Delhi Murder: IRS अधिकारी के घर कैसे घुसा पुराना नौकर, फिंगरप्रिंट के लिए पीड़िता को घसीटा, ऐसे पकड़ा गया, पूरी टाइमलाइन
दिल्ली के पॉश इलाके अमर कॉलोनी में UPSC की तैयारी कर रही IIT ग्रेजुएट की उसके पूर्व नौकर ने बेरहमी से हत्या कर दी. डिजिटल सुराग, CCTV और मोबाइल ट्रैकिंग के जरिए पुलिस ने 15 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
दिल्ली की उस शांत और पॉश अमर कॉलोनी में बुधवार की सुबह, जब सूरज अभी पूरी तरह उगा भी नहीं था, एक खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को सन्न कर दिया. एक IRS अधिकारी का घर, जो सुरक्षा और सुव्यवस्था का प्रतीक माना जाता था, अचानक मौत और हिंसा का अड्डा बन गया. 22 साल की एक होनहार, प्रतिभाशाली और उज्ज्वल भविष्य वाली युवती जो IIT की ग्रेजुएट थी और UPSC सिविल सर्विसेज की प्रीलिम्स परीक्षा के महज कुछ दिनों दूर थी. अपने ही घर में क्रूरता की सबसे बुरी शिकार बन गई. उसकी मौत सिर्फ हत्या नहीं थी. वह एक कोल्ड मर्डर, बदले की भावना से भरी वारदात थी, जिसे अंजाम दिया एक ऐसे शख्स ने जिसे परिवार ने पहले अपना ही समझा था, उनका पुराना नौकर, 23 वर्षीय राहुल मीणा.
सुबह के करीब 6 बजे थे, IRS अधिकारी अपनी पत्नी के साथ रोज की तरह जिम और मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकल चुके थे. उन्होंने अपनी बेटी को घर पर अकेला छोड़ दिया था, ठीक वैसे ही जैसे हर रोज छोड़ते थे. लेकिन इस बार फर्क यह था कि उन्होंने चाबी उसी पुरानी जगह पर रख दी थी. जहां वे हमेशा रखते थे. पुराने नौकर को निकालने के डेढ़ महीने बाद भी उन्होंने लॉक की जगह या चाबी रखने की आदत नहीं बदली. यही छोटी-सी लापरवाही घातक साबित हुई. जितनी बेहरमी से नौकर ने पूर्व मालिक की बेटी को मौत के घाट उतारा उतना ही लोग यह जानना चाहते है कि आखिर क्या वजह थी इस हत्या के पीछे?.
राहुल मीणा सब कुछ जानता था
आरोपी राहुल मीणा अपने पूर्व IRS मालिक के घर के बारें में सब कुछ पहले से जानता था. उसे यह तक पता था कि पैसों का लॉकर तक किस कमरे में. उसके प्लान पर नजर डालें तो लगभग उसे पता था चाबी कहां रखी जाती है, मालिक अपनी पत्नी के साथ किस समय घर से निकलते हैं. वह जानता था कि 22 साल की बेटी उस वक्त अकेली घर पर होती है.
कैसे घर में घुसा राहुल मीणा
इस बड़े क्राइम से पहले ही राहुल ने अलवर में रहने वाले अपने ही दोस्त की पत्नी से रेप किया था और वहां से फरार था. राहुल अलवर से दिल्ली पहुंचा और बदले की आग में जलता हुआ दिल्ली की अमर कॉलोनी में पहुंच गया. उसे सारी जानकारी पहले से ही थी इसलिए मौका देखते, चुपके से चाबी उठाई, ताला खोला और अंदर घुस गया. घर के अंदर उस समय पीड़िता अपनी छत वाले कमरे में UPSC की तैयारी कर रही थी. उसके सपने बहुत बड़े थे वह टॉपर बनना चाहती थी, देश की सेवा करना चाहती थी. लेकिन मौत ने उसके दरवाजे पर दस्तक दे दी थी.
खून से सनी उंगलियां, और 40 मिनट तक लूट
राहुल ने मृतका को पहले धमकाया और अलमारी का पासकोड मांगा. जब उसने पासकोड देने से इनकार किया तो उसने उसके सिर पर किसी भारी लैंप से जोरदार वार किया. खून बहने लगा. फिर उसने मोबाइल चार्जर की केबल उसके गले में लपेटी और इतनी क्रूरता से घोंटा कि सांस रुक गई. पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि गला घोंटने से पहले उसने युवती पर यौन हमला भी किया. पुलिस के मुताबिक, ज्यादा खून निकलने से वह बेहोश हो गई. राहुल पहले बेहोशी के हालत में उसका रेप किया. इसके बाद उसे घसीटता हुआ लॉकर के पास लाया उसे लगा कि युवती के फिंगर से लॉक खुल सकता है. लेकिन खून से लथपथ हाथ से फिंगरप्रिंट ने काम ही नहीं किया. जब युवती के फिंगरप्रिंट काम नहीं किए तो उसने स्क्रूड्राइव से लॉक खोला. लगभग 40 मिनट तक घर के अंदर रहकर राहुल ने अलमारी लूट ली. 2.5 लाख रुपये कैश और कुछ कीमती गहने लेकर. सीटीवी फुटेज के मुताबिक, जब राहुल 6.28 पर घर में घुसा तब उसने पीली कमीज पहनी हुई थी. जब 7:22 पर निकला.
कैसे पुलिस के हाथ लगा राहुल
राहुल मीणा एक बड़ा हत्यारा बनने से पहले, चोर और रेपिस्ट था. अलवर में अपने ही दोस्त की पत्नी का रेप कर के भागे मीणा लोगों के मोबाइल फोन चुराता था कथित तौर से उसने उस दिन भी किसी का फ़ोन चुराया था. मीणा को कहीं न कहीं भनक थी उसके दोस्त उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत कर दी है. वह वहां से फरार था और दिल्ली के द्वारका इलाके में एक ओयो होटल में ठहरा वहां का वाई-फाई का इस्तेमाल किया और अपने अपने चचेरे भाई के साथ इंस्टाग्राम मैसेंजर के माध्यम से लगातार बातचीत करता रहा. लेकिन उसका ऐसा करना ही पुलिस के लिए मददगार साबित हुआ. 15 घंटे के अंदर पुलिस 23 वर्षीय राहुल मीणा तक पहुंच गई. पुलिस की लगभग 100 टीम बुधवार की वारदात से एक्टिव थी. सबसे पहले इलाके और अधिकारी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई. एक विश्वसनीय सूत्र द्वारा राहुल की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की एक टीम तुरंत राजस्थान के राजगढ़ के लिए रवाना हुई.
वहां पहुंचकर पुलिस ने राहुल मीना के चाचा को हिरासत में ले लिया. चाचा ने पूछताछ में खुलासा किया कि मंगलवार को राहुल मीना ने उनके पास तीन मोबाइल फोन सौंपे थे, जिन्हें उन्होंने एक स्थानीय दुकान पर बेच दिया था. पुलिस ने तुरंत उस दुकानदार से सभी तीनों फोन बरामद कर लिए. ये फोन राहुल मीणा उसके भाई और एक दोस्त का था. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चाचा ने राहुल मीना का फोन 10,000 रुपये में और उसके भाई तथा दोस्त के फोन 3,000 रुपये प्रति फोन के हिसाब से बेचे थे. बता दें कि दिल्ली के द्वारका इलाके में स्थित एक ओयो होटल में सुबह 10 बजे से रुका हुआ था.
किराए पर इस्तेमाल की टैक्सी
सूत्रों ने बताया कि होटल पहुंचने के लिए राहुल मीणा ने एक निजी टैक्सी किराए पर ली थी. पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि राहुल बुधवार सुबह साउथ दिल्ली में एक ईको वैन से पहुंचा था. यह वाहन उसके होमटाउन राजगढ़ के एक निजी अस्पताल में एम्बुलेंस के रूप में इस्तेमाल होता था. उसने इस वाहन को 6,000 रुपये में किराए पर लिया था. एक अधिकारी ने बताया, 'जिस घर में उसे जाना था, उसे ढूंढने का बहाना बनाकर वह वाहन से उतर गया और ड्राइवर को किराया दिए बिना भाग निकला. इसके बाद वह पैदल ही पीड़ित के घर तक पहुंचा.' इस प्रकार, छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण डिजिटल और स्थानीय सुरागों जैसे चुराया गया मोबाइल फोन, होटल वाई-फाई, इंस्टाग्राम चैट और सीसीटीवी फुटेज ने दिल्ली पुलिस को मात्र कुछ ही घंटों में इस जघन्य अपराधी को पकड़ने में सफलता दिलाई.
इस हत्या के पीछे की वजह
इस हत्या के पीछे अब तक कोई बड़ी वजह से सामने नहीं आई है. पूछताछ में खुलासा हुआ कि राहुल जुए और कर्ज में डूबा हुआ था. अधिकारी ने उसे डेढ़ महीने पहले पैसे के लेन-देन में गड़बड़ी के कारण निकाल दिया था. बदला लेने के लिए उसने यह खौफनाक साजिश रची. पुलिस ने उसके खिलाफ रेप, हत्या और लूट के गंभीर आरोपों में BNS की कई धाराओं में केस दर्ज किया है.




