Delhi Liquor Policy Case में AK-सिसोदिया समेत 23 आरोपी एक साथ बरी, AAP के दिग्गजों में से किसने कितने दिन जेल में काटे?
Arvind Kejriwal और Manish Sisodia समेत शराब नीति मामले के सभी 23 आरोपियों को दिल्ली की Rouse Avenue Court ने बरी कर दिया. अदालत ने कहा कि नीति में गड़बड़ी के ठोस सबूत नहीं मिले. कोर्ट ने जांच में खामियों पर भी सवाल उठाए. इस केस में AAP के कई बड़े नेताओं ने लंबे समय तक जेल में समय बिताया था.
Arvind Kejriwal और Manish Sisodia समेत शराब नीति केस के सभी आरोपियों को दिल्ली की Rouse Avenue Court से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने 549 पेज के फैसले में कहा कि नई आबकारी नीति में गड़बड़ी के ठोस सबूत नहीं मिले. कोर्ट ने जांच में खामियों पर सीबीआई के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश भी दिए. हालांकि, CBI ने फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है.
फैसला सुनते ही केजरीवाल भावुक हो गए. उन्होंने इसे 'सत्य की जीत' बताया. अब इस मामले से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ED) केस में भी राहत के लिए कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं. दूसरी ओर भाजपा ने इसे 'तकनीकी आधार पर बरी' बताया, जबकि अन्य विपक्षी दलों ने फैसले का स्वागत किया.
किसने जेल में कितने दिन बिताए?
इस केस ने आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेताओं को लंबे समय तक जेल में रखा. प्रमुख चेहरों की हिरासत का समय इस प्रकार रहा,
- विजय नायर - करीब 23 महीने (658 दिन), AAP के पूर्व संचार प्रमुख को 14 नवंबर 2022 को गिरफ्तार किया गया. उन्हें 2 सितंबर 2024 को जमानत मिली.
- मनीष सिसोदिया - लगभग 17 महीने (510 दिन), पूर्व शिक्षा मंत्री को फरवरी 2023 में गिरफ्तार किया गया था.
- अरविंद केजरीवाल - करीब 6 महीने (177 दिन), मार्च 2024 में गिरफ्तार किए गए
- संजय सिंह - लगभग 6 महीने (181 दिन)
- के. कविता - करीब 5 महीने (150 दिन)
अदालत ने कितने आरोपियों को बरी किया?
अदालत ने इस मामले में कुल 23 आरोपियों को बरी किया, जिनमें कई कारोबारी और मध्यस्थ भी शामिल थे. इससे लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया को बड़ा झटका लगा है. बरी आरोपियों में कुलदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, अरुण रामचंद्र पिल्लई, मूथा गौतम, समीर महेंद्रू, अमनदीप सिंह ढल्ल, अर्जुन पांडेय, बुच्चीबाबू गोरंटला, राजेश जोशी, दामोदर प्रसाद शर्मा, प्रिंस कुमार, अरविंद कुमार सिंह, चनप्रीत सिंह रायट, दुर्गेश पाठक, अमित अरोड़ा, विनोद चौहान, आशीष चंद माथुर और शरथ चंद्र रेड्डी शामिल हैं.
क्या AAP के लिए बनेगा टर्निंग पॉइंट?
इस फैसले को आम आदमी पार्टी के लिए राजनीतिक 'संजीवनी' माना जा रहा है. दिल्ली में चुनावी झटकों और आरोपों से घिरी पार्टी को इससे नई ऊर्जा मिल सकती है. खासकर ऐसे समय में जब पंजाब, गुजरात, गोवा और उत्तराखंड जैसे राज्यों में आने वाले चुनावों पर सबकी नजर है.
केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा?
- केजरीवाल ने राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के बाद कहा कि पिछले 4 सालों से ED, CBI और अन्य एजेंसियों का इस्तेमाल करके उन पर 'शराब घोटाला' का झूठा आरोप लगाया गया. कोर्ट ने लगभग 600 पेज के आदेश में सारे सबूतों और गवाहों को देखते हुए कहा कि इतने भी सबूत नहीं हैं कि मुकदमा तक चले.
- केजरीवाल ने कहा कि वे ईमानदार इंसान हैं. उन्होंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी और प्रतिष्ठा कमाई है, लेकिन मोदी-शाह इसे छीनना चाहते थे. दोनों ने AAP को खत्म करने के लिए साजिश रची, झूठे केस लगवाए, 5 बड़े नेताओं को जेल भेजा.
- AAP संयोजक ने कहा, "अब केजरीवाल को रोकने का सिर्फ एक तरीका बचा है - मुझे कत्ल करवाना होगा. उसके बिना आप मुझे नहीं रोक सकते."
- पीएम मोदी को सीधा चैलेंज देते हुए केजरीवाल ने कहा, "हिम्मत है तो दिल्ली में दोबारा चुनाव करा लो. अगर BJP को 10 से ज्यादा सीटें आ गईं तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा."
- केजरीवाल ने दिल्ली की हालत पर हमला किया और कहा कि प्रदूषण बढ़ गया है. यमुना का बुरा हाल हो गया है. सड़कें भी खराब हो गई हैं. बीजेपी ने दिल्ली को बर्बाद कर दिया है.
- केजरीवाल ने ED केस में भी डिस्चार्ज की अपील दाखिल करने की बात कही, क्योंकि निचली अदालत में सबूत नहीं मिले तो ऊपरी अदालतों में क्या दिखाएंगे.
- AAP संयोजक ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और पूछा कि AAP नेताओं को जेल हुई, लेकिन राहुल गांधी, रॉबर्ट वाड्रा, सोनिया गांधी क्यों नहीं? कांग्रेस को शर्म नहीं आती?




