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सोना-चांदी खरीदने वालों को बड़ा झटका! सरकार ने अचानक बदले नियम, अब सिल्वर बार आयात पर सख्ती

केंद्र सरकार ने कुछ खास कैटेगरी की सिल्वर बार (Silver Bars) के आयात पर तत्काल प्रभाव से सख्ती लागू कर दी है. विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी नोटिफिकेशन में साफ कहा गया है कि अब 99.9 फीसदी शुद्धता वाली सिल्वर बार को 'फ्री' कैटेगरी से हटाकर “रिस्ट्रिक्टेड” कैटेगरी में डाल दिया गया है.

सोना-चांदी खरीदने वालों को बड़ा झटका! सरकार ने अचानक बदले नियम, अब सिल्वर बार आयात पर सख्ती
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( Image Source:  @beatsinbrief-X )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी4 Mins Read

Updated on: 16 May 2026 9:04 PM IST

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और लगातार बढ़ रहे आयात बिल के बीच भारत सरकार ने अब सोना-चांदी के आयात को लेकर बड़ा कदम उठाया है. केंद्र सरकार ने कुछ खास कैटेगरी की सिल्वर बार (Silver Bars) के आयात पर तत्काल प्रभाव से सख्ती लागू कर दी है. विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी नोटिफिकेशन में साफ कहा गया है कि अब 99.9 फीसदी शुद्धता वाली सिल्वर बार को 'फ्री' कैटेगरी से हटाकर “रिस्ट्रिक्टेड” कैटेगरी में डाल दिया गया है.

सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया संकट के कारण भारत का विदेशी मुद्रा खर्च तेजी से बढ़ रहा है. यही वजह है कि केंद्र सरकार अब गैर-जरूरी आयात को कम करने और कीमती धातुओं की खरीद पर नियंत्रण लगाने के मूड में दिखाई दे रही है. इससे पहले सरकार सोने और चांदी पर आयात शुल्क भी बढ़ा चुकी है.

आखिर सरकार ने सिल्वर बार आयात पर रोक जैसी सख्ती क्यों लगाई?

सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद देश में चांदी के आयात की बेहतर मॉनिटरिंग और रेगुलेशन करना है. नई नीति के तहत अब कुछ विशेष सिल्वर बार बिना अनुमति के आसानी से आयात नहीं किए जा सकेंगे. DGFT के नोटिफिकेशन के मुताबिक ये नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो चुके हैं. दरअसल, बीते कुछ महीनों में सोना-चांदी के आयात में तेजी देखने को मिली थी, जिससे भारत का आयात बिल बढ़ रहा था. ऐसे में सरकार विदेशी मुद्रा बचाने और गैर-जरूरी खर्च पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही है.

क्या सिर्फ चांदी ही नहीं, सोने पर भी सरकार ने कसा शिकंजा?

जी हां, सरकार ने सिर्फ सिल्वर बार पर ही नहीं बल्कि सोने के आयात नियमों को भी पहले से ज्यादा सख्त कर दिया है. एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत पहले ज्वेलरी एक्सपोर्टर्स को ड्यूटी फ्री गोल्ड इंपोर्ट की काफी छूट मिलती थी, लेकिन अब सरकार ने इसमें 100 किलो की सीमा तय कर दी है. इतना ही नहीं, गोल्ड इंपोर्ट के लिए एडवांस ऑथराइजेशन जारी करने और उसकी निगरानी के नियम भी कड़े कर दिए गए हैं. पहले इस स्कीम के तहत सोने के आयात की कोई तय सीमा नहीं थी.

सोना-चांदी पर कितना बढ़ा इंपोर्ट ड्यूटी?

सरकार ने सोना और चांदी पर आयात शुल्क में भी बड़ा इजाफा किया है. 13 मई से लागू नए नियमों के मुताबिक-

  • सोना और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी गई है.
  • प्लैटिनम पर ड्यूटी 6.4% से बढ़ाकर 15.4% कर दी गई है.
  • गोल्ड-सिल्वर डोरे, कॉइन्स और अन्य संबंधित आइटम्स पर भी बदलाव लागू किए गए हैं.
  • सरकार का मानना है कि इससे गैर-जरूरी खरीदारी कम होगी और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटेगा.

क्या पीएम मोदी की अपील के बाद लिया गया ये बड़ा फैसला?

दिलचस्प बात यह है कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के कुछ ही दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने लोगों से गैर-जरूरी खर्च कम करने और सोने की खरीद पर नियंत्रण रखने की बात कही थी. सरकार अब विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कई स्तरों पर सख्ती करती दिखाई दे रही है.

आम लोगों और बाजार पर क्या असर पड़ेगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि आयात नियम सख्त होने और ड्यूटी बढ़ने से आने वाले दिनों में सोना-चांदी महंगे हो सकते हैं. ज्वेलरी बाजार पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है. वहीं, सिल्वर बार के कारोबारियों और बड़े आयातकों को अब अतिरिक्त अनुमति और निगरानी का सामना करना पड़ सकता है.

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