Assam CM Oath Ceremony: हिमंता ने जहां दूसरी बार ली CM पद की शपथ, उस 'खानापारा' का इतिहास कितना खास?
गुवाहाटी का खानापारा वेटनरी कॉलेज बना असम की राजनीति का बड़ा केंद्र. यहीं दूसरी बार CM पद की शपथ हिमंता बिस्वा सरमा ने ली, जानिए, खानापारा का इतिहास और महत्व.
असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने लगातार दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. उन्होंने १२ मई को गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरनरी कॉलेज फील्ड में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सीएम पद की शपथ ली. पिछले कुछ वर्षों में खानापारा केवल गुवाहाटी का एक इलाका नहीं रहा, बल्कि यह असम की राजनीति, सांस्कृतिक आयोजनों और बड़े सरकारी कार्यक्रमों का सबसे चर्चित केंद्र बन गया है. भाजपा ने भी इसे अपने बड़े शक्ति प्रदर्शन के प्रमुख मंच के रूप में इस्तेमाल किया है.
कहां स्थित है खानापारा?
खानापारा गुवाहाटी शहर के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यह असम और मेघालय की सीमा के बेहद करीब पड़ता है. शिलॉन्ग जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग इसी इलाके से गुजरता है, इसलिए यह पूर्वोत्तर भारत का महत्वपूर्ण ट्रांजिट प्वॉइंट माना जाता है.
गुवाहाटी के प्रशासनिक केंद्र दिसपुर से खानापारा की दूरी बहुत कम है. एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और वीवीआईपी रूट से अच्छी कनेक्टिविटी होने के कारण बड़े सरकारी आयोजनों के लिए यह जगह प्रशासन की पहली पसंद बन चुकी है.
वेटरनरी कॉलेज फील्ड क्यों है खास?
जिस मैदान में शपथ ग्रहण समारोह हो रहा है, वह असम पशु चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के पास स्थित विशाल खुला मैदान है. यहां हजारों लोगों की क्षमता वाले बड़े आयोजन आसानी से कराए जा सकते हैं.
यह मैदान पहले मुख्य रूप से कृषि मेले, पशुपालन प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए जाना जाता था, लेकिन पिछले एक दशक में इसका राजनीतिक महत्व तेजी से बढ़ा है. भाजपा, कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों की कई बड़ी रैलियां यहां हो चुकी हैं.
सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से भी यह मैदान बेहद उपयुक्त माना जाता है. यहां वीवीआईपी मूवमेंट, हेलीकॉप्टर लैंडिंग और ट्रैफिक कंट्रोल आसान होता है. यही वजह है कि मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण जैसे हाई-प्रोफाइल कार्यक्रमों के लिए इसे चुना जाता है.
‘खानापारा तीर’ ने दिलाई अलग पहचान
खानापारा की सबसे अनोखी पहचान यहां का प्रसिद्ध “खानापारा तीर” है. यह पारंपरिक तीरंदाजी पर आधारित लॉटरी प्रणाली है, जो मेघालय के खासी समुदाय की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी हुई है.
इस खेल में तीरंदाज निशाने पर तीर चलाते हैं और लगे हुए तीरों की संख्या के आधार पर नंबर घोषित किए जाते हैं. लोग इन नंबरों पर दांव लगाते हैं. पूर्वोत्तर भारत में यह प्रणाली बेहद लोकप्रिय है और हर दिन हजारों लोग इसमें भाग लेते हैं. खानापारा तीर ने इस इलाके को केवल असम ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर में एक अलग पहचान दी है.
राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मंच
खानापारा पिछले कुछ वर्षों में भाजपा के सबसे बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों का केंद्र रहा है. प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और कई केंद्रीय नेताओं की विशाल जनसभाएं यहां आयोजित हो चुकी हैं.
भाजपा के लिए पूर्वोत्तर में अपनी राजनीतिक पकड़ दिखाने का यह प्रमुख मंच बन चुका है. हिमंत बिस्वा सरमा का दूसरी बार यहां शपथ लेना भी एक राजनीतिक संदेश माना जा रहा है कि भाजपा पूर्वोत्तर में अपनी स्थिति और मजबूत मान रही है.
सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों का केंद्र
खानापारा केवल राजनीति तक सीमित नहीं है. यहां हर साल व्यापार मेले, सांस्कृतिक उत्सव, एक्सपो और खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं. असम इंटरनेशनल ट्रेड फेयर जैसे कई बड़े आयोजन भी यहां हो चुके हैं. पूर्वोत्तर के कई राज्यों से लोग इन आयोजनों में भाग लेने आते हैं. इस वजह से खानापारा को “पूर्वोत्तर का सार्वजनिक आयोजन केंद्र” भी कहा जाता है.
क्यों ऐतिहासिक माना जा रहा है यह शपथ ग्रहण?
हिमंत बिस्वा सरमा का दूसरा शपथ ग्रहण केवल संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि भाजपा के लिए राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है. समारोह में कई केंद्रीय नेताओं, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और पूर्वोत्तर के राजनीतिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है.
ऐसे में खानापारा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है. यह इलाका अब केवल गुवाहाटी का हिस्सा नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत की राजनीति, संस्कृति और जनभावनाओं का प्रतीक बन चुका है.
असम विधानसभा चुनावों में एनडीए ने दो-तिहाई बहुमत हासिल किया था. भाजपा को 82 सीटें मिलीं, जबकि उसके सहयोगी असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट ने 126 सदस्यीय विधानसभा में 10-10 सीटें जीतीं.




