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असम बॉर्डर पर घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम, BSF ने 14 लोगों को दबोचा, सीएम ने पोस्ट कर दी जानकारी

भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ की एक कोशिश को सुरक्षा बलों ने विफल कर दिया. मुख्यमंत्री के मुताबिक, असम पुलिस और बीएसएफ के जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए 14 लोगों को देश में अवैध रूप से दाखिल होने से रोक लिया.

असम बॉर्डर पर घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम, BSF ने 14 लोगों को दबोचा, सीएम ने पोस्ट कर दी जानकारी
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( Image Source:  x-@himantabiswa )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Published on: 16 May 2026 3:57 PM

असम में भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया. बीएसएफ और असम पुलिस की जॉइंट एक्शन में 14 लोगों को देश में अवैध तरीके से एंट्री करने से रोक लिया गया. इस पूरे मामले की जानकारी खुद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके दी.

सीएम ने कहा कि सीमा पर सुरक्षाबल पूरी तरह सतर्क हैं और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. उन्होंने जवानों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी मुस्तैदी की वजह से घुसपैठ की यह कोशिश सफल नहीं हो सकी. घटना के बाद सीमा सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने फिर सख्त संदेश दिया है.

सीमा पर पकड़े 14 घुसपैठिए

असम सीएम ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा 'हमारी सेनाएं सीमा पर पूरी तरह से सतर्क हैं और घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम कर रही हैं.@assampolice और @BSF_India के बहादुर जवानों ने 14 अवैध घुसपैठियों के एक समूह की पहचान की और उन्हें भारत में आने से रोका. हमारी चौकसी और संघर्ष जारी है.

सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी

हालांकि मुख्यमंत्री ने यह साफ नहीं किया कि यह घटना किस सीमा जिले में हुई, लेकिन उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है. असम पुलिस और सीमा सुरक्षा बल मिलकर लगातार निगरानी अभियान चला रहे हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके. मुख्यमंत्री का कहना है कि राज्य में गैरकानूनी तरीके से प्रवेश करने वालों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति लागू है. सरकार का मानना है कि अवैध घुसपैठ से राज्य की जनसंख्या संरचना और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो सकती हैं.

बांग्लादेश से लगती है लंबी सीमा

असम की अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश से लगती है, जिसकी कुल लंबाई करीब 263 किलोमीटर है. यह सीमा धुबरी, दक्षिण सलमारा-मांकाचर, श्रीभूमि और कछार जैसे जिलों से होकर गुजरती है. कई इलाकों में नदी और खुले भूभाग होने के कारण सीमा की निगरानी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है. इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां इन इलाकों में लगातार गश्त और निगरानी बढ़ा रही हैं. राज्य सरकार का कहना है कि सीमा सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और अवैध प्रवेश की हर कोशिश को सख्ती से रोका जाएगा.

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