पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया और बेहद बड़ा अध्याय जुड़ चुका है. बीजेपी ने राज्य की सत्ता पर कब्जा कर लिया है और तृणमूल कांग्रेस की करारी हार ने ममता बनर्जी की उस ‘अजेय’ छवि को गहरा झटका दिया है, जो पिछले कई वर्षों से बंगाल की राजनीति पर हावी थी. कभी सड़कों पर संघर्ष की प्रतीक मानी जाने वाली ममता आज विरोधियों ही नहीं, बल्कि अपनी ही पार्टी के भीतर उठ रहे सवालों से घिरी नजर आ रही हैं.