Himanta Biswa Sarma दूसरी बार बने असम मुख्यमंत्री, कौन हैं उनके 4 भरोसेमंद चेहरे, जिन्होंने ली मंत्री पद की शपथ
असम में हिमंता बिस्वा सरमा के साथ शपथ लेने वाले रामेश्वर तेली, अजंता नियोग, अतुल बोरा और चरण बोरो के राजनीतिक सफर को जानिए.
हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) दूसरी बार मुख्यमंत्री बन गए हैं. आज यानी १२ मई को उन्होंने सीएम पद की शपथ ली. उनके साथ चार नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली. इसे राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है. सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की नई सरकार में भाजपा के वरिष्ठ नेता रामेश्वर तेली और अजंता नियोग के अलावा सहयोगी दलों असम गण परिषद के अध्यक्ष अतुल बोरा तथा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के नेता चरण बोरो को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है. इन चारों नेताओं का राजनीतिक अनुभव और क्षेत्रीय प्रभाव असम की राजनीति में काफी अहम माना जाता है. कोई जनजातीय राजनीति का बड़ा चेहरा है तो कोई लंबे समय तक कांग्रेस और भाजपा दोनों में प्रभावशाली भूमिका निभा चुका है. वहीं सहयोगी दलों के नेताओं को शामिल कर भाजपा ने गठबंधन राजनीति को भी मजबूत संदेश देने की कोशिश की है.
1. रामेश्वर तेली
रामेश्वर तेली असम की जनजातीय राजनीति के बड़े चेहरों में गिने जाते हैं. वे लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं और डुलियाजन क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखते हैं. तेली केंद्र सरकार में खाद्य प्रसंस्करण और पेट्रोलियम मंत्रालय में राज्य मंत्री रह चुके हैं. उन्होंने लोकसभा और विधानसभा दोनों स्तर पर राजनीति की है. 2024 में उन्हें राज्यसभा भेजा गया था, लेकिन बाद में वे फिर सक्रिय राज्य राजनीति में लौटे. संगठन और प्रशासन दोनों में उनके अनुभव को भाजपा नेतृत्व काफी अहम मानता है. चाय जनजाति समुदाय में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है, जिसका असर ऊपरी असम की राजनीति में साफ दिखता है. माना जा रहा है कि नई सरकार में उन्हें महत्वपूर्ण विभाग मिल सकता है.
2. अजंता नियोग
अजंता नियोग असम की सबसे अनुभवी महिला नेताओं में शामिल हैं. वे लगातार छठी बार गोलाघाट सीट से विधायक चुनी गई हैं. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई सरकार में मंत्री भी रहीं. बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया और हिमंता बिस्वा सरमा के करीबी नेताओं में शामिल हो गईं. पिछली भाजपा सरकार में उन्होंने वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी और असम की पहली महिला वित्त मंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया था. प्रशासनिक समझ और वित्तीय मामलों पर उनकी पकड़ को देखते हुए पार्टी नेतृत्व उन पर लगातार भरोसा जताता रहा है. महिला नेतृत्व के रूप में भी उनकी मजबूत पहचान है.
3. अतुल बोरा
अतुल बोरा असम गण परिषद (AGP) के अध्यक्ष हैं और राज्य की क्षेत्रीय राजनीति में बड़ा नाम माने जाते हैं. छात्र राजनीति से उभरकर उन्होंने असम आंदोलन के दौर में अपनी मजबूत पहचान बनाई थी. वे लंबे समय से AGP का प्रमुख चेहरा रहे हैं और भाजपा के साथ गठबंधन राजनीति में अहम भूमिका निभाते रहे हैं. पिछली दोनों भाजपा सरकारों में वे कैबिनेट मंत्री रहे और कृषि समेत कई महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं. बोरा को असमिया क्षेत्रीय अस्मिता की राजनीति का अहम प्रतिनिधि माना जाता है. भाजपा नेतृत्व के साथ उनके अच्छे तालमेल की वजह से गठबंधन लगातार मजबूत बना हुआ है. नई सरकार में भी उनकी भूमिका अहम रहने की संभावना है.
4. चरण बोरो
चरण बोरो बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के वरिष्ठ नेता हैं और तीसरी बार माजबाट सीट से विधायक बने हैं. बोडो राजनीति में उनका मजबूत प्रभाव माना जाता है. पिछले साल अक्टूबर में उन्हें हिमंता सरकार में मंत्री बनाया गया था और अब दोबारा शपथ दिलाई जा रही है. भाजपा और बीपीएफ के बीच राजनीतिक तालमेल मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है. बोरो खास तौर पर बोडोलैंड क्षेत्र में संगठन और जनाधार दोनों स्तर पर प्रभाव रखते हैं. गठबंधन सरकार में उन्हें शामिल कर भाजपा ने साफ संकेत दिया है कि वह क्षेत्रीय सहयोगियों को साथ लेकर चलना चाहती है. उनकी मौजूदगी से बोडो बहुल इलाकों में NDA की पकड़ और मजबूत होने की उम्मीद है.




