मिलिए चोटिल टीम इंडिया की प्लेइंग 11 से, कप्तान से लेकर ऑलराउंडर्स और स्पिनर्स तक, सब हैं मौजूद
टीम इंडिया के 13 खिलाड़ी इस समय चोट या सर्जरी के बाद रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे हैं. इनमें बुमराह, हार्दिक, साई सुदर्शन, वॉशिंगटन सुंदर, आकाशदीप और रियान पराग जैसे खिलाड़ी शामिल हैं. आइए जानते हैं चोटिल खिलाड़ियों की प्लेइंग 11 के बारे में...
भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज की तैयारी कर रही है, लेकिन उससे पहले खिलाड़ियों की चोट ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है. शुभमन गिल से लेकर जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या तक कई बड़े नाम इस समय फिटनेस से जुड़ी चुनौतियों से गुजर रहे हैं. एक समय भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत खिलाड़ी पूल माना जाता था. जरूरत पड़ने पर एक खिलाड़ी के बाहर होने पर उसकी जगह लेने के लिए कई विकल्प मौजूद रहते थे... लेकिन पिछले कुछ समय में तस्वीर बदलती दिख रही है.
लगातार चोटों के कारण गेंदबाजों, ऑलराउंडरों और कुछ बल्लेबाजों की उपलब्धता प्रभावित हुई है. Jagran की रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में इस समय टीम इंडिया के मौजूदा सेटअप या भविष्य की योजनाओं से जुड़े 13 खिलाड़ी अपनी-अपनी चोट से उबरने की प्रक्रिया में हैं.
आइए, जानते हैं कि चोटिल खिलाड़ियों की प्लेइंग 11 में कौन-कौन शामिल हैं और उनकी चोट पर ताजा अपडेट क्या है...
1. जसप्रीत बुमराह- बाएं घुटने की समस्या
- भारतीय तेज गेंदबाजी के सबसे बड़े हथियार जसप्रीत बुमराह इस समय बाएं घुटने के जोड़ में सिनोवाइटिस की समस्या से जूझ रहे हैं. इसका मतलब है कि घुटने के जोड़ में सूजन और तरल पदार्थ जमा होने की समस्या सामने आई.
- इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे से बाहर होने के बाद बुमराह 30 जुलाई को COE पहुंचे थे. इससे पहले 20 जुलाई को उनके घुटने से तरल पदार्थ निकाला गया था और जोड़ में लुब्रिकेंट इंजेक्शन भी दिया गया था.
- रिहैब के दौरान मैदान पर जॉगिंग करते हुए उन्हें परेशानी महसूस हुई. एक पैर पर किए जाने वाले मूवमेंट की जांच में भी समस्या सामने आई. इसी वजह से उन्हें श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर कर दिया गया है.
- फिलहाल बुमराह को धीरे-धीरे अपनी ताकत और कंडीशनिंग वापस हासिल करनी होगी. इसके बाद गेंदबाजी और मैच से जुड़े कौशल अभ्यास का लोड बढ़ाया जाएगा. उनकी वापसी की कोई निश्चित तारीख अभी नहीं दी गई है.
2. हार्दिक पांड्या- क्वाड्रिसेप्स चोट के बाद रिहैब
- मुंबई इंडियंस की कप्तानी करने वाले हार्दिक पांड्या रिहैबिलिटेशन में अच्छी प्रगति कर रहे हैं. उन्होंने स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग के साथ गेंदबाजी से जुड़े अभ्यास भी शुरू कर दिए थे.
- वह करीब 80-90 प्रतिशत तीव्रता से गेंदबाजी तक पहुंच गए थे और सप्ताह में 12-15 ओवर तक गेंदबाजी कर रहे थे... लेकिन इसी दौरान उनकी दाईं पिंडली में दर्द हुआ.
- जांच में कोई गंभीर चोट नहीं मिली, फिर भी एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए रनिंग और गेंदबाजी रोक दी गई.
- दर्द कम होने के बाद हार्दिक ने दोबारा रनिंग शुरू कर दी है और शरीर बढ़ते हुए वर्कलोड को अच्छी तरह संभाल रहा है.
- COE ने 10 अगस्त से उनका ‘Return to Bowling’ कार्यक्रम दोबारा शुरू करने की योजना बनाई है. इसके बाद धीरे-धीरे गेंदबाजी का भार बढ़ाया जाएगा.
3. नीतीश कुमार रेड्डी- बाईं जांघ की क्वाड्रिसेप्स चोट
नीतीश कुमार रेड्डी की रिकवरी भी सही दिशा में आगे बढ़ रही है. वह अब ‘Return to Skills’ चरण में पहुंच चुके हैं. पिछले सप्ताह उन्होंने 60-70 प्रतिशत तीव्रता से गेंदबाजी की और पूरे सप्ताह में कुल 16 ओवर का गेंदबाजी कार्यभार पूरा किया. वह तेज गति से दौड़ने का अभ्यास भी कर रहे हैं और स्ट्रेंथ-कंडीशनिंग प्रोग्राम जारी है. अगले चरण में उनकी गेंदबाजी की गति और वर्कलोड धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा. अभी तक उनकी रिकवरी को सकारात्मक माना जा रहा है.
4. साई सुदर्शन - दाएं पैर में स्ट्रेस रिएक्शन
- साई सुदर्शन ने बल्लेबाजी और फील्डिंग की प्रैक्टिस शुरू कर दी है. वह नेट्स में करीब 75 मिनट तक बल्लेबाजी कर चुके हैं.
- कंडीशनिंग अभ्यास के दौरान वह 24 किलोमीटर प्रति घंटे की गति तक दौड़ भी चुके हैं... लेकिन अभी पूरी तरह फिट घोषित किए जाने से पहले एक समस्या पर नजर रखी जा रही है. प्रभावित पैर के अंगूठे में उन्हें अभी भी दर्द महसूस होता है.
- COE यह भी देख रहा है कि बल्लेबाजी और रनिंग के बाद दर्द कितनी देर तक रहता है.
- योजना के मुताबिक, सुदर्शन को लगातार दो दिन लंबे बल्लेबाजी, रनिंग और फील्डिंग सेशन कराए जाएंगे. इसके बाद MRI स्कैन के आधार पर आगे की स्थिति तय होगी.
5. हर्षित राणा- दाईं हैमस्ट्रिंग की चोट
हर्षित राणा 20 जुलाई को COE पहुंचे थे और उनकी रिकवरी में अच्छी प्रगति हुई है. रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने अपनी रिकवरी रणनीति और शरीर के वजन से जुड़े लक्ष्यों में सुधार किया है. कंडीशनिंग एक्सरसाइज के साथ भी उनका तालमेल अच्छा है. अब उनका फोकस ताकत, फुर्ती और शरीर की चोट सहने की क्षमता बढ़ाने पर है. इसके साथ ही उनका कौशल आधारित अभ्यास शुरू करके धीरे-धीरे वर्कलोड बढ़ाया जाएगा.
6. वाशिंगटन सुंदर- दाईं हैमस्ट्रिंग
वाशिंगटन सुंदर की रिकवरी भी अच्छी चल रही है. वह जॉगिंग शुरू कर चुके हैं और इस समय करीब 17 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से कंडीशनिंग कर रहे हैं. उनकी ताकत, बैलेंस और शरीर के मूवमेंट को नियंत्रित करने की क्षमता में सुधार हुआ है. आने वाले सप्ताहों में स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग का भार बढ़ेगा. इसके बाद एजिलिटी और तेजी से दिशा बदलने वाले अभ्यास कराए जाएंगे. इसके साथ उनका क्रिकेट स्किल ट्रेनिंग भी धीरे-धीरे शुरू किया जाएगा. हालांकि अभी उनकी वापसी की कोई पक्की तारीख नहीं है.
7. वरुण चक्रवर्ती - बाईं हैमस्ट्रिंग
स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने भी COE में रिहैब के दौरान अच्छी प्रगति की है. वह फिलहाल छह ओवर की स्पॉट गेंदबाजी कर रहे हैं. अगले चरण में उन्हें बल्लेबाजों के सामने आठ ओवर तक गेंदबाजी कराने की योजना है. उनकी कंडीशनिंग भी बेहतर हुई है और वह मैदान पर किए जा रहे अभ्यासों को अच्छी तरह पूरा कर रहे हैं. आने वाले समय में तेज रनिंग, अचानक दिशा बदलने और बढ़ते स्ट्रेंथ वर्कलोड पर उनकी बॉडी की प्रतिक्रिया देखी जाएगी. इसके बाद उन्हें पूरी गेंदबाजी की तरफ ले जाया जाएगा.
8. आकाश दीप- लोअर बैक में स्ट्रेस फ्रैक्चर
आकाशदीप की रिकवरी भी सकारात्मक दिशा में है. वह ‘Return to Play’ कार्यक्रम को अच्छी तरह फॉलो कर रहे हैं. वर्तमान में वह 70-80 प्रतिशत तीव्रता से गेंदबाजी कर रहे हैं. उनका साप्ताहिक गेंदबाजी लोड करीब 19 ओवर तक पहुंच गया है. अब आने वाले सप्ताहों में गेंदबाजी का भार चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा. साथ ही फील्डिंग और बल्लेबाजी गतिविधियां भी धीरे-धीरे बढ़ेंगी. इसका मतलब है कि आकाशदीप अब शुरुआती रिहैब चरण से निकलकर क्रिकेट से जुड़े वास्तविक वर्कलोड की तरफ बढ़ रहे हैं.
9. रियान पराग- कंधे की सर्जरी के बाद रिकवरी
आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करने वाले रियान पराग दाएं कंधे की सर्जरी के बाद रिहैब कर रहे हैं. उनके कंधे की मूवमेंट और ताकत में सुधार हुआ है. एक अहम उपलब्धि यह है कि अब उन्हें स्लिंग पहनने की जरूरत नहीं है. संतोषजनक सुधार के बाद उन्होंने व्यवस्थित स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग प्रोग्राम शुरू कर दिया है. हालांकि अभी बल्लेबाजी, गेंदबाजी या थ्रोइंग शुरू करने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है. पहले कंधे की ताकत और मूवमेंट को सामान्य स्तर तक लाया जाएगा और उसके बाद क्रिकेट स्किल्स पर काम शुरू होगा.
10. अशोक शर्मा - कमर और पसली में फ्रैक्चर
अशोक शर्मा की चोट इस लिस्ट के गंभीर मामलों में शामिल है. जिंबाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 के बाद उनकी कमर के बाएं हिस्से में अचानक तेज ऐंठन हुई. शुरुआती इलाज और चार दिन आराम के बावजूद परेशानी बनी रही. 31 जुलाई को COE पहुंचने के बाद उनकी कमर और वक्षीय रीढ़ की MRI और CT स्कैन कराई गई. जांच में बाएं L1 pars interarticularis में acute stress fracture और बाईं 11वीं पसली में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई. फिलहाल वह चोट के शुरुआती चरण में हैं. फ्रैक्चर को भरने के लिए उन्हें करीब चार सप्ताह पूर्ण आराम की जरूरत होगी. इसके बाद ही चरणबद्ध स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कार्यक्रम शुरू होगा।
11. सुयश शर्मा - दोनों घुटनों में समस्या
सुयश शर्मा लगातार दाएं घुटने में दर्द के बाद 6 जुलाई को COE पहुंचे थे. जांच में दोनों घुटनों में patellar insertional tendinopathy सामने आई. शुरुआत में गेंदबाजी में वापसी का कार्यक्रम अपनाया गया, लेकिन दर्द में अपेक्षित सुधार नहीं आया. इसके बाद 28 जुलाई को उन्हें PRP इंजेक्शन दिया गया. अब उनका मुख्य फोकस धीरे-धीरे घुटनों की ताकत बढ़ाने पर है. इसके बाद प्रभाव वाले अभ्यास और अंत में गेंदबाजी की तरफ वापसी कराई जाएगी.
युद्धवीर सिंह और हिमांशु सिंह भी चोटिल
इसके अलावा, अगर 2 अन्य चोटिल खिलाड़ियों की बात करें तो उसमें युद्धवीर सिंह और हिमांशु सिंह शामिल हैं. युद्धवीर सिंह के दाएं कंधे में अब पहले से काफी सुधार है. कंधे की परेशानी कम हुई है और वह विशेष रिहैब एक्सरसाइज के साथ पूरे शरीर की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग कर रहे हैं. अभी लक्ष्य कंधे को मजबूत करने के साथ शरीर की कुल ताकत और कार्यक्षमता बढ़ाना है. आने वाले सप्ताहों में कंधे की सहनशीलता और बढ़ते वर्कलोड पर उसकी प्रतिक्रिया देखी जाएगी. फिलहाल उनकी कौशल अभ्यास या पूरी गेंदबाजी में वापसी की कोई निश्चित समयसीमा नहीं है.
मुंबई के गेंदबाज हिमांशु सिंह की स्थिति में भी काफी सुधार हुआ है. उन्होंने 28 जुलाई से 50-60 प्रतिशत तीव्रता पर स्पॉट गेंदबाजी शुरू कर दी थी और उस दौरान किसी परेशानी की शिकायत नहीं की. अब उनकी गेंदबाजी की तीव्रता और कुल ट्रेनिंग लोड धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा. अगर उनका घुटना बढ़ते वर्कलोड को इसी तरह संभालता रहा तो वह चरणबद्ध तरीके से पूरी गेंदबाजी की तरफ लौट सकते हैं.
सबसे बड़ी चिंता क्या है?
इन 13 खिलाड़ियों की स्थिति एक जैसी नहीं है. कुछ खिलाड़ी लगभग स्किल ट्रेनिंग और गेंदबाजी की वापसी के चरण में हैं, जबकि अशोक शर्मा जैसे खिलाड़ियों को अभी लंबा आराम करना होगा. बुमराह के मामले में भी वापसी की कोई निश्चित तारीख नहीं है. सबसे अहम बात यह है कि रिहैब में होना और मैच के लिए फिट होना एक ही चीज नहीं है.
खिलाड़ी को पहले दर्द और चोट से उबरना होता है, फिर ताकत और कंडीशनिंग हासिल करनी होती है, उसके बाद क्रिकेट स्किल्स और मैच-जैसे वर्कलोड को शरीर से करवाया जाता है. यही वजह है कि COE किसी खिलाड़ी को जल्दबाजी में मैदान पर भेजने के बजाय चरणबद्ध तरीके से उसकी वापसी कर रहा है.




