घरेलू मैदान पर टेस्ट में क्लीन स्वीप, श्रीलंका में गंवाई ODI सीरीज और अब इंग्लैंड ने दी T20I की सबसे बड़ी हार, सवालों के घेरे में गौतम गंभीर
इंग्लैंड के खिलाफ 76 रन पर ऑलआउट होने के बाद टेस्ट, वनडे और टी20 में लगातार मिल रही ऐतिहासिक हारों ने टीम इंडिया और गौतम गंभीर के कार्यकाल पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
ईशान किशन के साथ गौतम गंभीर
गौतम गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया लगातार हार का सामना कर रही है. 7 जुलाई को नॉटिंघम में खेले गए तीसरे टी-20 मैच में भारत को इंग्लैंड ने 125 रन के विशाल अंतर से हराया, जो उसकी टी-20 इंटरनेशनल में सबसे बड़ी हार है. भारतीय टीम के सामने अब सीरीज हार का खतरा मंडराने लगा है.
आयरलैंड के हाथों 2 मैचों की टी-20 सीरीज हारने के बाद अब इंग्लैंड के खिलाफ भी भारत सीरीज हारने की कगार पर पहुंच गया है. सूर्यकुमार यादव को हटाकर जब से श्रेयस अय्यर कप्तान बने हैं, टीम इंडिया के सितारे गर्दिश में चल रहे हैं. टीम अभी तक एक भी जीत नहीं दर्ज कर सकी है.
भारतीय क्रिकेट टीम के सामने खड़े हुए कई बड़े सवाल
इंग्लैंड के खिलाफ 125 रन से मिली हार ने भारतीय क्रिकेट टीम के सामने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. यह सिर्फ एक मैच की हार नहीं थी, बल्कि हाल के महीनों में टीम इंडिया के लगातार गिरते प्रदर्शन की एक और बड़ी मिसाल बन गई. इस मुकाबले में भारत ने कई ऐसे रिकॉर्ड अपने नाम किए, जिन्हें कोई भी टीम अपने इतिहास में दर्ज नहीं कराना चाहेगी.
इंग्लैंड ने भारत के सामने 202 रन का लक्ष्य रखा था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजी शुरुआत से ही पूरी तरह बिखर गई. पावरप्ले के अंदर ही पांच विकेट गिर गए और पूरी टीम सिर्फ 11.4 ओवर में 76 रन पर सिमट गई. यह भारत का टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरा सबसे कम स्कोर है. इसके साथ ही भारत को 125 रन से हार का सामना करना पड़ा, जो पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रन के हिसाब से उसकी सबसे बड़ी हार है. पहली बार भारत किसी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 100 से अधिक रन के अंतर से हारा और पहली बार पावरप्ले में पांच विकेट गंवाने पड़े.
सिर्फ T20 नहीं, हर फॉर्मेट में झटके
- भारत की यह हार इसलिए भी चिंता बढ़ाती है, क्योंकि पिछले कुछ समय से भारत लगातार ऐसे रिकॉर्ड बना रहा है जो टीम की गिरती स्थिति की ओर इशारा करते हैं.
- टेस्ट क्रिकेट में भारत को 12 साल बाद घरेलू टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद न्यूजीलैंड ने भारत को 3-0 से क्लीन स्वीप किया, जो तीन या उससे अधिक मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज में भारत के इतिहास का पहला व्हाइटवॉश था.
- इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 408 रन की हार भारत की घरेलू टेस्ट क्रिकेट में रन के लिहाज से सबसे बड़ी हार बन गई.
- वनडे क्रिकेट में भी भारत को श्रीलंका के खिलाफ 27 साल बाद द्विपक्षीय सीरीज गंवानी पड़ी. इस हार ने बल्लेबाजी, स्पिन खेलने की क्षमता और टीम की रणनीति पर सवाल खड़े किए.
क्या बढ़ रहा है दबाव?
- लगातार मिल रही ऐसी हारों के बाद गौतम गंभीर के कार्यकाल पर चर्चा तेज हो गई है. हालांकि किसी एक हार या हर खराब शॉट के लिए केवल कोच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. खिलाड़ियों, कप्तान और चयनकर्ताओं की भी बराबर जिम्मेदारी होती है, लेकिन टीम की दिशा तय करने की जिम्मेदारी मुख्य कोच की होती है.
- मौजूदा दौर में भारत की सबसे बड़ी समस्या सिर्फ हार नहीं, बल्कि हार का तरीका बन गया है. दबाव के समय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखरती नजर आ रही है और टीम के पास मुश्किल हालात से बाहर निकलने की स्पष्ट योजना दिखाई नहीं देती.
- इंग्लैंड के खिलाफ 76 रन पर ऑलआउट होना इसी कमजोरी का सबसे बड़ा उदाहरण माना जा रहा है.
- शुरुआती विकेट गिरने के बाद भारत ने पारी संभालने की कोशिश भी नहीं की और पूरी टीम कुछ ही ओवरों में ढह गई.
अब आगे क्या होगा?
भारतीय टीम के पास अभी भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन लगातार बन रहे नकारात्मक रिकॉर्ड यह संकेत दे रहे हैं कि केवल प्रतिभा के भरोसे आगे बढ़ना मुश्किल होगा. यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो यह दौर भारतीय क्रिकेट के सबसे कठिन दौरों में गिना जा सकता है.




