मुजफ्फरपुर अस्पताल में मौत का तांडव! आखिर कैसे लग गई ICU में आग? 5 की मौत; परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में भीषण आग लगने से 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई मरीज गंभीर रूप से घायल हैं. परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
दिल्ली के मालवीय नगर में हुए अग्निकांड के बाद अब बिहार के मुजफ्फरपुर से भी एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है. गुरुवार तड़के शहर के ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में भीषण आग लग गई. इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 15 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू वार्ड में लगी थी. आग लगने के बाद कुछ ही देर में पूरे अस्पताल में जहरीला धुआं फैल गया, जिससे मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच अफरा-तफरी मच गई.
कैसे लगी आग?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है. हालांकि, आग के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है. इस हादसे में 15 से अधिक मरीज घायल हुए हैं. सभी घायलों को अस्पताल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन उनमें से कई की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है.
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की करीब एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं. अग्निशमन विभाग की टीम ने तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया. धुएं से भरे अस्पताल में प्रवेश कर दमकल कर्मियों ने आईसीयू समेत अन्य वार्डों में फंसे मरीजों को बाहर निकालने का प्रयास किया.
कैसे बची मरीजों की जान?
बचाव अभियान के दौरान कई जगहों पर खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर मरीजों तक पहुंच बनाई गई. इसके बाद मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर अन्य अस्पतालों और सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया.
अधिकारी ने क्या दी जानकारी?
अग्निशमन पदाधिकारी आर.एन. पांडेय ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 3 बजे अस्पताल में आग लगने की सूचना मिली थी. उन्होंने कहा, "जब हमारी टीम मौके पर पहुंची तो हालात बेहद गंभीर थे. पूरा आईसीयू वार्ड घने और काले धुएं से भरा हुआ था."
उन्होंने बताया कि राहत और बचाव अभियान के दौरान 20 से अधिक मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. दमकल विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने और मरीजों को बचाने का काम किया.
सम्राट चौधरी ने किया मुआवज़े का ऐलान?
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर के अस्पताल में लगी आग की घटना में चार लोगों की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की मुआवजा देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है और घटना की जांच भी की जा रही है.
मरीजों ने अस्पताल प्रशासन पर क्या लगाए आरोप?
हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं. घटनास्थल पर मौजूद मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि हादसे के दौरान अस्पताल का स्टाफ और डॉक्टर मरीजों को छोड़कर वहां से चले गए.
एक पीड़ित परिजन ने आरोप लगाया कि उनके पिता आईसीयू में भर्ती थे और आग लगने की घटना में उनकी मौत हो गई. उन्होंने कहा कि हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से उन्हें कोई मदद नहीं मिली.
परिजनों का यह भी आरोप है कि डॉक्टरों और कर्मचारियों ने मरीजों को तड़पता छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए. उनका कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने मृत मरीजों के शवों के संबंध में भी परिवारों को समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई.
क्या कर रही है पुलिस?
अग्निशमन पदाधिकारी आर.एन. पांडेय ने भी बताया कि जब उनकी टीम घटनास्थल पर पहुंची, तब अस्पताल का अधिकांश स्टाफ वहां मौजूद नहीं था. फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं. आग लगने के कारणों, अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और हादसे के दौरान स्टाफ की भूमिका की भी जांच की जा रही है. वहीं, घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है.




