क्या बाबर आजम ने इरफान पठान को 2023 वर्ल्ड कप के दौरान इंटरव्यू देने से मना किया था? पूर्व ऑलराउंडर ने बताया वायरल दावे का सच
इरफान पठान ने बताया कि 2023 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान उनके नाम से बाबर आजम को लेकर एक झूठी खबर वायरल हुई थी. दावा किया गया था कि बाबर ने उन्हें देने से इसलिए मना कर दिया क्योंकि वह पाकिस्तान को ट्रोल करते हैं... जबकि असल में तस्वीर को एडिट करके इरफान का चेहरा लगाया गया था
Irfan Pathan और Babar Azam
सोशल मीडिया के दौर में किसी तस्वीर या खबर का वायरल होना कुछ ही मिनटों का काम है, लेकिन जब वायरल कंटेंट फर्जी हो, तो उसका असर संबंधित व्यक्ति की छवि पर भी पड़ सकता है. पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने ऐसा ही एक अनुभव साझा किया है.
इरफान ने बताया कि 2023 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान उनके नाम से बाबर आजम को लेकर एक फर्जी खबर फैलाई गई थी. एक पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट की खबर में दावा किया गया था कि वे बाबर का इंटरव्यू लेने पहुंचे थे, लेकिन पाकिस्तानी बल्लेबाज ने उन्हें इंटरव्यू देने से मना कर दिया.... क्योंकि इरफान पाकिस्तान को ट्रोल करते हैं. हालांकि इरफान के मुताबिक यह पूरी कहानी झूठी थी.
इरफान ने JioHotstar पर बातचीत के दौरान बताया कि फर्जी खबर को सही दिखाने के लिए एक तस्वीर के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी. उनके मुताबिक, तस्वीर में असल व्यक्ति कोई और था. वह एक युवा बांग्लादेशी रिपोर्टर था, जो पहली बार मैदान पर पहुंचा था और उसने बाबर आजम से इंटरव्यू लेने की कोशिश की थी, लेकिन उसे इंटरव्यू नहीं मिल पाया. इसके बाद किसी ने कथित तौर पर उस तस्वीर में रिपोर्टर के शरीर पर इरफान पठान का चेहरा लगा दिया और तस्वीर के आधार पर पूरी कहानी फैला दी.
फर्जी खबर को मिले लाखों व्यूज
इरफान ने बताया कि यह फर्जी कहानी देखते ही देखते काफी वायरल हो गई और इसे 10 लाख से ज्यादा व्यूज मिले. सबसे बड़ी समस्या यह थी कि बहुत से लोगों ने इसे सच मान लिया. उन्होंने कहा कि उनके नाम से या किसी खिलाड़ी के नाम से रोजाना कोई न कोई झूठी बात फैलाई जाती है. हर चीज पर सफाई देने लगें तो अपनी जिंदगी जीना मुश्किल हो जाएगा.
इरफान बोले- हर बात का जवाब देना जरूरी नहीं
इरफान ने फेक न्यूज और ऑनलाइन ट्रोलिंग की समस्या पर बात करते हुए कहा कि ऐसी झूठी खबरें और गलत एट्रिब्यूशन रोज होते हैं. उनका मानना है कि हर अफवाह का जवाब देना जरूरी नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति हर झूठी पोस्ट या टिप्पणी का जवाब देने लगे तो वह लगातार उसी में उलझा रहेगा. इसलिए उन्होंने ऐसे मामलों में प्रतिक्रिया देने के बजाय आगे बढ़ने का फैसला किया.




