BJP ने नहीं बदला चेहरा: Assam में फिर हिमंता सरमा की सरकार, शपथ ग्रहण समारोह में कौन होंगे खास मेहमान?
असम में BJP ने फिर हिमंता बिस्वा सरमा पर भरोसा जताया. 12 मई को CM पद की शपथ लेंगे, समारोह में PM मोदी, अमित शाह और NDA नेता शामिल होंगे.
असम विधानसभा चुनाव 2026 में प्रचंड जीत के बाद बीजेपी ने एक बार फिर हिमंता बिस्वा सरमा पर भरोसा जताया है. NDA विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया, जिसके बाद 12 मई को उनके दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कई बड़े NDA नेता शामिल हो सकते हैं.
क्या फिर हिमंता मॉडल पर भरोसा जता रही है बीजेपी?
असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के छह दिन बाद बीजेपी ने साफ कर दिया कि राज्य में नेतृत्व बदलने की कोई योजना नहीं है. गुवाहाटी में हुई NDA विधायक दल की बैठक में हिमंता बिस्वा सरमा को सर्वसम्मति से नेता चुना गया. इसके साथ ही उनका लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनना तय हो गया है.
बीजेपी ने 126 सदस्यीय विधानसभा में 82 सीटें जीतकर शानदार बहुमत हासिल किया है. वहीं सहयोगी दल AGP और BOPF ने 10-10 सीटें जीतकर NDA का आंकड़ा 102 तक पहुंचा दिया. यह जीत सिर्फ चुनावी सफलता नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर में बीजेपी के मजबूत होते राजनीतिक आधार का संकेत भी मानी जा रही है.
शपथ ग्रहण कब होगा और कौन-कौन रहेगा मौजूद?
हिमंता बिस्वा सरमा 12 मई को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. असम बीजेपी अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने बताया कि समारोह की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं और इसे ऐतिहासिक बनाने की कोशिश की जा रही है.
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे. इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, कई केंद्रीय मंत्री और NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में मौजूद रह सकते हैं. विधायक दल की बैठक में जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल हुए थे.
विपक्ष का प्रदर्शन कैसा रहा?
जहां NDA ने 102 सीटों के साथ मजबूत जीत दर्ज की, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ‘मित्रजोत’ को सिर्फ 19 सीटों पर संतोष करना पड़ा. रायजोर दल केवल 2 सीटें जीत सका, जबकि असम जातीय परिषद (AJP) खाता भी नहीं खोल पाई.
AIUDF को भी सिर्फ 2 सीटें मिलीं.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष BJP के संगठन, नेतृत्व और चुनावी रणनीति का मुकाबला करने में पूरी तरह विफल रहा. खासकर हिमंता सरमा की आक्रामक चुनाव शैली और क्षेत्रीय मुद्दों पर पकड़ बीजेपी के लिए निर्णायक साबित हुई.
क्या पूर्वोत्तर में और मजबूत होगी बीजेपी?
हिमंता बिस्वा सरमा को बीजेपी पूर्वोत्तर का सबसे प्रभावशाली चेहरा मानती है. उनके नेतृत्व में असम में लगातार दूसरी बार सरकार बनना बीजेपी के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी अब असम मॉडल को पूरे पूर्वोत्तर में और मजबूत करने की तैयारी में है. विकास, राष्ट्रवाद और क्षेत्रीय पहचान के संतुलन के जरिए पार्टी आने वाले वर्षों में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है. ऐसे में हिमंता की वापसी सिर्फ एक मुख्यमंत्री की ताजपोशी नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर में बीजेपी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा भी मानी जा रही है.




