजय दीक्षित का रोल निभा रहे हैं, जिसे लोग 'पंडत' कहकर बुलाते हैं. वह भ्रष्ट है, लेकिन कहानी में उसे एक आखिरी मौका मिलता है. फिल्म में नुशरत भरुचा, दिव्या दत्ता, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय जैसी अन्य कलाकार भी हैं. निर्देशक रितेश शाह हैं, लेकिन नीरज पांडे लेखक और प्रोड्यूसर हैं. यह 2026 में नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली है.

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