नए साल पर सीएम हिमंता के बड़े फैसले, फिल्म से मिली जीएसटी Zubeen Garg के फाउंडेशन के नाम, सिंगर के लिए सरकार अपॉइंट करेगी स्पेशल प्रॉसिक्यूटर
नए साल की शुरुआत के साथ ही असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ज़ुबिन गर्ग से जुड़े मामले में दो अहम फैसलों का ऐलान कर दिया है. जहां दिवंगत सिंगर की आखिरी फिल्म से राज्य को मिली जीएसटी का अमाउंट उनके फाउंडेशन को दिया जाएगा.
असम के लोगों के लिए बीता साल दर्द और सवालों से भरा रहा. मशहूर सिंगर जुबिन गर्ग की रहस्यमयी मौत ने न सिर्फ म्यूजिक इंडस्ट्री को झकझोर दिया, बल्कि पूरे राज्य को सदमे में डाल दिया. नए साल की शुरुआत पर असम सरकार ने सिंगर से जुड़े दो अहम फैसलों का ऐलान किया है.
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पहला उनकी फिल्म से मिली जीएसटी उनके फाउंडेशन को दान की जाएगी. वहीं, दूसरा जुबिन गर्ग की मौत के मामले में सरकार स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर को हायर करेगी, ताकि इस मामले की सच्चाई सामने आए.
फिल्म से मिली जीएसटी अब फाउंडेशन के नाम
मुख्यमंत्री ने नए साल के मौके पर 'नतुन दिनेर अलाप' (एक नए दिन की बातचीत) नाम के इवेंट में प्रेस से बातचीत के दौरान बताया कि जुबिन गर्ग की आखिरी फिल्म ‘रोई रोई बिनाले’ से राज्य को जो जीएसटी के रूप में करीब 2.90 करोड़ रुपये की कमाई हुई है, जिसे अब ‘कालागुरु फाउंडेशन’ को दिया जाएगा. यह फाउंडेशन ज़ुबिन गर्ग के कला और सामाजिक योगदान को आगे बढ़ाने के मकसद से बनाई गई थी. सरकार का मानना है कि यह कदम उनके सपनों और सोच को जीवित रखने में मदद करेगा.
फिल्म ने कमाए थे इतने करोड़
रोई-रोई बिनाले फिल्म ने जमकर कमाई की थी. इस फिल्म में भारत में करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. जुबिन गर्ग की फिल्म असमिया सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की टॉप-10 में शामिल हो चुकी है. असमिया बॉक्स ऑफिस की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की बात करें तो इस सूची में पहले नंबर पर ‘बिदुर भाई’ का नाम दर्ज है, जिसने करीब 15.75 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड तोड़ कमाई की थी. दूसरे पायदान पर ‘भाइमोन दा’ है, जिसने 14.31 करोड़ रुपये का कारोबार कर जबरदस्त सफलता हासिल की. वहीं, तीसरे स्थान पर ‘श्री रघुपति’ मौजूद है, जिसने बॉक्स ऑफिस पर 13.81 करोड़ रुपये जुटाकर सुपरहिट का दर्जा पाया.
न्याय की दिशा में अगला बड़ा कदम
सरकार ने साफ कर दिया है कि वह सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं रहेगी. मुख्यमंत्री ने बताया कि ज़ुबिन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में जल्द ही एक स्पेशल लोक अभियोजक नियुक्त किया जाएगा. इसके लिए एक्सपीरियंस क्रिमिनल वकीलों से बातचीत चल रही है और जनवरी के पहले हिस्से में उसका नाम तय कर लिया जाएगा. सरकार चाहती है कि केस की पैरवी मजबूती से हो और न्याय की प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही न हो.





