3 मैचों में महज एक छक्का, IPL खत्म होते ही Vaibhav Sooryavanshi के बल्ले को लगी जंग! श्रीलंका में ऐसा रहा हाल
जैसे ही आईपीएल खत्म हुआ और वैभव सूर्यवंशी श्रीलंका में ट्राई सीरीज खेलने आए उनके बल्ले को जंग सी लग गई. तीन मैचों के बाद उनके बल्ले से महज 1 छक्का देखने को मिला है और कोई अर्धशतक वे लगा नहीं पाए हैं.
Vaibhav Sooryavanshi again flop
Tri Nation A Series : आईपीएल 2026 में एक नाम खूब गूंजा और वो है 15 साल के विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का. इस बल्लेबाज ने वर्ल्ड के दिग्गज गेंदबाजों को आड़े लेते हुए पहली गेंद पर चौका और छक्के लगाने की जो रीत बनाई है उसकी मानों फैंस को आदत सी हो गई, लेकिन जैसे ही आईपीएल खत्म हुआ और वैभव सूर्यवंशी श्रीलंका में ट्राई सीरीज खेलने आए उनके बल्ले को जंग सी लग गई.
इन दिनों श्रीलंका में इंडिया ए, अफगानिस्तान और श्रीलंका के बीच ट्राई नेशन ए सीरीज खेली जा रही है. इस सीरीज में इंडिया ए की कप्तानी तिलक वर्मा कर रहे हैं और वैभव सूर्यवंशी टीम का हिस्सा है, लेकिन अभी तक इस दौरे पर उनका बल्ला खामोश दिखा है. अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि 3 मैचों में वैभव अब तक महज एक ही छक्का लगा पाए हैं.
3 मैचों में कैसा रहा वैभव का प्रदर्शन?
इस सीरीज में वैभव सूर्यवंशी अभी तक 3 मैचों में बल्लेबाजी कर चुके हैं. पहला मुकाबला श्रीलंका के साथ खेला गया था. इस मैच में बल्लेबाजी करते हुए वैभव ने 12 गेंदों पर महज 14 रन बनाए थे, जिसमें 3 चौके शामिल थे. इसके बाद दूसरे मैच में वैभव अफगानिस्तान के खिलाफ अच्छी लय में जरूर दिखाई दिए थे, लेकिन फिर से जल्दी आउट हुए.
अफगानिस्तान के खिलाफ वैभव के बल्ले से 22 गेंदों पर 44 रनों की पारी खेली थी. इस पारी में उन्होंने 9 चौके लगाए थे, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 200 का रहा था. वहीं तीसरे मैच में 8 श्रीलंका के खिलाफ वैभव एकबार फिर से फ्लॉप साबित हुए. इस मैच में वैभव ने 14 गेंदों पर 21 रनों की पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 1 छक्का लगाया.
क्यों बढ़ सकती है मुश्किल?
इसमें कोई दो राय नहीं है कि वैभव टीम इंडिया के फ्यूचर स्टार हैं और बेहद कम उम्र में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का लोहा वर्ल्ड क्रिकेट में मनवा लिया है. लेकिन वनडे फॉर्मेट में भी टी20 वाली आक्रामकता उनकी थोड़ी टेंशन बढ़ा सकती है. ऐसे में उनको वनडे में खुद को पिच पर थोड़ा समय देना होगा, जिससे वे बड़ी पारी टीम के लिए खेल सके. टी20 में 30 या 40 रनों का योगदान काफी अच्छा माना जाता है लेकिन वनडे में ये बेहद कम है और वो भी जब आप पिच पर समय भी कम बिता रहे हैं.




